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चीन को याद आए गलवान के सैनिक, मदर्स डे पर जारी किया प्रोपेगेंडा वीडियो

गलवान घाटी की झड़प के करीब छह साल बाद, मदर्स-डे (10 मई) के मौके पर चीन ने एक प्रोपेगेंडा वीडियो जारी किया है. हमेशा से अपने चीनी सैनिकों की बात न स्वीकार करने वाले बीजिंग ने अपने मारे गए सैनिकों के परिवारवालों की पहचान पहली बार उजागर की है.

चीनी सेना ने मारे गए तीन सैनिकों की मां को पहली बार दुनिया के सामने पेश किया है. चीन के इस वीडियो में गलवान घाटी की झड़प में भारतीय सेना के हाथों मारे गए चीनी सैनिक चेन शियांगरोंग, शियाओ सियुान और वांग झुओरन की मदर्स को चाइनीज पीपुल्स रेवोल्योशन के मिलिट्री म्यूजयिम में अपने-अपने बेटों की मूर्तियों के साथ लिपटकर रोते हुए दिखाया गया है.

जबकि दुनिया के सामने चीन कभी भी भारतीय सेना से मिली मात और अपने नुकसान को मानता नहीं है.

गलवान में मारे गए चीनी सैनिकों की मूर्ति का वीडियो जारी

जून 2020 में पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर हुए सीमा-विवाद में भारत और चीन की सेनाओं में खूनी झड़प हुई थी. इस लड़ाई में भारत के एक कर्नल रैंक के अधिकारी समेत कुल 20 सैनिक वीरगति को प्राप्त हुए थे. लेकिन चीन ने अपने सैनिकों की मौत की संख्या को उजागर नहीं किया था. दुनिया भर की एजेंसियों ने दावा किया है कि चीन को भारतीय सेना के आगे भारी क्षति उठानी पड़ी. लेकिन चीन ने आज तक हताहत हुए कुल सैनिकों की संख्या का खुलासा नहीं किया है.

हालांकि गलवान झड़प में नुकसान पर चुप्पी साधे चीन ने झड़प के करीब छह महीने बाद, अपने चार सैनिकों को वीरता मेडल दिया था, जिनमें से तीन सैनिकों को मरणोपरांत ये मेडल दिया गया था. जबकि एक लेफ्टिनेंट कर्नल रैंक के अधिकारी को घायल अवस्था में ये मेडल दिया गया था.

लेकिन चीन कभी भी मारे गए सैनिकों के परिवार के सदस्यों को दुनिया के सामने अब से पहले कभी नहीं लाया था, जिसके कारण चीन की जनता में आक्रोश था और जिनपिंग सरकार की नीतियों पर गुस्सा देखा गया था.

जबकि भारत ने झड़प के अगले वर्ष यानि साल 2021 में वीरगति को प्राप्त होने वाले छह (कुल 20 में से 06 को) वीरता मेडल दिया था. राष्ट्रपति भवन में आयोजित अलंकृत समारोह में सभी छह सैनिकों के परिवारवालों को ये मेडल सौंपा गया था.

मदर्स डे पर चीनी सैनिकों की मां मूर्ति से लिपटकर रोती दिखीं

रविवार (10 मई) को जारी वीडियो में तीन महिलाएं मदर्स डे से एक दिन पहले बीजिंग स्थित सैन्य संग्रहालय पहुंची हैं और इन तीन सैनिकों की मूर्तियों से लिपटकर रो रही हैं. 

चीन ने मारे गए सैनिकों की माताओं का संदेश भी जारी किया. चीन के मुताबिक, इन तीनों माताओं ने मिलिट्री म्यूजयिम में अपने-अपने बेटों की याद में संदेश जारी किया.

शियाओ सियुान की मां, लियु लिक्सिया ने अपने बेटे की तस्वीर को हाथ में लेकर कहा कि “मुझे तुम्हारी(शियाओ) कमी बेहद खलती है. तुम हमेशा मेरे बेहद प्यारे पुत्र रहोगे. पूरे देश (चीन) की मर्मस्पर्शी जनता तुम्हारे पिता और मेरी देखभाल करती है.”

दूसरे सैनिक वांग की मां, यांग सुशियांग ने लिखा कि “मेरे बेटे, हालांकि तुम मेरे साथ नहीं हो, लेकिन तुम्हारी आत्मा हमेशा हमें और सभी चीनी लोगों को प्रेरणा देती रहेगी. मुझे तुम पर बेहद गर्व है.”

शियांगरोंग की मां, याओ जिनसुई ने लिखा कि “हम हमेशा साथ हैं.”

आपको बता दें कि अगले महीने (15-16 जून को) गलवान घाटी की झड़प के छह वर्ष पूरे होने जा रहे हैं. करीब चार साल तक चले तनाव को वर्ष 2024 में हुए डिसइंगेजमेंट करार के बाद खत्म कर दिया गया था. करार के फौरन बाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चीन यात्रा के बाद से दोनों देशों के संबंध भले पटरी पर आते दिखाई पड़ रहे हैं, लेकिन सीमा पर तनाव जारी है. एलएसी पर अभी भी दोनों देशों के सैनिक भारी संख्या में तैनात है.

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