अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जर्मनी से भिड़ गए हैं. ईरान के आगे अमेरिका को शर्मिंदा होना पड़ा वाला जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज का बयान ट्रंप को चुभ गया है. ट्रंप ने जर्मन चांसलर पर निशाना साधते हुए कहा है कि फ्रेडरिक मर्ज का मानना है कि ईरान के पास परमाणु हथियार होना ठीक है. लेकिन मर्ज को ये समझना चाहिए कि ईरान के पास परमाणु हथियार आ गया तो पूरी दुनिया बंधक बन सकती है.
दरअसल हाल ही में एक कार्यक्रम में फ्रेडरिक मर्ज ने अमेरिका पर कटाक्ष करते हुए कहा था, ईरान को जितना कमजोर सोचा गया था, उससे कहीं ज्यादा मजबूत निकला और अब अमेरिका के पास इस जंग से बाहर निकलने का कोई रास्ता दिख नहीं रहा है.
जर्मनी कमजोर देश, ट्रंप का पलटवार
डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया के जरिए जर्मनी पर वार किया है. ट्रंप ने अपने बयान में यह भी दावा किया कि वह ईरान के मुद्दे पर अभी ऐसी कार्रवाई कर रहे हैं, जो अन्य देशों या पूर्व राष्ट्रपतियों को पहले ही कर लेनी चाहिए थी.
ट्रंप ने जर्मनी की आर्थिक स्थिति पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि देश हर मोर्चे पर कमजोर प्रदर्शन कर रहा है.
ट्रंप ने आरोप लगाते हुए लिखा, जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज को ईरान के पास परमाणु हथियार होना सही लगता है.
आपको बता दें कि ईरान युद्ध के दौरान ट्रंप ने नाटो के यूरोपीय देशों से मदद मांगी थी, लेकिन चाहे वो ब्रिटेन हो या फिर फ्रांस, इटली और जर्मनी, सभी ने संयुक्त बयान जारी करते हुए युद्ध में कूदने से मना कर दिया था और ट्रंप को संवाद के जरिए शांति की सलाह दी थी. इसी से नाराज ट्रंप, स्पेन जैसे देशों को नाटो से अलग करने पर तुले हुए हैं, तो अब जर्मनी पर गुस्सा निकाल रहे हैं.
जर्मन चांसलर ने अमेरिकी नीति पर उठाए थे सवाल
जर्मन चांसलर मर्ज ने एक कार्यक्रम में अमेरिका को ईरान युद्ध को लेकर घेरा था. चांसलर मर्ज ने कहा, “मेरी समझ नहीं आ रहा कि अमेरिका इस जंग से बाहर निकलने का क्या रास्ता चुन रहा है. उनका मतलब यह है कि अमेरिका लड़ रहा है लेकिन उसके पास कोई साफ योजना नहीं है कि यह जंग कैसे खत्म होगी. बिना किसी योजना के लंबी जंग यूरोप को भी नुकसान पहुंचाती है.”
जर्मन चांसलर ने ईरान को मजबूत सेना वाला भी बताया था. फ्रेडरिक मर्ज ने कहा, “ईरान जितना कमजोर समझा गया था वो उससे कहीं ज्यादा मजबूत निकला है. ईरान जितना कमजोर सोचना सबसे बड़ी भूल थी और अब अमेरिका के पास इस जंग से बाहर निकलने का कोई रास्ता दिख नहीं रहा. अमेरिका के साथ बातचीत में भी ईरान बहुत चालाकी से काम ले रहा है.”
हालांकि मर्ज ने अपने बयान में ईरानी सैन्य बल आईआरजीसी की आलोचना की थी. कहा था, “आईआरजीसी अपने सरकार की बेइज्जती करवा रही है. होर्मुज की खाड़ी जो दुनिया का सबसे जरूरी तेल रास्ता है वहां आंशिक रूप से बारूदी सुरंगें बिछी हुई हैं. ये बहुत ही चिंता का विषय है.”


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