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रूसी जहाज पर US स्ट्राइक, क्या पुतिन का होगा पलटवार

उत्तरी अटलांटिक महासागर में वेनेजुएला से आ रहे रूसी तेल टैंकर पर अमेरिकी सेना के कब्जे से रूस बुरी तरह से भड़क गया है. रूसी झंडे वाले जहाज का लगातार अमेरिकी नौसेना पीछा कर रही थी, अपने टैंकर को बचाने के लिए रूस ने सबमरीन भी तैनात की थी, लेकिन अमेरिका ने रूसी टैंकर को अपने नियंत्रण में ले लिया है, जिसके बाद अमेरिका और रूस में तनाव बढ़ गया है.

रूस ने अमेरिकी कार्रवाई को खुले समंदर में समुद्री डकैती करार दिया है. रूस ने अपने बयान में कहा, अंतर्राष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन कर रहा है अमेरिका.

व्हाइट हाउस के मुताबिक जहाज के क्रू (संभवत रूसी लोग) को अमेरिकी लाने की तैयारी है. वहीं अमेरिकी विदेश सचिव मार्को रुबियो वेनेजुएला की अंतरिम सरकार से रूसी जहाज को लेकर संवाद कर रहे हैं. 

जहाज में मौजूद रूसी नागरिकों से सही व्यवहार करे अमेरिकी सैन्यबल: रूस

उत्तरी अटलांटिक महासागर में वेनेजुएला से आ रहे रूसी तेल टैंकर ‘मरीनेरा’ पर अमेरिकी सैन्य कब्जे के बाद रूस और अमेरिका के बीच मामला संवेदनशील हो गया है. 

रूसी विदेश मंत्रालय के हवाले से कहा कि “वह रूसी झंडे वाले तेल टैंकर पर अमेरिकी सैन्य बलों की लैंडिंग से जुड़ी खबरों पर करीबी नजर बनाए हुए है.”

रूस की ओर से कहा गया है कि “अमेरिका टैंकर पर मौजूद रूसी नागरिकों के साथ मानवीय और सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करे तथा उनके अधिकारों और हितों का पूरा सम्मान किया जाए. और जहाज पर मौजूद रूसी नागरिकों की शीघ्र और सुरक्षित स्वदेश वापसी में अमेरिका को कोई बाधा नहीं डालनी चाहिए.”

अमेरिका लाए जा सकते है जहाज के क्रू मेंबर्स, व्हाइट हाउस ने जारी किया बयान

व्हाइट हाउस ने भी बयान जारी करते हुए कहा कि “ट्रंप प्रशासन वेनेजुएला की अंतरिम सरकार के साथ लगातार और करीबी संपर्क में है और विदेश मंत्री मार्को रूबियो संवाद कर रहे हैं. अमेरिका के पास वेनेजुएला पर काफी दबाव और प्रभाव है और आने वाले फैसले काफी हद तक अमेरिकी हितों के अनुरूप होंगे.” 

व्हाइट हाउस ने कहा, “अमेरिका सभी प्रतिबंधों को सख्ती से लागू करेगा और जरूरत पड़ने पर जहाज के क्रू को अमेरिका लाया जा सकता है.”

अमेरिका समंदर में खुली लूट कर रहा, रूसी जहाज अमेरिकी तट से दूर था- रूस

रूसी संसद के ऊपरी सदन के वरिष्ठ नेता एंड्री क्लिशास ने अमेरिका पर तीखा हमला किया है. एंड्री क्लिशास ने कहा, “अमेरिका अपने नियमों के तहत सीधे-सीधे अंतरराष्ट्रीय कानून को रौंद रहा है. इस तरह की कार्रवाइयां वैश्विक समुद्री सुरक्षा के लिए खतरनाक हैं. अमेरिका खुले समंदर में लूट कर रहा है.”

रूस ने कहा, “पिछले कई दिनों से अमेरिकी तटरक्षक बल का एक जहाज़ मेरिनेरा का पीछा कर रहा है, जबकि हमारा जहाज अमेरिकी तट से लगभग 4,000 किलोमीटर दूर है.” 

कानून का उल्लंघन कर रहा है अमेरिका: रूसी परिवहन विभाग

रूसी परिवहन मंत्रालय ने पुष्टि की कि “अमेरिकी बलों के सुबह करीब 7 बजे जहाज पर चढ़ने के बाद से उसका मेरिनेरा से संपर्क टूट गया.”

मंत्रालय ने इस कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि “1982 के संयुक्त राष्ट्र समंदरी कानून के तहत किसी भी देश को दूसरे देश के विधिवत पंजीकृत जहाज के खिलाफ बल प्रयोग करने का अधिकार नहीं है.”

अमेरिकी सैन्य बल का जहाज जब्ती पर क्या कहना है?

अटलांटिक महासागर में यह जब्ती तब हुई जब आइसलैंड के पास समंदर में रूसी नौसेना की एक पनडुब्बी और कई युद्धपोत तैनात थे. अमेरिकी कोस्ट गार्ड्स ने करीब दो हफ्ते तक अटलांटिक महासागर में इस जहाज का पीछा किया था. 

अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक “यह कदम वेनेजुएला के तेल निर्यात पर लगाए गए अमेरिकी प्रतिबंधों को सख्ती से लागू करने का हिस्सा है. यह जहाज तेल खरीद के लिए वेनेजुएला जा रहा था.”

अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि “दोनों देशों के बीच किसी तरह की सैन्य भिड़ंत नहीं हुई. जहाज आइसलैंड और ब्रिटेन के बीच अटलांटिक सी में आगे बढ़ रहा था. पूरे ऑपरेशन को अमेरिकी कोस्ट गार्ड और सेना ने मिलकर अंजाम दिया. अमेरिकी सेना की यूरोपियन कमांड (ईयूकॉम) ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि यह जहाज अमेरिकी प्रतिबंधों का उल्लंघन कर रहा था, इसलिए इसे जब्त किया गया.”

अमेरिका ने पीछा किया तो जहाज पर लहराया रूसी झंडा

जिस जहाज को जब्त किया गया, उसका पुराना नाम बेला-1 था. बताया जा रहा है कि दिसंबर में अमेरिकी कोस्ट गार्ड ने इस जहाज पर कब्जा करने की कोशिश की थी, लेकिन चालक दल ने इसे नाकाम कर दिया. पीछा किए जाने के दौरान चालक दल ने जहाज पर रूसी झंडा बना दिया और इसका नाम बदलकर ‘मैरिनेरा’ कर दिया. अमेरिका का कहना है कि रूस ने बिना किसी जांच के इस जहाज को अपना रजिस्ट्रेशन दे दिया है, जिससे इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत सुरक्षा मिल सके. 

अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि “वो इस ‘डार्क फ्लीट’ के जरिए होने वाले अवैध तेल व्यापार को रोकना चाहता है.” जबकि रूस ने इसे वापस लाने के लिए एक पनडुब्बी सहित अन्य नौसैनिक संपत्ति भेजी थी.

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