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अमेरिकी NSA आ रहे हैं भारत, संबंधों को पटरी पर लाने की कवायद शुरु

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीसरे कार्यकाल की शुरुआत में सबसे पहले विदेशी मेहमान हो सकते हैं अमेरिका के नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर (एनएसए) जैक सुलीवन. इस बात की जानकारी खुद अमेरिकी व्हाइट हाउस ने राष्ट्रपति जो बाइडेन और (कार्यवाहक) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच फोन पर हुई बातचीत के बाद बयान जारी कर दी है.

व्हाइट हाउस (अमेरिकी राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास) द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि एनएसए सुलीवन की यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच जरुरी (‘प्रायोरिटी’) मुद्दों पर बातचीत होगी. साथ ही भारत और अमेरिका के बीच विश्वास पर आधारित ‘स्ट्रेटेजिक टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप’ यानी सामरिक तकनीकी साझेदारी पर चर्चा होगी. 

पीएम मोदी के दूसरे कार्यकाल के दौरान अमेरिका ने भारत को स्वदेशी फाइटर जेट एलसीए तेजस प्रोजेक्ट के लिए एविएशन इंजन बनाने में मदद कर रहा है. अमेरिका की ‘जनरल-इलेक्ट्रिक’ (जीई) कंपनी भारत के रक्षा उपक्रम हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के साथ एक समझौता किया है ताकि मेक इन इंडिया के तहत एविएशन इंजन का निर्माण किया जा सके. इसके अलावा भारत ने 31 एमक्यू-9 प्रीडेटर ड्रोन खरीदने को लेकर भी दूसरे टर्म में चर्चा की थी. ऐसे में इस डील पर भी सुलीवन अपने भारतीय समकक्ष अजीत डोवाल से बात करेंगे. 

हालांकि, व्हाइट हाउस ने अपने बयान में खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की कोशिश की साजिश के बारे में कोई जिक्र नहीं किया है लेकिन माना जा रहा है कि इस दौरान बातचीत जरुर हो सकती है. 

बुधवार को बाइडेन ने खुद प्रधानमंत्री मोदी को फोन कर तीसरे कार्यकाल के लिए बधाई दी थी. बाइडेन ने भारत के आम चुनावों में 65 करोड़ मतदाताओं के हिस्सेदारी पर भी शुभकामनाएं देते हुए इस प्रक्रिया को ‘ऐतिहासिक’ बताया था. बातचीत के दौरान, बाइडेन और मोदी ने “फ्री, ओपन और प्रॉस्परस (समृद्ध) इंडो-पैसिफिक क्षेत्र” पर भी खास बात की थी. ये हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन की बढ़ती आक्रामकता पर लगाम लगाने के लिए था. दोनों देशों के राष्ट्राध्यक्षों ने ‘ग्लोबल स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप’ पर भी फोन पर बात की थी. 

गुरपतवंत सिंह पन्नू मामले के बाद से भारत और अमेरिका के संबंधों में दरार आ गई थी. इसके चलते ही बाइडेन ने गणतंत्र दिवस परेड (26 जनवरी) में मुख्य अतिथि के तौर पर आने से मना कर दिया था. साथ ही फरवरी के महीने में होने वाली क्वाड ग्रुप (भारत, अमेरिका, आस्ट्रेलिया और जापान) की अहम बैठक को भी टाल दिया था. लेकिन मोदी के तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने के चलते अमेरिका एक बार भारत के साथ संबंधों को पटरी पर लाने की कोशिश कर रहा है. इस साल के अंत में अमेरिका में भी आम चुनाव हैं. चुनाव में बाइडेन का मुकाबला पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से हो सकती है जो भारत और अमेरिका में रहने वाले भारतीय मूल के नागरिकों में भी खासे चर्चित हैं. 

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