अमेरिका भले ईरान के खिलाफ अपनी रणनीति का खुलासा नहीं कर रहा है लेकिन अब ये लगभग साफ हो गया है कि यूएस फोर्सेज़ ग्राउंड अटैक की तैयारी कर रही हैं. क्योंकि पिछले दो दिनों से अमेरिका की सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने ईरान के उन प्रांतों पर हमले किए हैं, जो इराक और कुवैत से सटे हैं. पिछले पांच महीने में सैंटकॉम ने इन प्रांतों पर कभी अटैक नहीं किया था.
जानकारी के मुताबिक, इराक और कुवैत से सटे पूर्वी अजरबैजान, कुर्दिस्तान, इलम और हमादान जैसे प्रांतों में अमेरिका के हमले देखे गए हैं. खुद ईरान ने इस बात की तस्दीक की है. माना जा रहा है कि इन प्रांतों में ईरानी सेना और आईआरजीसी (इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर) के ठिकानों को निशाना बनाया गया है. पिछले दो हफ्तों में सेंटकॉम ने ईरान के मिलिट्री ऑपरेशन सेंटर्स, एयरक्राफ्ट हैंगर, ड्रोन स्टोरेज फैसिलिटी, मिसाइल बेस और लॉजिस्टिक इंफ्रास्ट्रक्चर को जबरदस्त नुकसान पहुंचाया है.
संमदर से सटे प्रांतों मे ईरानी नौसेना को पहले किया कमजोर
पिछले पांच महीने से सेंटकॉम के हमलों का दायरा, फारस की खाड़ी, होर्मुज स्ट्रेट और ओमान की खाड़ी से सटे पश्चिमी और दक्षिणी ईरान के प्रांत रहे थे. इस दौरान, यूएस फोर्सेज़ ने खुजेस्तान, बुशहर, फार्स, होर्मुग्जन और बलूचिस्तान-सिस्तान प्रांतों के बंदरगाहों और सैन्य ठिकानों को तबाह किया था. ऐसा इसलिए ताकि ईरान की मेरीटाइम ताकत को छिन्न-भिन्न कर दिया जाए. लेकिन ये सभी हमले आसमान से किए गए थे.
एयर-स्ट्राइक की सीमित ताकत, पेंटागन को है जानकारी
सेंटकॉम ने अभी तक एफ-22 और एफ-16 जैसे लड़ाकू विमानों और बी-2 स्पिरिट बॉम्बर के जरिए ईरान पर हमले किए थे. इसके अलावा, युद्धपोत से टॉमहॉक मिसाइल और कुवैत जैसे खाड़ी देशों के सैन्य ठिकानों से हिमार्स रॉकेट और एटीएसीएमएस (आर्मी टेक्टिकल मिसाइल सिस्टम) मिसाइल से ईरान पर हमले किए थे. लेकिन पेंटागन (अमेरिकी रक्षा मंत्रालय) को समझ आ गया है कि एयर-स्ट्राइक की अपनी एक क्षमता है. उस क्षमता से ज्यादा, युद्ध में निर्णायक सफलता मिलना मुश्किल है.
सोमवार को सीनेट की बैठक में यूएस ज्वाइंट चीफ ऑफ स्टाफ, जनरल डैन कैन ने भी हवाई हमलों की ‘लिमिटेशन’ के बारे में जिक्र किया. एक सीनेटर के सवाल के जवाब में कि क्या अब अमेरिका, ईरान के खिलाफ ग्राउंड अटैक करेगा, जनरल कैन ने ऐसे किसी भी ‘हाइपोथेटिकल’ सवाल का जवाब देने से इंकार कर दिया. लेकिन साथ में ये भी जोड़ दिया कि उन्होंने (जनरल कैन ने) अमेरिकी राष्ट्रपति को ईरान के खिलाफ निर्णायक जीत के लिए सभी विकल्प की जानकारी साझा की है. लेकिन इन विकल्पों के साथ यूएस मिलिट्री को होने वाले ‘रिस्क’ यानी खतरों से भी आगाह किया है.
पेंटागन भली-भांति जानता है कि ईरान पर ग्राउंड अटैक करने से बड़ी संख्या में अमेरिकी सैनिकों के हताहत होने का अंदेशा है. क्योंकि ईरानी सेना भी जमीनी लड़ाई की तैयारी कर रही है. यही वजह है कि अमेरिका भी फूंक-फूंक कर कदम रखा है.
टीएफए ने सबसे पहले किया था अमेरिका के ग्राउंड अटैक मैप का खुलासा
हाल में टीएफए ने सबसे पहले इजरायल के सोशल मीडिया पर वायरल एक ग्राफिक्स-मैप का खुलासा किया था. इस मैप में दिखाया गया था कि कैसे खाड़ी देशों की मदद से अमेरिकी सेना, ईरान पर ग्राउंड अटैक की तैयारी कर रही है. इसके अलावा, इराक में सक्रिय कुर्द मिलिशिया भी इजरायली स्पेशल फोर्सेज़ की मदद से ईरान के बॉर्डर से हमले की तैयारी कर रहे हैं. इस मैप के खुलासे के बाद से ईरान में हड़कंप मच गया है.
ईरानी कमांडर के हौंसलों ने दिया जवाब
ग्राउंड अटैक मैप के खुलासे के बाद, ईरान के कमांडर तक कहते सुने गए थे कि अगर अमेरिका ने जमीनी हमला किया, तब ऐसी परिस्थितियों में खुद ईरान अपने संसाधनों को तबाह कर देगा. क्योंकि ऐसी रिपोर्ट सामने आ रही हैं कि अमेरिका, ईरान के खर्ग आईलैंड और केशम द्वीप पर कब्जा करने की तैयारी कर रहा है. इसके लिए ओमान की खाड़ी में तैनात अमेरिकी नौसेना का जंगी बेड़ा धीरे-धीरे होर्मुज स्ट्रेट और फारस की खाड़ी की तरफ बढ़ रहा है.

