मिडिल ईस्ट में सैन्य तनाव एक बार फिर भड़का हुआ है, इस बीच रूस ने यूक्रेन पर अंतिम प्रहार की तैयारी कर ली है. पिछले 04 वर्षों से जारी जंग के बीच रूस, यूक्रेन के खिलाफ बेहद आक्रामक हो गया है. मॉस्को ने कीव में रह रहे विदेश राजनयिकों, उनके परिवार और सभी विदेशी नागरिकों को जल्द से जल्द शहर छोड़ देने का निर्देश दिया है.
स्टारोबिलस्क में हुए अब तक के सबसे घातक यूक्रेनी ड्रोन हमले के बाद रूसी विदेश मंत्रालय ने यह चेतावनी जारी की है. यूक्रेन पर किए गए इस हमले में 18 लोगों की मौत हो गई थी और 42 अन्य घायल हो गए थे.
कीव पर बड़े हमले की आशंका के बीच रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से बात की है. आपको बता दें कि रुबियो इन दिनों भारत दौरे पर हैं.
विदेशी नागरिक जल्द से जल्द कीव से बाहर निकलें: रूसी रक्षा मंत्रालय
रूसी रक्षा मंत्रालय ने घोषणा की है कि वह यूक्रेन पर सुनियोजित हमले शुरू कर रहा है. रूस की सेना ने कीव में यूक्रेन के रक्षा उद्योग के संस्थानों पर लगातार और सुनियोजित हमले शुरू कर दिए हैं. इनमें ड्रोन के डिजाइन, निर्माण और प्रोग्रामिंग के साथ-साथ उन्हें ऑपरेशन के लिए तैयार करने वाली खास सुविधाएं भी शामिल हैं.
रूसी विदेश मंत्रालय ने कहा, “कीव की सरकार इन ड्रोनों का इस्तेमाल नाटो के विशेषज्ञों की मदद से करती है, जो उन्हें कल-पुर्जे मुहैया कराते हैं और जासूसी व लक्ष्य की पहचान से जुड़ा डेटा देते हैं.”
रूस ने अपने बयान में कहा, कीव में रहने वाले राजनयिक मिशनों और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधियों समेत सभी विदेशी नागरिकों को तुरंत शहर छोड़ने के लिए चेतावनी देता है.
विदेशी नागरिकों से कहा गया, “चूंकि ये सुविधाएं पूरे कीव में फैली हुई हैं, इसलिए हम विदेशी नागरिकों – जिनमें राजनयिक मिशनों और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के कर्मचारी भी शामिल हैं – को सूचित करते हैं कि वे जल्द से जल्द शहर छोड़ दें. हम यूक्रेनी राजधानी के निवासियों से आग्रह करते हैं कि वे ज़ेलेंस्की शासन के सैन्य और प्रशासनिक बुनियादी ढांचे की सुविधाओं के पास न जाएं.”
हम यूक्रेन के मिलिट्री इंडस्ट्री को टारगेट करेंगे: रूसी रक्षा मंत्रालय
रूसी रक्षा मंत्रालय के एक्स अकाउंट पर शेयर किए गए बयान में लिखा है, “ जेलेंस्की की सैन्य सरकार और उसके पश्चिमी प्रायोजक, जो यूक्रेनी सशस्त्र बलों को हमारे लोगों के खिलाफ अपराध करने के लिए उपकरण मुहैया कराते हैं, ने पूरी दुनिया के सामने अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के मानदंडों के प्रति अपनी घोर अवहेलना का प्रदर्शन किया है. यह 1949 के जिनेवा कन्वेंशन और उसके अतिरिक्त प्रोटोकॉल का सीधा उल्लंघन है, जो संघर्षों के दौरान नागरिकों की सुरक्षा को नियंत्रित करते हैं. साथ ही 1989 के बाल अधिकारों पर कन्वेंशन और कई अन्य महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय दस्तावेजों का भी उल्लंघन है.”
रूसी रक्षा मंत्रालय ने कहा, “इन सब बातों ने हमारे धैर्य की सीमा पार कर दी है. मौजूदा हालात में, रूसी संघ के सशस्त्र बल कीव में स्थित यूक्रेनी सैन्य-औद्योगिक परिसर के उद्यमों पर सुनियोजित हमले कर रहे हैं, जिनमें नाटो विशेषज्ञों की सहायता से कीव सरकार द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे यूएवी डिपो के डिजाइन, उत्पादन, प्रोग्रामिंग और उपयोग की तैयारी में शामिल विशिष्ट स्थल भी शामिल हैं.”
कीव पर अटैक को लेकर लावरोव ने की रुबियो से बात
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से बात की. दोनों के बीच रूस-यूक्रेन युद्ध तथा ईरान की स्थिति पर चर्चा की गई. अमेरिकी विदेश मंत्रालय का दावा है कि ये बातचीत रूसी विदेश मंत्री के अनुरोध के बाद हुई.
अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने बातचीत की जानकारी देते हुए कहा, “दोनों विदेश मंत्रियों ने रूस-यूक्रेन युद्ध, द्विपक्षीय संबंधों और ईरान की स्थिति पर विचारों का आदान-प्रदान किया.”
वहीं रूसी विदेश मंत्रालय ने कहा, “हमारे विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने यूक्रेन की सेना से जुड़े कीव स्थित ठिकानों पर हमले शुरू करने के रूस के फैसले से अवगत कराया. इस बातचीत में लावरोव ने कहा कि ये सुनियोजित और लगातार हमले रूसी क्षेत्र में शांतिप्रिय आबादी और नागरिक ठिकानों के खिलाफ कीव शासन द्वारा जारी आतंकवादी हमलों के जवाब में किए जा रहे हैं.”
आपको बता दें, रूसी विदेश मंत्रालय की ये घोषणा 22 मई की रात को हुए स्टारोबेल्स्क (एलपीआर) में लुगांस्क स्टेट पेडागोजिकल यूनिवर्सिटी पर हुए यूक्रेनी ड्रोन हमलों के बाद की गई है. इन हमलों में दर्जनों छात्रों की मौत हुई थी.

