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डील मेकर पर कटाक्ष, जयशंकर ने ट्रंप को सिखाई विदेश नीति

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पहलगाम नरसंहार के बाद पाकिस्तान से लेकर अमेरिका तक, राष्ट्रीय हित से लेकर दुश्मन देश की न्यूक्लियर ब्लैकमेलिंग तक बेबाकी से जवाब दिया है. वडोदरा यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में पहुंचे विदेश मंत्री ने अमेरिका का नाम लिए बिना कटाक्ष किया है कि डील कराना कुछ देशों का फैशन है. वो खुद को डील मेकर की तरह दिखाते हैं. लेकिन भारत किसी दबाव में नहीं झुकेगा. राष्ट्रीय हित के लिए जो भी करना होगा, आगे भी करेगा. 

डील कराना कुछ देशों के लिए फैशन- एस जयशंकर

एस जयशंकर ने एक बार फिर से साफ किया है कि पाकिस्तान के गिड़गिड़ाने के बाद भारत सीजफायर के लिए तैयार हुआ. भारत-पाकिस्तान के बीच कोई भी तीसरा देश नहीं था, जिसने मध्यस्थता कराई. जयशंकर ने कहा, “कुछ देशों के लिए अब ये एक फैशन बन गया है कि वे पब्‍ल‍िकली खुद को डील मेकर घोषित करें और देशों के बीच डील कराने वाले की तरह व्‍यवहार करें.” 

एस जयशंकर ने साफगोई से भारत की विदेशनीति का संदेश पूरी दुनिया को समझा दिया है, कि भारत खुद अपने मुद्दे तय करेगा, उसे किसी भी देश की दखलंदाजी नहीं चाहिए.

एस जयशंकर का डील मेकर वाला बयान इसलिए भी अहम हो जाता है, क्योंकि ट्रंप ने शुक्रवार को बयान से यूटर्न लेते हुए कहा है कि उन्होंने भारत-पाकिस्तान के बीच सीजफायर करवाया है. ट्रंप ने ये भी कहा है कि  उन्होंने ट्रेड के दबाव में लाकर यह फैसला कराया.

भारत अपनी शर्तों पर करता है फैसला:एस जयशंकर

वडोदरा में एस. जयशंकर ने स्पष्ट किया कि भारत की विदेश नीति स्वाभिमान और आत्मनिर्भरता पर आधारित है. विदेश मंत्री ने कहा, “भारत उन विरले सभ्यतागत राष्ट्रों में है जो अब अपने वास्तविक और गरिमामयी स्थान को वैश्विक समुदाय में पुनः प्राप्त कर रहा है.भारत अपनी संप्रभुता से कोई समझौता नहीं करेगा.भारत के राष्ट्रीय हितों में जो भी निर्णय लिए जाने हैं, वे लिए जा चुके हैं और लिए जाते रहेंगे.” 

भारत परमाणु ब्लैकमेलिंग के आगे नहीं झुकेगा: एस जयशंकर

देश की सुरक्षा नीति को लेकर साफ शब्दों में जयशंकर ने कहा, “हम कभी भी परमाणु ब्लैकमेल के आगे नहीं झुकेंगे. भारत के राष्ट्रीय हितों से जुड़े जो भी फैसले लेने जरूरी होंगे वो लिए जाएंगे.” 

एस जयशंकर ने आतंकवाद को सही ठहराने वाले देशों को भी कड़ा संदेश देते हुए कहा, “जो देश या संगठन आतंकवाद का साथ देते हैं या उसका इस्तेमाल करते हैं, उन्हें इसकी भारी कीमत चुकानी चाहिए. अब वक्त आ गया है कि ऐसे लोगों को सजा मिले ताकि वे फिर ऐसी हरकत न कर सकें. जो लोग भी आतंकवाद को प्रायोजित, पोषित और उपयोग करते हैं, उन्हें सबक मिलेगा.”

क्या आप ट्रंप को थैंक्स कहेंगे, जर्मन पत्रकार के सवाल पर जयशंकर का जवाब

पिछले सप्ताह एक जर्मन पत्रकार ने विदेश मंत्री से दिलचस्प सवाल पूछते हुए कहा था कि क्या भारत, सीजफायर के लिए ट्रंप को थैंक्स कहेगा.?

इस पर एस जयशंकर ने कहा, “हम थैंक्स अपनी सेना को बोलेंगे, सीजफायर का कारण हमारी सेना है, जिन्होंने पाकिस्तान के मुख्य मिलिट्री और एयरबेस पर अटैक किया, जिससे पाकिस्तान घुटने पर आ गया. इस तरह की पावर दिखाने के लिए हम अपनी सेना को धन्यवाद देते हैं. पाकिस्तान के सैन्य अधिकारियों ने भारत के डीजीएमओ को कॉल किया. दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों की सीधी बातचीत के बाद सीजफायर हुआ. जंग रुकने के लिए हमें किसे धन्यवाद करना चाहिए. इसके पीछे भारतीय सेना है, जिसके कारण पाकिस्तान ने कहा था हम रुकने के लिए तैयार है.”

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