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ऑपरेशन सिंदूर के हीरो का प्रमोशन, बने डिप्टी चीफ

पाकिस्तान को ऑपरेशन सिंदूर में धूल चटाने और पाकिस्तानी डीजीएम को गिड़गिड़ाने के लिए मजबूर करने वाले लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई का प्रमोशन किया गया है. सेना में उत्तम युद्ध सेवा मेडल (यूवाईएसएम) के बाद डीजीएमओ राजीव घई को उप सेना प्रमुख (रणनीति) के पद पर पदोन्नत किया गया है. इसके साथ ही राजीव घई डीजीएमओ का कार्यभार भी संभालते रहेंगे.

डिप्टी चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ (स्ट्रेटेजी) पर राजीव घई का प्रमोशन

भारतीय सेना के डीजीएमओ लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई को डिप्टी चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ (स्ट्रेटेजी) के पद पर पदोन्नत किया गया है.

लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई महानिदेशक सैन्य संचालन का पदभार भी बनाए रखेंगे. प्रमोशन के बाद डिप्टी चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ (रणनीति) के रूप में, वे महानिदेशक सैन्य संचालन, महानिदेशक सैन्य खुफिया, महानिदेशक संचालन लॉजिस्टिक्स और महानिदेशक सूचना युद्ध के कार्यों की देखरेख करेंगे.

डिप्टी चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ की भूमिका भारतीय सेना के प्रधान स्टाफ अधिकारी के रूप में कार्य करना है, और यह एक थ्री-स्टार रैंक की नियुक्ति है. आपको बता दें कि भारतीय सेना में तीन डिप्टी चीफ के पद हैं.  ले. जनरल घई इन तीन डिप्टी चीफ में से एक बनाए गए हैं. 

सेना में उत्तम युद्ध सेवा मेडल से हुए सम्मानित

पिछले सप्ताह ही रक्षा अलंकरण समारोह में खुद राष्ट्रपति (और सशस्त्र सेनाओं की सुप्रीम कमांडर) द्रौपदी मुर्मू ने ले. जनरल घई को यूवाईएसएम मेडल से सम्मानित किया था. 

ऑपरेशन सिंदूर पार्ट-2 (9-10 मई) के बाद भारतीय सेना द्वारा आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को ले. जनरल घई ने संबोधित किया था. इस दौरान, पाकिस्तान में हुए नुकसान को उन्होंने 70 के दशक की क्रिकेट सीरीज की एशेज टू एशेज, डस्ट टू डस्ट से तुलना की थी.

राजीव घई ने सख्त और क्लियर मैसेज पाकिस्तान को दिया था कि अगर हिमाकत की तो भारतीय सेना रुकने वाली नहीं. 

कुआऊं रेजिमेंट से जुड़े अधिकारी हैं लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई

लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने डीजीएमओ का पद अक्टूबर 2024 में संभाला था. डीजीएमओ के पद से पहले, ले. घई श्रीनगर स्थित चिनार कोर (15 कोर) के कमांडिंग इन चीफ के पद पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं. चिनार कोर कश्मीर में ऑपरेशन के लिए भारतीय सेना की इकाई है.

राजीव घई मूलतः कुमाऊं रेजिमेंट से जुड़े इन्फेंट्री अधिकारी हैं और उन्हें अति विशिष्ट सेवा मेडल से भी सम्मानित किया जा चुका है. राजीव घई के पास  तीन दशकों से अधिक की विशिष्ट सैन्य सेवा है, जिसमें विशेष रूप से जम्मू और कश्मीर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में परिचालन, कमान और स्टाफ असाइनमेंट शामिल हैं.

जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद विरोधी अभियानों के लिए तैनात एक डिवीजन में कर्नल जनरल स्टाफ और सेना मुख्यालय में सैन्य संचालन निदेशालय में ब्रिगेडियर जैसे कुछ सबसे प्रतिष्ठित पदों पर काम किया है. राजीव घई ने पश्चिमी क्षेत्र में एक बटालियन, एक ब्रिगेड और उत्तरी सीमाओं पर एक डिवीजन की कमान भी संभाल चुके हैं. 

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