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अमेरिका है रहस्यमय व्हाइट-मैन, शेख हसीना का खुलासा

“मेरी अवामी पार्टी के नेताओं की हत्या हो रही है. मेरे कार्यकर्ताओं पर हमले हो रहे हैं. उनके घरों में तोड़फोड़ की जा रही है, आग लगाई जा रही है, ये समाचार सुनकर मेरा दिल रो रहा है.” बांग्लादेश में तख्तापलट के बाद पूर्वी पीएम शेख हसीना का ये पहला बयान सामने आया है. इसके साथ ही शेख हसीना ने बांग्लादेश में अपनी सरकार के तख्तापलट के पीछे सीधे-सीधे अमेरिका पर हाथ बताया है. 

दिल्ली में मौजूद शेख हसीना ने बताया कि कैसे अमेरिका के सामने ना झुकने की वजह से उन्हें सत्ता से बेदखल होना पड़ा? शेख हसीना के बयान से टीएफए की उस खबर पर मुहर लगाई है, जिसमें 6 अगस्त को ही आपको बताया था कि शेख हसीना के तख्तापलट के लिए अमेरिका ने कैसे साजिश रची थी. कैसे शेख हसीना के कट्टर विरोधियों के सोशल मीडिया अकाउंट्स को अमेरिका और मलेशिया जैसे देशों से ऑपरेट करने के साथ-साथ ‘एम्प्लीफाई’ किया जा रहा था.

शेख हसीना की जुबानी, उस द्वीप की कहानी, जिसने कराया तख्तापलट
करीब एक सप्ताह से भारत में रह रहीं शेख हसीना ने आरोप लगाया है कि “अमेरिका को सेंट मार्टिन द्वीप नहीं सौंपने के कारण उन्हें सत्ता से बेदखल होना पड़ा. अमेरिका चाहता था कि सेंट मार्टिन द्वीप के जरिए बंगाल की खाड़ी में अपना दबदबा बना सके. पर मैं अमेरिका के सामने नहीं झुकी.

शेख हसीना ने कहा, “मैं सत्ता में बनी रह सकती थी अगर मैंने सेंट मार्टिन द्वीप की संप्रभुता अमेरिका को सौंप दी होती. सेंट मार्टिन द्वीप के जरिए अमेरिका बंगाल की खाड़ी में अपना प्रभुत्व स्थापित करना चाहता था पर सेंट मार्टिन द्वीप न देने के कारण ही मुझे सत्ता छोड़नी पड़ी.”

बांग्लादेश में तख्तापलट से मई के महीने में शेख हसीना ने एक इंटरव्यू में दावा किया था कि व्हाइट-मैन बांग्लादेश में एयरबेस बनाना चाहता है और बदले में व्हाइट-मैन में उनकी  (शेख हसीना) की चुनाव में मदद करने की पेशकश की थी. शेख हसीना ने बताया था कि “एक गोरा विदेशी शख्स (व्हाइट-मैन) उनके पास एक प्रपोजल लेकर आया था. कि अगर मैं उस देश को बांग्लादेश में एयरबेस बनाने की अनुमति देती, तो मुझे कोई समस्या नहीं होती पर वे एक देश बनाना चाहते हैं, लेकिन उनकी सोच कहीं आगे की है. मैं जानती हूं कि वे कहां जाने का इरादा रखते हैं. मैं जानती हूं कि मैंने ऑफर नहीं माना इसलिए ही हमारी अवामी लीग पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार हमेशा संकट में रहती है. अभी और परेशानी होगी, लेकिन इस पर फिक्र करने की कोई जरूरत नहीं है. मैं देश का कोई हिस्सा किराए पर लेकर या किसी को सौंपकर सत्ता में नहीं आना चाहती. मुझे कोई अन्य देश और सत्ता की जरूरत नहीं है.”

मई में शेख हसीना की आशंका 3 महीने बाद सच साबित हुई. आवामी लीग पार्टी पर ऐसा संकट मंडराया कि उन्हें बांग्लादेश को आनन फानन में छोड़कर भागना पड़ा.  

अल्लाह की रहमत से मैं जल्द वापस लौटूंगी: शेख हसीना

शेख हसीना ने बांग्लादेश छोड़ने की वजह भी बताई और कहा कि “अगर मैं देश में रहती तो और अधिक मौत होती, अधिक संसाधनों और सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया जाता. मैंने देश छोड़ने का अत्यंत कठिन निर्णय लिया. मैं आपकी नेता बनी क्योंकि आपने मुझे चुना, आप मेरी ताकत थे. यह समाचार पाकर मेरा दिल रो रहा है कि मेरी पार्टी आवामी लीग के कई नेता मारे गए. अल्लाह की रहमत से मैं जल्द ही वापस लौटूंगी. अवामी लीग चुनौतियों से लड़कर बार-बार खड़ी हुई है. मैं हमेशा बांग्लादेश के भविष्य के लिए प्रार्थना करूंगी, जिस राष्ट्र का सपना मेरे महान पिता ने देखा था और उसके लिए प्रयास किया. वह देश जिसके लिए मेरे पिता और परिवार ने अपनी जान दे दी.”

षड्यंत्रकारियों ने छात्रों की मासूमियत का फायदा उठाया: शेख हसीना
शेख हसीना ने प्रदर्शनकारी छात्रों के लिए कहा कि “षडयंत्रकारियों ने छात्रों की मासूमियत का फायदा उठाया और देश को अस्थिर करने के लिए इस्तेमाल किया.” जॉब आरक्षण पर बयान जारी करते हुए शेख हसीना ने शांति की अपील करते हुए कहा कि ‘मैं बांग्लादेश के युवा छात्रों से दोहराना चाहूंगी. मैंने आपको कभी रजाकार नहीं कहा. बल्कि आपको उकसाने के लिए मेरे शब्दों को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया. आप उस दिन का पूरा वीडियो देखें.”

अमेरिका ने कैसे सोशल मीडिया के जरिए कराया तख्तापलट

टीएफए अपनी खास पड़ताल में बताया था कि बीएनपी के सोशल मीडिया अकाउंट्स को बांग्लादेश के साथ-साथ अमेरिका से ऑपरेट किया जा रहा है. यानी इन अकाउंट्स के एडमिन अमेरिका जैसे देश में बैठे हुए हैं. बीएनपी की छात्र-विंग और मीडिया सेल के अकाउंट्स तक के एडमिन अमेरिका और मलेशिया जैसे देशों में बैठे हुए हैं. एनिलिसस में ये भी बात सामने आई कि पिछले कुछ हफ्तों की पोस्ट को अमेरिका से एम्प्लीफाई किया जा रहा था. ये पोस्ट बांग्लादेश में बीएनपी के छात्र-विंग के विरोध-प्रदर्शन से जुड़ी हुई थी. (शेख हसीना के तख्तापलट का US कनेक्शन)

तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना के विरोध में की गई पोस्ट को भी अमेरिका से एम्प्लीफाई यानी सोशल मीडिया पर बढ़ाया जा रहा था ताकि दुनियाभर में ये वायरल हो जाए. बीएनपी के मेन फेसबुक अकाउंट को बांग्लादेश के 62 एडमिन के साथ-साथ अमेरिका (02), इंग्लैंड (02), ऑस्ट्रेलिया, मलेशिया और यूएई जैसे देशों से संचालित किया जा रहा है. और इन्हीं सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए अफवाहें फैलाई गईं. हिंसा बढ़ाई गई और स्थिति ये हो गई कि शेख हसीना और उनके करीबियों को देश छोड़कर भागना पड़ा तो कुछ को इस्तीफा देकर जान बचानी पड़ी.

रूस ने किया था बांग्लादेश को आगाह
रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने दिसंबर 2023 को एक प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि “अगर अगले चुनाव में शेख हसीना सत्ता में आती हैं तो अमेरिका उन्हें सत्ता से हटाने के लिए अपनी सभी शक्तियों का इस्तेमाल करेगा.”

इस साल जनवरी में शेख हसीना लगातार चौथी बार सत्ता में आई थीं और रूस का बयान सही साबित हुआ. 7 महीने के अंदर ही छात्रों के आंदोलन से शुरु हुई चिंगारी सत्ता परिवर्तन तक पहुंच गई.

सेंट मार्टिन द्वीप क्यों कब्जाना चाहता था अमेरिका?
बंगाल की खाड़ी में मौजूद होने के चलते यह द्वीप रणनीतिक रूप से बहुत अहम माना जाता है. अमेरिकी इस द्वीप पर बेस बनाकर चीन के बढ़ते खतरे के खिलाफ अमेरिका अपनी बढ़त बनाना चाहता है, चीन के साथ-साथ अमेरिका, भारत पर भी इस बेस से नजर रख सकता है.

बांग्लादेश दक्षिण-पूर्वी छोर पर स्थिति सेंट मार्टिन द्वीप को लेकर कई बार विवाद हो चुका है. 60 के दशक में तत्कालीन पूर्वी पाकिस्तान छात्र लीग के छात्रों पाकिस्तान के सैन्य तानाशाह जनरल अयूब खान ने भारत का मुकाबला करने के लिए सैन्य अड्डा बनाने के लिए द्वीप को अमेरिका पर पट्टे पर दिया था. हालांकि, 1971 में बांग्लादेश बनने के बाद यह विवाद खत्म हो गया था. साल 1980 में फिर विवाद के बाद तत्कालीन सरकार में कहा था कि “सेंट मार्टिन में किसी को भी सैन्य अड्डा बनाने की अनुमति नहीं दी जाएगी.” 

साल 2023 में शेख हसीना ने खुद ही प्रमुख विपक्षी पार्टी बीएनपी पर आरोप लगाते हुए कहा था कि “बीएनपी देश को बेचकर या सेंट मार्टिन द्वीप को बेचकर सत्ता में आना चाहती हैं.” मामला बढ़ने पर अमेरिका को भी सफाई देनी पड़ी.

इस साल फिर से शेख हसीना ने इंटरव्यू में व्हाइट मैन और सैन्य अड्डे को लेकर बयान देकर सनसनी मचा दी थी. हालांकि शेख हसीना ने व्हाइट मैन के नाम का खुलासा नहीं किया था. लेकिन अब शेख हसीना ने साफ तौर पर खुलासा कर दिया है कि बांग्लादेश में जो कुछ भी हुआ उसके पीछे अमेरिका ही था. 

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