अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भले ही होर्मुज ब्लॉकेड के लिए यूरोप का साथ न मिल रहा हो, लेकिन सिंगापुर जैसे छोटे देश ने ईरान की मनमानी के खिलाफ उठाई है आवाज. सिंगापुर ने संयुक्त राष्ट्र के फ्रीडम ऑफ नेविगेशन का हवाला देते हुए ईरान का विरोध किया है.
सिंगापुर ने कहा है कि समुद्री रास्तों से गुजरना अंतरराष्ट्रीय अधिकार है, न कि कोई सौदेबाजी.
सिंगापुर के विदेश मंत्री विवियन बालकृष्णन ने दो टूक कहा है, कि हम किसी के पक्ष-विपक्ष में नहीं, नियमों के साथ खड़े हैं, क्योंकि सिंगापुर स्ट्रेट से रोजाना निकलते हैं 2000 जहाज. हम इस समुद्री मार्ग को कभी नहीं रोकेंगे.
हम ईरान से होर्मुज पर बात नहीं करेंगे: सिंगापुर
होर्मुज को लेकर जहां यूरोप से लेकर दुनियाभर के देश चिंता में हैं और कूटनीतिक रास्ता निकालने की कोशिश कर रहे हैं. तो वहीं सिंगापुर ने होर्मुज में खुद के जहाज फंसे होने के बावजूद ईरान से किसी भी तरह की बातचीत करने से मना कर दिया है. सिंगापुर के विदेश मंत्री विवियन बालाकृष्णन ने संसद में कहा, कि “सिंगापुर होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित मार्ग के लिए बातचीत नहीं करेगा क्योंकि ऐसा करने से अंतरराष्ट्रीय कानून के बुनियादी सिद्धांत कमजोर होंगे.”
सिंगापुर के विदेश मंत्री विवियन बालकृष्ण बोले, “दुनिया के अहम समुद्री रास्तों से गुजरना कोई मोलभाव की चीज नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत एक अधिकार है. ‘ट्रांजिट पासेज एक अधिकार है, कोई सुविधा नहीं.”
विवियन बालाकृष्णन ने कहा कि उन्होंने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से बात की है लेकिन होर्मुज स्ट्रेट को लेकर उन्होंने कोई बात नहीं की. विवियन ने बताया कि, “होर्मुज एक सिद्धांत की बात है और इसका मतलब ये नहीं है कि हम किसी का पक्ष ले रहे हैं. मैं जहाजों के सुरक्षित गुजरने देने को लेकर ईरान से कोई बात नहीं कर सकता. न ही मैं जहाजों के गुजरने को लेकर टोल देने पर कोई बात कर सकता क्योंकि अगर मैं ऐसा करता हूं तो परोक्ष रूप से कानूनी सिद्धांत को मैं कमजोर करूंगा.”
यूनाइटेड नेशंस कन्वेंशन ऑन द लॉ ऑफ द सी (यूएनक्लॉज़) का हवाला देते हुए नियमों को ‘समुद्रों का संविधान’ बताया.
क्या कहता है यूएन का नियम, जिसे सिंगापुर के विदेश मंत्री ने समझाया
सिंगापुर के विदेश मंत्री ने इस बात पर जोर दिया है कि और सिंगापुर जलडमरूमध्य, होर्मुज से भी ज्यादा व्यस्त है और अहम जलमार्ग है. वहां पर टोल टैक्स जैसे कोई नियम नहीं लागू हैं.
विवियन ने कहा, मलक्का जलडमरूमध्य और सिंगापुर जलडमरूमध्य असल में एक और महत्वपूर्ण ‘चोक पॉइंट’ हैं. होर्मुज स्ट्रेट से भी ज्यादा महत्वपूर्ण मलक्का स्ट्रेट और सिंगापुर स्ट्रेट हैं और इन दोनों स्ट्रेट से भी जहाज फ्री में गुजरते हैं.
यूएन के मुताबिक, जो देश इन अंतरराष्ट्रीय जलडमरूमध्यों के किनारे हैं, वे जहाजों के आने-जाने में बाधा नहीं डाल सकते और न ही इसे रोक सकते हैं. इसमें सुरक्षा, पर्यावरण या युद्ध जैसी कोई छूट नहीं दी गई है. इसलिए अगर कोई देश टोल वसूले, रास्ता रोके या नाकाबंदी करे, तो यह अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ माना जाएगा.
सिंगापुर स्ट्रेट के बारे में जानिए, जो होर्मुज से ज्यादा व्यस्त है
सिंगापुर स्ट्रेट दुनिया का सबसे व्यस्त व्यापारिक मार्ग है. यहां से दुनिया का करीब 40 प्रतिशत व्यापार होता है. सिंगापुर स्ट्रेट से प्रतिदिन लगभग 23.2 मिलियन बैरल तेल गुजरता है जबकि होर्मुज स्ट्रेट से युद्ध से पहले हर दिन करीब 20.9 मिलियन बैरल तेल के जहाज गुजरते थे.
ईरान पर जब अमेरिका का हमला हुआ तो उसने होर्मुज को युद्ध में एक हथियार की तरह इस्तेमाल किया. आईआरजीसी ने होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर हमला किया है जिसके बाद सैकड़ों जहाज फंस गए या फिर हमले के डर से होर्मुज को पार करने की कोशिश नहीं की.
ईरान ने इस मार्ग पर माइंस भी बिछाई हैं, जिसे अमेरिकी नौसेना ने हटाने का काम शुरु किया है. ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों से टोल वसूलेगा तो वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को धमकी देते हुए कहा है कि ऐसा नहीं करने दिया जाएगा.

