क्या रूस अपने विक्ट्री डे के मौके पर यूक्रेन के साथ अस्थाई युद्धविराम की घोषणा करने की तैयारी कर रहा है. क्या रूस-यूक्रेन में शांति को लेकर बनने वाली है सहमति. क्या रूस के नए प्रस्ताव पर मान जाएगा यूक्रेन और नाटो देश.
ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थता की कोशिशों के बीच रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच फोन पर लंबी बातचीत हुई है. इस बातचीत की टाइमिंग बहुत अहम है, क्योंकि ये बातचीत ऐसे वक्त में हुई है, जब एक दिन पहले ही ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने पुतिन से मुलाकात की थी. इस मीटिंग के बाद रूस की ओर से ईरान को बहादुर बताते हुए कहा गया था, कि मॉस्को, सेंट्रल एशिया में शांति लाने के लिए सबकुछ करेगा.
हालांकि क्रेमलिन की ओर से कहा गया है कि ट्रंप के साथ तकरीबन डेढ़ घंटे से ज्यादा चली ये बातचीत यूक्रेन के मुद्दे पर हुई थी. क्रेमलिन ने बातचीत को दोस्ताना और व्यावसायिक बताया है.
बताया जा रहा है कि पुतिन ने यूक्रेन में जारी जंग को लेकर एक अहम प्रस्ताव रखा है. पुतिन ने अगले महीने द्वितीय विश्व युद्ध की समाप्ति की वर्षगांठ यानी कि विक्ट्री डे के मौके पर अस्थायी युद्धविराम लागू करने की बात कही है, तो ट्रंप ने इस प्रस्ताव का समर्थन करते हुए इसे सकारात्मक कदम बताया है.
रूस-यूक्रेन के बीच समझौता करीब, पुतिन-ट्रंप के बीच हुई बात
डोनाल्ड ट्रंप और पुतिन के बीच एक बार फिर से लंबी बातचीत हुई है. पुतिन के राजनीतिक सलाहकार यूरी उशाकोव ने जानकारी दी और बताया कि दोनों नेताओं ने मिडिल ईस्ट के युद्ध और यूक्रेन के मुद्दे पर चर्चा की. यह कॉल 90 मिनट से ज्यादा चली और उशाकोव के अनुसार इसमें “सीधी और काम की बात” की गई.
राष्ट्रपति पुतिन के दफ्तर क्रेमलिन के मुताबिक, ट्रंप का मानना है कि यूक्रेन संघर्ष को समाप्त करने के लिए समझौता अब करीब है. पुतिन और ट्रंप दोनों का मानना है कि कीव सरकार का व्यवहार संघर्ष को लंबा खींच रहा है.
इस बातचीत में पुतिन ने आरोप लगाया कि यूक्रेन ‘आतंकवादी तरीकों’ का इस्तेमाल कर रहा है. दोनों नेताओं ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की की सरकार के रवैये पर भी चर्चा की.
क्रेमलिन ने कहा कि, इससे पहले भी यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की को लेकर ट्रंप की नाखुशी कई बार सामने आई है और उन्होंने यूक्रेन पर संघर्षविराम के लिए दबाव डाला है. पुतिन ने मई में होने वाले आगामी ‘विजय दिवस’ समारोहों के दौरान संघर्ष-विराम का प्रस्ताव भी रखा. जिसपर ट्रंप का सकारात्मक रिस्पॉन्स रहा.
ईरान को लेकर पुतिन ने दी ट्रंप को वॉर्निंग
फोन कॉल में ईरान को लेकर भी बातचीत की गई है. यूरी उशाकोव के मुताबिक पुतिन-ट्रंप के बीच ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर बात की गई. पुतिन ने ईरान के साथ इस मुद्दे को सुलझाने के लिए ट्रंप को कुछ नए सुझाव दिए.
यूरी उशाकोव ने बताया, दोनों राष्ट्रपतियों ने “ईरान और पर्शियन गल्फ की स्थिति पर खास ध्यान दिया. पुतिन ने ईरान के साथ युद्धविराम बढ़ाने के ट्रंप के फैसले का समर्थन किया. लेकिन पुतिन ने यह भी चेतावनी दी कि अगर अमेरिका और इजरायल ने मिडिल ईस्ट में फिर से सैन्य कार्रवाई की, तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं.
पुतिन ईरान तनाव खत्म करने में मदद करना चाहते हैं: ट्रंप
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी पत्रकारों से कहा कि उनकी पुतिन से “बहुत अच्छी बातचीत” हुई, लेकिन ट्रंप का कहना है कि “बातचीत का ज्यादा फोकस ईरान के बजाय यूक्रेन युद्ध पर था.”
ट्रंप ने कहा कि “पुतिन अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे तनाव को खत्म करने में मदद करना चाहते हैं, लेकिन मैंने पुतिन से पहले यूक्रेन पर हमले को खत्म करने को कहा.”

