आतंकवाद का समर्थन करने वाले पाकिस्तान पर नकेल कसने के लिए अब भारत ने मित्र-देशों से हथियारों की सप्लाई को सोच-समझकर करने का आह्वान किया है. मंगलवार को जब नीदरलैंड (हॉलैंड) के रक्षा मंत्री रूबेन ब्रेकेलमैन्स राजधानी दिल्ली पहुंचे तो उन्हें ऐसा ही संदेश दिया गया. दरअसल, नीदरलैंड ने हाल ही में पाकिस्तान को दो पुराने माइन-हंटर युद्धपोत सप्लाई किए हैं.
नीदरलैंड्स के रक्षा मंत्री इन दिनों भारत की यात्रा पर हैं. इस दौरान रूबेन ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से साउथ ब्लॉक में मुलाकात की है. रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, बातचीत के दौरान रक्षा, सुरक्षा, सूचना आदान-प्रदान, हिंद-प्रशांत और नई एवं उभरती हुई प्रौद्योगिकियों जैसे क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने पर विचार-विमर्श किया.
दोनों रक्षा मंत्रियों ने जहाज निर्माण, उपकरण और अंतरिक्ष क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की, जिससे दोनों देशों के कौशल को प्रौद्योगिकी एवं पैमाने में अनुपूरकता को अनुकूल बनाया जा सके. राजनाथ सिंह और रूबेन ने संबंधित रक्षा प्रौद्योगिकी अनुसंधान संस्थानों और संगठनों को जोड़ने के अलावा कृत्रिम बुद्धिमत्ता तथा संबंधित प्रौद्योगिकियों जैसे क्षेत्रों में मिलकर काम करने पर भी चर्चा की.
रक्षा मंत्री ने बैठक के बाद एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि भारत अपनी रक्षा साझेदारी को नीदरलैंड के साथ और आगे ले जाने के लिए तत्पर है. (https://x.com/rajnathsingh/status/1901911664309751831)
नीदरलैंड ने पाकिस्तान को दिए हैं दो पुराने माइन-हंटर
जानकारी के मुताबिक, नीदरलैंड ने पाकिस्तान को दो पुराने त्रिपार्टी-क्लास माइन हंटर शिप दिए थे. नीदरलैंड की कंपनियां पाकिस्तान के साथ मेरीटाइम कॉपरेशन पर चर्चा कर रही हैं. पिछले साल अक्टूबर में पाकिस्तान के नौसेना प्रमुख एडमिरल नावेद अशरफ ने नीदरलैंड के दौरे के दौरान डेमन शिपयार्ड में तैयार हो रहे फ्रीगेट (युद्धपोत) का भी दौरा किया था.
नीदरलैंड, पाकिस्तान को ऑफशोर पैट्रोल वेसेल की सप्लाई भी कर रहा है. इसके अलावा 2020 में ही नीदरलैंड सरकार ने इस्तांबुल नेवल शिपयार्ड को कोर्विट्स के लिए सैन्य तकनीकी देने की मंजूरी दी थी. तुर्की, पाकिस्तान के लिए कोर्विट (छोटे युद्धपोत) का निर्माण कर रहा है.
पाकिस्तान के लिए चीन में बनी दूसरी पनडुब्बी हुई लॉन्च
दो दिन पहले ही चीन ने पाकिस्तान के लिए दूसरी पनडुब्बी को यांगत्से नदी में लॉन्च किया था. एक समझौते के तहत, पाकिस्तान के लिए चीन आठ (08) हैंगोर क्लास पनडुब्बियों को निर्माण कर रहा है. इनमें से चार चीन के वुहान स्थित चायनीज शिपबिल्डिंग कॉरपोरेशन में कर रहा है और बाकी चार, कराची शिपयार्ड में बनाई जाएंगी.
नौसेना प्रमुख ने पाकिस्तान की बढ़ती नेवी पर जताई थी चिंता
कुछ महीने पहले भारतीय नौसेना के प्रमुख एडमिरल डी के त्रिपाठी ने बताया था कि पाकिस्तान 50 जंगी जहाज वाली नौसेना खड़ी कर रहा है. एडमिरल त्रिपाठी ने चिंता जताई थी कि इसके लिए चीन, पाकिस्तान की मदद कर रहा है. चीन की मदद से पाकिस्तान आठ (08) पनडुब्बियों का निर्माण कर रहा है. साथ ही जंगी जहाज का निर्माण भी कर रहा है.
हालांकि, एडमिरल त्रिपाठी ने एक तरफ पाकिस्तान की चरमराती अर्थव्यवस्था और दूसरी बढ़ती नौसेना पर चुटकी लेते हुए गुडलक भी कहा था.
बीते कुछ सालों से पाकिस्तानी अर्थव्यवस्था चरमराई हुई है. पाकिस्तानी जनता के पास खाने तक के लाले हैं, महंगाई आसमान छू रही है और जरूरी सामान तक मिलना मुश्किल हो रहा है. यही वजह है कि नौसेना प्रमुख ने पाकिस्तानी नौसेना के विस्तार पर आर्श्चय जताया.