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पाकिस्तान को मिलेगा Stealth फाइटर जेट, चीन से J-35 का किया सौदा

चीन के साथ मिलकर पाकिस्तान अपनी सैन्य ताकत को लगातार बढ़ाने की जुगत में जुटा है. नौसेना के लिए चीन से जंगी जहाज और पनडुब्बी लेने के बाद अब खबर है कि पाकिस्तान ने चीनी स्टील्थ फाइटर जेट जे-35 का सौदा किया है.

हालांकि, ये साफ नहीं है कि सौदे के तहत पाकिस्तान कितने चीनी जे-35 खरीद रहा है, लेकिन अगले 24 महीने में डिलीवरी शुरु हो जाएगी.

पिछले महीने ही चीन ने दुनिया के सामने अपने दूसरे स्टील्थ फाइटर जेट जे-35 ‘शेनयांग’ को पेश किया था. फीफ्थ जेनरेशन एयरक्राफ्ट -35 को चीन ने ‘ज़ुहाई एयर शो’ (12-17 नवंबर) में आधिकारिक तौर से पेश किया था.

चीन अपने जे-35 को अमेरिका के एफ-35 के मुकाबले मैदान में उतारना चाहता है. हाल ही में रूस का नया सु-57 स्टेल्थ (स्टील्थ) फाइटर जेट भी चीन पहुंचा था. सु-57 ने भी ज़ुहाई एयर शो में हिस्सा लिया था.

ज़ुहाई एयर शो से पहले जे-35 की आसमान में उड़ान भरते हुए तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर साझा कर चीन ने पाकिस्तान जैसे देशों को एक्सपोर्ट करने की मंशा भी जाहिर कर दी थी. एयर शो के दौरान ही माना जा रहा था कि जे-35ए को चीन, मित्र-देशों को निर्यात करेगा.

पाकिस्तानी वायुसेना पहले से ही चीन के जेएफ-17 और जे-10 फाइटर जेट इस्तेमाल करती है. जे-35 के शामिल होने से पाकिस्तानी वायुसेना की ताकत में काफी इजाफा होने का अंदेशा है. माना जा रहा है कि पाकिस्तानी फाइटर पायलट ने चीन में जे-35 पर ट्रेनिंग लेनी शुरू कर दी है.

पाकिस्तान ने टर्की (तुर्किए) से भी आधुनिक कॉम्बैट ड्रोन बायरेक्टर खरीदे हैं और भारत की सीमा से सटे लाहौर के करीब एक एयर बेस पर तैनात किए हैं.

इसी हफ्ते भारत के चीफ ऑफ नेवल स्टाफ (सीएनएस) एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी ने  तंज कसते हुए कहा था कि पाकिस्तान अपनी जनता के ‘कल्याण से ज्यादा हथियारों’ पर ध्यान दे रहा है. क्योंकि चीन की मदद से पाकिस्तान, 50 जंगी जहाज वाली नौसेना खड़ी कर रहा है. जबकि, पाकिस्तानी जनता खाने के लिए तरस रही है.

चीन की वायुसेना के पास पिछले कुछ सालों से जे-20 चेंगदू स्टेल्थ फाइटर जेट भी है. हालांकि, इसके बारे में कम ही जानकारी चीन की पीएलए सेना सार्वजनिक करती है. मिलिट्री-टेक के जानकारों के जे-20 की स्टेल्थ क्षमताओं पर सवाल खड़ा करने के बाद से चीन ने इसकी तैनाती भी कम कर दी है.

माना जा रहा है कि जे-20 की क्षमताओं पर उठने वाले सवालों के बाद ही चीन ने जे-35ए शेनयांग को तैयार किया है. चीन का दावा है कि जे-35ए एक टू-इन इंजन, ऑल वेदर (सभी मौसम में उड़ान भरने वाला) एयरक्राफ्ट है जिसे शेनयांग एयरक्राफ्ट कॉरपोरेशन ने तैयार किया है.

चीन ने जे-35ए के दो वर्जन तैयार किए हैं. वायुसेना के लिए जे-35ए और नौसेना के लिए जे-35. चीन अपने स्वदेशी एयरक्राफ्ट कैरियर पर जे-35 को तैनात करने की तैयारी कर रहा है.

गौरतलब है कि भारत के स्वदेशी स्टेल्थ फाइटर जेट के उत्पादन में दस साल से भी ज्यादा का समय लग सकता है. डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन (डीआरडीओ) और हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) इनदिनों पांचवी पीढ़ी के स्टील्थ फाइटर जेट ‘एमका’ पर काम कर रही है. भारत ने इसे ‘एडवांस मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट’ (एमका) नाम दिया है.

एविएशन इंजन की कमी से जूझ रहे भारत के लिए स्वदेशी एलसीए तेजस के उन्नत वर्जन (मार्क-1ए और मार्क-2) के उत्पादन भी खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. ऐसे में माना जा रहा है कि एमका का उत्पादन वर्ष 2035 से पहले थोड़ा मुश्किल लग रहा है.

चीन और पाकिस्तान की वायुसेनाओं को टक्कर देने के लिए भारत के पास फिलहाल सुखोई और राफेल फाइटर जेट हैं.


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