मिडिल ईस्ट में सैन्य संघर्ष के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के लोगों से पेट्रोल, डीजल और गैस का इस्तेमाल करने की अपील की है. पीएम मोदी ने साफ-साफ कहा है कि भारत के पास तेल के कुएं नहीं हैं, इसलिए लोगों को वैश्विक उथल पुथल के नाजुक मोड़ पर तेल और गैस का इस्तेमाल बेहद समझदारी से करने की आवश्यकता है.
28 फरवरी से अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध भड़का हुआ है, जिसके बाद वैश्विक तेल मार्ग होर्मुज पर सबसे बुरी मार पड़ी है. ईरान की घेराबंदी और अमेरिका की नाकेबंदी के चलते सैकड़ों जहाज होर्मुज की खाड़ी में फंसे हुए हैं, जिनमें नेचुरल रिसोर्स यानि तेल, गैस हैं.
भारत अपनी जरूरत का लगभग 85% से अधिक कच्चा तेल 40 से अधिक देशों से आयात करता है. रूस, भारत का सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता है, लेकिन सऊदी अरब, इराक, संयुक्त अरब अमीरात, और अमेरिका से भी तेल आयात किया जाता है. अब जब होर्मुज की खाड़ी बाधित है और पूरा मिडिल ईस्ट युद्ध से प्रभावित है.
पीएम मोदी ने कहा कि हमारे पड़ोस में जंग चल रही है, जिसका असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है और भारत भी इससे अछूता नहीं है.
मुश्किल वक्त में जिम्मेदारी से जीने की आवश्यकता है: पीएम मोदी
पीएम नरेंद्र मोदी ने हैदराबाद में आयोजित एक रैली में एक बेहद अहम सलाह दी है, जो विश्व में छिड़े युद्ध से जुड़ी हुई है. पीएम मोदी ने अपने भाषण के दौरान देश के लोगों से पेट्रोल-डीजल का इस्तेमाल कम करने और कोरोना काल के उपाय अपनाने की अपील की है. पीएम ने सभी लोगों से भारत की मदद के लिए मिलकर हिस्सा लेने का आह्वान किया है.
पीएम मोदी ने कहा, कि “ग्लोबल आर्थिक रुकावटों, सप्लाई चेन की चुनौतियों और इंटरनेशनल झगड़ों के कारण से बढ़ती कीमतों का सामना करने के लिए यह जरूरी है.”
पीएम मोदी ने कहा, “देशभक्ति का मतलब सिर्फ देश के लिए अपनी जान देना नहीं है, बल्कि मुश्किल समय में जिम्मेदारी से जीना और देश के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करना भी है.”
पेट्रो प्रोडक्ट का समझदारी से इस्तेमाल करें: पीएम मोदी
तेलंगाना में लगभग 9,400 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स का वर्चुअल उद्घाटन और शिलान्यास करने के बाद हैदराबाद में एक सभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि “पेट्रो प्रोडक्ट्स का समझदारी से इस्तेमाल अब एक राष्ट्रीय जरूरत है.”
पीएम मोदी ने कहा कि, “कोरोना काल में हमने वर्क फ्रॉम होम, ऑनलाइन मीटिंग, वीडियो कॉन्फ्रेंस अपनाए और ऐसे कई सिस्टम बनाए. हमें इनकी आदत भी हो गई थी. आज समय की जरूरत है कि हम उन तरीकों को फिर से शुरू करें, क्योंकि यह देश के हित में होगा, और हमें उन्हें एक बार फिर प्राथमिकता देनी चाहिए.”
“मौजूदा हालात में, हमें विदेशी मुद्रा बचाने पर भी बहुत जोर देना चाहिए, क्योंकि दुनिया भर में पेट्रोल और डीजल बहुत महंगे हो गए हैं, इसलिए यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम फ्यूल बचाएं और इस तरह पेट्रोल और डीजल खरीदने पर खर्च होने वाली विदेशी मुद्रा बचाएं.”
विदेशों में घूमना, गोल्ड खरीदना एक वर्ष तक टालें: पीएम मोदी
पीएम मोदी ने बताया, “नागरिकों पर बोझ ना पड़े इसके लिए सरकार सारा बोझ अपने कंधे पर ले चुकी है. जब सप्लाई चेन पर संकट गहरा जाए तो कितना भी करें संकट तो आ ही जाता है. देश पर सकंट आएगा तो एकजुट होकर हमें लड़ना होगा. अपने कर्तव्यों को निभाना भी देश भक्ति है. अपने कर्तव्यों को निभाने के लिए संकल्प लेना होगा. विदेशी मुद्रा बचाने के लिए हमें छोटे छोट कदम उठाने होंगे.”
विदेशों में शादियों का घूमने का मिडिल क्लास में कल्चर बढ़ता जा रहा है. संकट का काल है. देश भक्ति ललकार रही है तो हम विदेश जाना एक साल के लिए टाल सकते हैं.
सोने की खरीद, इसमें भी विदेशी मुद्रा अधिक खर्च होती है, देश हित में हमें फैसला लेना होगा साल भर तक हम अपने किसी समारोह के लिए सोना नहीं खरीदेंगे. इन सभी प्रयासों के जरिए हमें विदेशी मुद्रा बचानी होगी.
पीएम मोदी ने लोगों को क्या-क्या कदम उठाने के लिए कहा?
- संकट काल में वर्क फ्रॉम होम करें, ताकि पेट्रोल-डीजल की बचत हो
- सामानों को रेलवे से भेजें क्योंकि बिजली से चलने वाली ट्रेन में पेट्रोल डीजल की जरूरत नहीं होती.
- जिन शहरों में मेट्रो हैं, वहां के लोग मेट्रों में सफर करें
- कार से चलना बेहद जरूरी है तो कार पूलिंग पर जोर दें
- एक वर्ष तक विदेश यात्रा को टालें
- एक वर्ष तक गोल्ड न खरीदें
- केमिकल फर्टिलाइजर का इस्तेमाल आधा करें और नेचुरल खेती ज्यादा करें.
- मेड इन इंडिया प्रोडक्ट को प्राथमिकता दें, चाहे वो जूते हों या बैग.
- खाने के तेल का इस्तेमाल कम करें
- खेती में डीजल पंप के बजाय सोलर पावर से चलने वाले सिंचाई पंप को बढ़ावा दें.

