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सोलर डिफेंस की टेस्ट रेंज और एयर-स्ट्रीप, नागपुर में पीएम मोदी की प्राईवेट सेक्टर को बड़ी सौगात

हथियारों के निर्माण में प्राईवेट सेक्टर की भागीदारी में रविवार को एक नया आयाम स्थापित हुआ है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नागपुर स्थित सोलर डिफेंस एंड एयरोस्पेस कंपनी की लोएटरिंग म्युनिशन टेस्ट रेंज और यूएवी के लिए रनवे का उद्घाटन किया है. अभी तक गोला-बारूद के परीक्षण के लिए प्राईवेट कंपनियों को सेना और रक्षा मंत्रालय के फायरिंग रेंज पर निर्भर रहना पड़ता था.

रविवार को प्रधानमंत्री मोदी ने नागपुर स्थित सोलर डिफेंस की फैसिलिटी का दौरा किया. सोलर डिफेंस पिछले कुछ सालों से सेना के लिए गोला-बारूद बनाने में जुटी है. पीएम मोदी ने खुद सोलर डिफेंस के मल्टी मोड हैंड ग्रेनेड, 125 किलोग्राम के एयर बम और दूसरे गोला-बारूद का जायजा लिया.

अभी तक प्राईवेट सेक्टर को इस्तेमाल करने पड़ती थी गोला-बारूद के परीक्षण के लिए सेना और रक्षा मंत्रालय की टेस्ट रेंज

सोलर कंपनी ने सेना के लिए लोएटरिंग म्युनिशन यानी गोला-बारूद और ग्रेनेड लॉन्च करने वाले ड्रोन को तैयार किया है. ऐसे में इन ड्रोन का परीक्षण के लिए कंपनी को दिक्कतों का सामना न करना पड़े, सरकार ने टेस्ट रेंज बनाने की अनुमति दी है. प्राईवेट सेक्टर के लिए देश में ये अपनी तरह की पहली टेस्ट रेंज मानी जा रही है.

टेस्ट रेंज के उद्घाटन के बाद पीएम ने एक्स पर लिखा कि इससे “रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता में महत्वपूर्ण तरीके से बढ़ावा होगा.”

हेल और मेल यूएवी की एयर-स्ट्रीप का भी उद्घाटन

इसी दौरान प्रधानमंत्री ने सोलर डिफेंस कंपनी की खुद की तैयार की गई एयर-स्ट्रीप का उद्घाटन किया. करीब 125 मीटर लंबी और 25 मीटर चौड़ी इस एयर-स्ट्रीप पर हाई ऑल्टिट्यूड लॉन्ग एंड्यूरेंस (एचएएलई यानी हेल) और मीडियम ऑल्टिट्यूड लॉन्ग रेंज (एमएएलई आनी मेल) अनमैन्ड एरियल सिस्टम (यूएएस) का टेक ऑफ और लैंडिंग कर सकते हैं.

इस तरह के हेल और मेल यूएवी के लिए प्राईवेट सेक्टर की एयर-स्ट्रीप भी देश में पहली बार बनाई गई है. अमेरिका और दूसरे विकसित देशों में हालांकि, एविएशन कंपनियों के फाइटर जेट और मिलिट्री ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट के खुद के रनवे और एविएशन फैसिलिटी होती हैं.

मोदी ने जानी नागास्त्र कामेकाजी ड्रोन की खूबियां

सोलर डिफेंस फैसिलिटी में पीएम मोदी ने कंपनी द्वारा तैयार किया नागास्त्र-3 कामेकाजी ड्रोन का भी जायजा लिया. नागास्त्र ड्रोन की रेंज करीब 100 किलोमीटर है और ये करीब पांच घंटे तक आसमान में फ्लाई कर सकता है.

नागास्त्र ड्रोन को ईरान के शहीद ड्रोन की तर्ज पर तैयार किया गया है जिसे दुश्मन पर हमला करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है. गोला-बारूद के साथ ये ड्रोन खुद को भी तबाह कर लेता है, यही वजह है कि इसे कामेकाजी ड्रोन का नाम दिया जाता है. (https://x.com/narendramodi/status/1906286432433394152)


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