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ट्रंप ने AI तस्वीर से धमकाया, खर्ग आईलैंड पर हमले का प्लान तैयार

By Nalini Tewari

ईरान के साथ नहीं खत्म हो रही जंग के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आर या पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है. सांकेतिक तौर पर ट्रंप ने ईरान में ग्राउंड एक्शन की घोषणा कर दी है, जिसका मुकाबला करने के लिए तेहरान ने अपनी तैयारियां शुरु कर दी है

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पर दो तस्वीरें पोस्ट की हैं. एआई जनरेटेड तस्वीरों के जरिए ट्रंप ने ईरान को खर्ग द्वीप को लेकर धमकाया है, साथ ही एक तस्वीर में खुद को दुनिया का संरक्षक बताते हुए, आक्रामकता से कहा है कि दुश्मनों को सबसे बुरा समय दिखाने का वक्त आ गया है.

ट्रंप ने ये तस्वीरें ऐसे वक्त में पोस्ट की हैं, जब तकरीबन दो सप्ताह की जंग के बाद अमेरिका-ईरान दोनों की तरफ से हमले रोके गए हैं और बातचीत पर एक बार फिर से जोर दिया गया है. लेकिन बातचीत की उम्मीदों के बीच ट्रंप द्वारा पोस्ट की गई तस्वीरों से माहौल फिर गरम हो गया है.

तेहरान पर आखिरी प्रहार की तैयारी में अमेरिका?

ट्रंप ने एआई से बनी अपनी कई तस्वीरें ट्रुथ सोशल प्लेटफॉर्म पर पोस्ट की हैं. इन तस्वीरों में अमेरिकी सेना की ईरान के खिलाफ जीत दिखाई है. ट्रंप खुद इन तस्वीरों में कहीं ईरान के तेल टैंकर को जब्त करते हुए तो कहीं ईरानी द्वीपों पर बमबारी करते दिख रहे हैं.

एक तस्वीर में ट्रंप अमेरिकी झंडे के साथ एक टैंकर पर खड़े दिख रहे हैं, जबकि दूसरी तस्वीर में लड़ाकू विमान खर्ग द्वीर पर बमबारी करते हुए दिखाई दे रहे हैं. एआई तस्वीर में ट्रंप ने खुद को दुनिया का रक्षक कहा है.

ट्रूथ सोशल पर साझा की गई तस्वीरों में साफ तौर पर एक ईरानी तेल टैंकर पर कब्जा करने और ईरान के प्रमुख तेल निर्यात केंद्र ‘खर्ग द्वीप’ पर फाइटर जेट्स द्वारा बमबारी करते हुए दिखाया गया है.

ये तस्वीरें सांकेतिक तौर पर बता रही है कि भले ही गोलीबारी रुक गई हो, लेकिन अमेरिका किसी भी वक्त एक बड़ा हमला करने के लिए बैठा हुआ है. वहीं एक्सपर्ट्स ये भी मान रहे हैं कि तस्वीरें बातचीत से पहले ईरान पर दबाव बनाने के लिए हैं कि अगर ईरान नहीं माना तो फिर ग्राउंड एक्शन को हरी झंडी दे दी जाएगी.

अमेरिका के पास गोला-बारूद की कोई कमी नहीं: ट्रंप

ट्रंप ने उन खबरों को खारिज कर दिया है, जिनमें कहा गया था कि ईरान के खिलाफ सैन्य अभियानों से अमेरिका के हथियारों का भंडार कम हो रहा है. दावा किया जा रहा था कि ईरान के साथ जंग के चलते अमेरिकी सेना एयर डिफेंस सिस्टम की कमी से जूझ रही है.

ट्रंप ने अपने बयान में कहा, “अमेरिका के पास जरूरत से कहीं ज्यादा गोला-बारूद है. पश्चिम एशिया में चल रहे अभियानों से हमारे मिसाइल भंडारों पर दबाव नहीं है.”

ट्रंप ने ईरान पर कटाक्ष करते हुए कहा, “हथियारों की कमी अमेरिका नहीं बल्कि ईरान में हुई है. ईरानियों के पास ये हथियार खत्म हो रहे हैं और इन्हें दागने के लिए जगहें भी कम पड़ रही हैं. हमारे सैन्य अभियानों ने ईरान के मिसाइल इंफ्रास्ट्रक्चर और लॉन्च साइट को काफी हद तक कमजोर कर दिया है.”

वेंस और शीर्ष सैन्य अधिकारी मे दी है युद्ध रोकने की सलाह

पिछले सप्ताह ही अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने सेना को बजट पास करने की मांग की थी. इस बीच ऐसी खबरें आईं कि वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों ने चेतावनी दी कि अभियान बढ़ाने से मिडिल-ईस्ट में तैनात पैट्रियट इंटरसेप्टर मिसाइलों और दूसरे वायु रक्षा प्रणालियों का स्टॉक कम हो सकता है. ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष जनरल डैन केन ने ट्रंप को बताया कि पेंटागन ने हाल के महीनों में 1,200 से ज्यादा पैट्रियट इंटरसेप्टर मिसाइलों का इस्तेमाल किया है. इससे अमेरिकी सैनिकों, सहयोगियों और सैन्य ठिकानों पर ईरानी जवाबी हमलों का खतरा बढ़ सकता है.

उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और जनरल केन दोनों ने व्हाइट हाउस में हाल ही में हुई बैठक के दौरान युद्ध को और बढ़ाने पर चिंता जताई थी. जिसके बाद ट्रंप ने कहा था कि “हम ईरान के साथ बातचीत कर रहे हैं, क्योंकि हालात बेहद गंभीर हैं.”

बातचीत के बयान के बाद ट्रंप ने एआई तस्वीरें भेजकर एक बार फिर से आग में घी डालने का काम कर दिया है. 

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