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ट्रंप को नापसंद ईरान की गुस्ताखी, फिर मंडराए युद्ध के बादल

अमेरिका-ईरान के बीच शांति की कोशिशों को बड़ा झटका लगा है. ईरान के प्रस्ताव को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मानने से इनकार कर दिया है. तो ईरान भी अमेरिका का शर्तों पर झुकने के लिए बिलकुल तैयार नहीं है.

ईरान ने युद्ध खत्म करने, प्रतिबंध हटाने और होर्मुज स्ट्रेट में अपनी संप्रभुता की मांग रखी है.  लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति ने तेहरान को जवाब देते हुए कहा है कि इन शर्तों को कतई नहीं माना जा सकता.

ईरान और अमेरिका के बीच बात न बनने से वैश्विक अनिश्चितता बढ़ गई है. जिसका असर तेलों और बाजार पर पड़ने लगा है. एशिया हो या यूरोप महंगाई की मार झेलने को मजबूर हो रहा है.

जरूरत से ज्यादा हैं अमेरिका की मांगे, ईरान ने भेजा जवाब

युद्ध को स्थायी तौर पर समाप्ति के लिए अमेरिका की ओर से ईरान को 06 मई को एक प्रस्ताव भेजा गया था. लेकिन उस प्रस्ताव को तेहरान ने खारिज करते हुए अमेरिका को अपना जवाब भेजा था. अपने जवाब में ईरान ने कहा है कि अमेरिका की मांगें जरूरत से ज्यादा हैं. युद्ध हर मोर्चे पर खत्म होना चाहिए. ईरान ने खास तौर पर लेबनान की स्थिति और होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की सुरक्षित आवाजाही का मुद्दा उठाया.

ईरान की योजना में अमेरिका द्वारा युद्ध हर्जाना देने की आवश्यकता पर जोर दिया गया था और होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान की संप्रभुता की पुष्टि की गई थी. ईरान ने प्रतिबंधों को समाप्त करने और देश की जब्त संपत्तियों और परिसंपत्तियों को जारी करने की आवश्यकता पर बल दिया था. अमेरिका की योजना के जवाब में प्रस्तुत ईरान के प्रस्ताव में ईरानी राष्ट्र के मौलिक अधिकारों पर जोर दिया गया था.

ईरान की बातें मुझे पसंद नहीं आईं: ट्रंप

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की तरफ से आए जवाब को पूरी तरह खारिज कर दिया है. ईरान की प्रतिक्रिया को अमेरिकी राष्ट्रपति ने “अस्वीकार्य” कहा है. राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा, मुझे यह बिल्कुल पसंद नहीं आया, इसे किसी तरह से माना नहीं जा सकता. 

ट्रंप ने ईरानी प्रस्ताव का विवरण देने से मना करते हुए कहा, “मुझे उनका पत्र पसंद नहीं आया. यह अनुचित है. मुझे उनकी प्रतिक्रिया भी पसंद नहीं आई. लगभग 50 वर्षों से अमेरिका के साथ खेल खेल रहे हैं, लेकिन अब वे और नहीं हंस पाएंगे.”

ट्रंप ने ईरानी जवाब को लेकर इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू से लंबी बातचीत की है. इस बातचीत के बारे में खुद ट्रंप ने ही पुष्टि की है.

ट्रंप ने ईरान के जिस प्रस्ताव को ठुकराया, उसमें क्या-क्या शर्तें हैं

  • होर्मुजमें अमेरिकी नाकाबंदी खत्म करना और तेल निर्यात की अनुमति देना;
  • लेबनान में युद्धविराम (ईरान की रेड लाइन);
  • समझौते के तुरंत बाद युद्ध समाप्त करना;
  • सभी अमेरिकी प्रतिबंध हटाना और ईरानी संपत्तियों को अनफ्रीज करना;
  • ईरानी तेल बिक्री पर प्रतिबंध हटाना;
  • होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरानी नियंत्रण;
  •  विवरण अंतिम रूप देने के लिए युद्ध के बाद 30-दिवसीय वार्ता.

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