रविवार को इराक की राजधानी बगदाद के ग्रीन जोन में जिन ईरान समर्थित दो दर्जन सांसदों के घर में रेड हुई थी, उसमें अकूत मात्रा में कैश और गोल्ड जब्त हुआ है. एक महिला सांसद के घर से सोने (गोल्ड) में हीरे जणित अंडरगारमेंट्स तक जब्त किए गए हैं. माना जा रहा है कि ये सभी नेता गुपचुप तरीके से ईरान को जंग में मदद कर रहे थे. इनमें एक नाम इराक के तेल आपूर्ति से जुड़े मंत्री का भी है, जिसे गिरफ्तार कर लिया गया है.
अमेरिका के दौरे पर इराकी पीएम
इराक के ईरान समर्थिक सांसदों, पूर्व सांसदों और मंत्रियों के घर ऐसे समय में छापेमारी की गई, जब इराक के प्रधानमंत्री अली अल जैदी का अमेरिका दौरा चल रहा है. ऐसे में माना जा रहा है कि अमेरिका के इशारे पर ईरान समर्थित नेताओं के घर ये छापेमारी की गई है.
महिला सांसद का नाम है हिंद अल अब्बासी
इन नेताओं ने जब्त कैश को घरों की छत में बनी फाल्स कैविटी और दूसरी जगहों पर छिपा रखा था. सोशल मीडिया पर सामने आई तस्वीरों और वीडियो में देखा जा सकता है कि जिन घरों में छापेमारी की गई, वहां ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर्स और शिया-धर्मगुरूओं की तस्वीरें टंगी हैं. एक महिला सांसद के बेटे के फार्महाउस में रेत के लिए कैश के बंडल जब्त किए गए हैं. लेकिन सबसे बड़ी बरामदगी हिंद-अल-अब्बासी नाम की महिला सांसद के घर से हुई है.
अब्बासी के घर से कुल 57 मिलियन डॉलर कैश और 27 किलो सोना बरामद हुआ है. अब्बासी के घर से सोने के बिस्कुट जब्त किये गए हैं. महिला सांसद के घर से सोने के अंडरगारमेंट्स की तस्वीरें सोशल मीडिया पर जबरदस्त वायरल हैं. सोने के इन अंडरगारमेंट्स में बेशकीमती पत्थर (या हीरे) भी लगे हैं.
इराक में शिया मुस्लिमों की तादाद है 50 प्रतिशत
इराक में शिया धर्म के लोगों की अच्छी खासी जनसंख्या है. ऐसे में राजनीति में भी पकड़ है. लेकिन माना जाता है कि अधिकतर नेताओं का रूख ईरान के प्रति सहानभूति वाला है. ऐसे में रविवार की तड़के ग्रीन जोन में इराक की स्पेशल फोर्सेज ने अचानक रेड कर दी थी. स्पेशल मिलिट्री व्हीकल में आए कमांडो को देखकर ऐसा लगने लगा था कि इराक में कोई तख्ता पलट की कोशिश तो नहीं की गई है. फायरिंग तक की आवाज सुनाई दी थी. शुरुआत में ऐसा लगा था कि अमेरिकी एंबेसी के खिलाफ कोई कार्रवाई हुई है.
रविवार को जब ग्रीन जोन में हुई रेड
इराक के बेहद सुरक्षित माने जाने वाले ग्रीन जोन में अमेरिकी दूतावास और सीआईए के ऑफिस सहित इराकी मंत्रियों और रसूखदार लोगों के घर हैं. लेकिन कुछ देर बाद इराकी सरकार ने साफ कर दिया कि ये कार्रवाई ईरान समर्थित नेताओं के घरों पर हुई है. खबर ये भी है कि ईरान समर्थित नेता, अमेरिका की पिछलग्गू सरकार के खिलाफ तख्तापलट की योजना बना रहे थे.
अमेरिका की पिछलग्गू मानी जाती है इराकी सरकार
खाड़ी युद्ध-2 (वर्ष 2003) और तत्कालीन इराकी राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन को बंदी बनाए जाने के बाद, इराक में अमेरिका के समर्थन वाली सरकार ही सत्ता में काबिज रही है. अमेरिका और ईरान के बीच जंग के दौरान, इराक सरकार ने तटस्थ भूमिका निभाई थी. ऐसे में ईरान समर्थित नेताओं में इराक की अल जैदी सरकार के खिलाफ गुस्सा हो सकता है. अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान ने ग्रीन जोन (बगदाद) में यूएस एंबेसी पर ड्रोन अटैक भी किए थे.
