By Nalini Tewari
तुर्किए की राजधानी अंकारा में आयोजित नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन का सदस्य देशों का दिया गया उपहार मिस फायर कर गया है. सम्मेलन में शामिल सभी 32 देशों के शीर्ष नेताओं को तुर्किए के राष्ट्रपति एर्दोगन ने पिस्टल और गोली देकर दुनिया को हैरान कर दिया है.
नाटो देशों की शिखर सम्मेलन में आए राष्ट्राध्यक्षों को जब कस्टमाइज्ड बॉक्स दिया गया तो वो चौंकाने वाला था.
नाटो सम्मेलन खत्म होने के बाद ये खुलासा ब्रिटेन के पीएम कीर स्टार्मर ने किया, क्योंकि उन्होंने सुरक्षा और कानूनी प्रक्रियाओं के चलते रिवॉल्वर को अपने साथ ले जाने से मना कर दिया. जिसके बाद ये सच दुनिया के सामने आ गया कि एर्दोगन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से लेकर फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों तक सभी राष्ट्राध्यक्षों को क्या गिफ्ट किया है.
एर्दोगन ने गिफ्ट में दी घातक पिस्टल
इसी सप्ताह अंकारा में नाटो देशों का जमावड़ा था. नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान यूरोपीय देशों के साथ फ्यूचर और वैश्विक संघर्षों पर चर्चा की गई. इस कार्यक्रम के होस्ट तुर्किए के राष्ट्रपति एर्दोगन रहे. इस शिखर सम्मेलन में रूस-यूक्रेन से लेकर ईरान के साथ चल रहे युद्ध में बातचीत पूरी दुनिया में छाई रही, लेकिन सम्मेलन समाप्ति के बाद एर्दोगन के अनोखे गिफ्ट ने सबका ध्यान खींच लिया.
तुर्किए के रक्षा क्षेत्र को प्रदर्शित करने के लिए एर्दोगन ने विंटेश गुमुसे रिवॉल्वर भेंट की है. पिस्तौल को तुर्की ध्वज और नाटो प्रतीक चिन्ह वाले लकड़ी के बक्से में प्रदर्शित किया गया था, साथ ही उस पर तुर्की और अंग्रेजी में एक पट्टिका लगी थी जिस पर लिखा था: “गुमुसे – हमारे देश में निर्मित पहली रिवॉल्वर.” पिस्तौल के बगल में छह बिना खुली गोलियां और निर्यात नियंत्रण नियमों से छूट देने वाला एक नोट रखा था.
एर्दोगन ने हर नेता को उपहार के तौर पर पिस्टल और उसके साथ गोलियों का डिब्बा भेंट किया. हर पिस्तौल पर हर राष्ट्राध्यक्ष का नाम अंकित किया गया था.
तुर्किए को पूरी दुनिया में उसके पिस्तौल और छोटे हथियारों के लिए जाना जाता है. तुर्किए की जिगाना पिस्टल बेहद घातक मानी जाती है. एर्दोगन इस उपहार के जरिए अपने देश के रक्षा उद्योग को बढ़ावा देना चाहते है.
स्टार्मर नहीं ले गए पिस्टल, लिथुआनिया ने शेयर कि गिफ्ट की तस्वीर
अब तक दुनिया यही कयास लगा रही थी कि आखिर तुर्किए ने राष्ट्राध्यक्षों को क्या गिफ्ट किया है. लेकिन जब ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर इस तोहफे को अपने साथ नहीं ले गए तो दुनिया के सामने ये खुलासा हो गया कि एर्दोगन ने क्या गिफ्ट किया है. दरअसल स्टार्मर ने सुरक्षा और कानूनी प्रक्रियाओं के चलते अपनी रिवॉल्वर साथ नहीं ले गए. उनका यह उपहार फिलहाल तुर्की में ब्रिटिश अधिकारियों की निगरानी में सुरक्षित रखा गया है.
लिथुआनियाई राष्ट्रपति गिटानास नौसेदा के कार्यालय द्वारा जारी की गई तस्वीरों से पता चलता है कि उपहार में एक गुमुसे .357 मैग्नम रिवॉल्वर दी गई है, जो 1990 के दशक में तुर्की की हथियार निर्माता कंपनी एमकेई द्वारा निर्मित एक दुर्लभ छह-राउंड पिस्तौल है.
गिफ्ट देख पोलैंड घबराया, कनाडाई पीएम ने बताया, रिवॉल्वर बेकार की गई
पोलैंड के राष्ट्रपति कैरोल नवरोकी को भेंट की गई रिवॉल्वर भी सुरक्षित पहुँच गई, लेकिन आवश्यक सावधानियों के साथ, क्योंकि उन्हें एक पिछली घटना याद थी.
दिसंबर 2022 में, पोलैंड के पुलिस प्रमुख यूक्रेन से एक टैंक-रोधी ग्रेनेड लॉन्चर उपहार में लेकर लौटे थे. यह उपकरण उनके कार्यालय में फट गया, जिससे उन्हें मामूली चोटें आईं और वारसॉ स्थित पुलिस मुख्यालय को व्यापक क्षति हुई थी.
राष्ट्रपति नवरोकी के अधिकारियों ने कहा, “यह निश्चित है कि कोई भी इसका इस्तेमाल नहीं करेगा.”
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने गिफ्ट को लेकर प्रतिक्रिया दी. कहा, “मुझे लगा कि तुर्की के तोहफ़े के मुकाबले मेरा मेपल सिरप का तोहफ़ा कुछ कमजोर पड़ गया. मैं कनाडाई लोगों को भरोसा दिलाना चाहता हूँ – मुझसे बंदूक दूर ही रखी गई है. रिवॉल्वर को बेकार कर दिया गया था और हो सकता है कि इसे नेशनल वॉर म्यूज़ियम में रखा जाए.”
कनाडाई अधिकारियों ने बताया कि “ पीएम कार्नी अपनी रिवॉल्वर तो साथ ले आए, लेकिन गोलियाँ तुर्की में ही छोड़ आए.”
बेल्जियन, स्पेन, नीदरलैंड, स्वीडन, इटली का बढ़ा सिरदर्द, पिस्टल का क्या करेंगे
बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर को बेल्जियम पहुँचने के बाद ही गिफ्ट की असलियत” का पता चला. बेल्जियम के अधिकारी ने कहा, “प्रधानमंत्री हैरान रह गए और उन्होंने तुरंत इसे एयरपोर्ट पुलिस को सौंप दिया, ताकि इसे सुरक्षित जगह पर रखा जा सके और मामले को तय नियमों के अनुसार निपटाया जा सके.”
स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज के प्रवक्ता ने कहा, कि “सम्मेलन में भाग लेने वाले नाटो सदस्य देशों के सभी नेताओं को एक ही प्रकार की बंदूकें भेंट की गईं, जिन पर उनके नाम लिखे हुए थे.”
वहीं नीदरलैंड और स्वीडन के राष्ट्राध्यक्षों के कार्यालय के मुताबिक, “पिस्तौलें अंकारा स्थित उनके दूतावासों में भेज दी गई हैं. डच पिस्तौल को निष्क्रिय किए जाने की उम्मीद है, जबकि स्वीडिश पिस्तौल आयात प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार कर रही है.”
वहीं, इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की पिस्तौल को अन्य राजकीय उपहारों के साथ सरकारी मुख्यालय, पलाज़ो चिगी में रखा गया है.
यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन अपनी बंदूक एक सैन्य संग्रहालय को दान करने की योजना बना रही हैं, तो ग्रीक नेता अपनी बंदूक एथेंस के युद्ध संग्रहालय को दान करने की घोषणा की है.
क्लासिक रिवॉल्वर गुमसे के बारे में जानिए
गुमसे .357 मैग्नम तुर्किए की सबसे बड़ी सरकारी रक्षा कंपनी एमकेई की बनाई हुई रिवॉल्वर है. इसे 1990 के दशक में बनाया गया था. यह .357 मैग्नम कैलिबर की छह गोली वाली रिवॉल्वर है. यह रिवॉल्वर आज बाजार में नहीं बनती. तुर्की की हथियार इंडस्ट्री अब आधुनिक सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल और सैन्य हथियारों का निर्माण कर रही है इसलिए गुमसे को ऐतिहासिक रिवॉल्वर माना जाता है.
आज यही कंपनी तुर्की की सेना के लिए असॉल्ट राइफल, स्नाइपर राइफल, मोर्टार, हॉवित्जर, नौसैनिक तोपें, गोला-बारूद, एयर डिफेंस सिस्टम और यहां तक कि ड्रोन भी बनाती है. कंपनी 40 से ज्यादा देशों को रक्षा उपकरण निर्यात करती है.
एक आर्म सर्वे के अनुसार, साल 2019 से 2024 के बीच तुर्की दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्मॉल आर्म्स एक्सपोर्टर रहा. इस दौरान उसने करीब 3 अरब डॉलर के हथियार निर्यात किए.
दरअसल इस गिफ्ट के जरिए तुर्किए यूरोपीय देशों में अपने हथियार निर्यात की कोशिश कर रहा है. लेकिन जिस तरह से की देशों ने सुरक्षा कारणों के चलते गिफ्ट को अपने दूतावास के हवाले कर दिया और कुछ देश संग्रहालय में भेजने का प्लान कर रहे हैं, लगता यही है कि एर्दोगन का ये गिफ्ट बहुत प्रभावित नहीं कर पाया है.

