जम्मू कश्मीर में मारे गए लश्कर आतंकी हासिम मूसा के एनकाउंटर से बिलबिलाए पाकिस्तान ने एक ऐसी बेहूदा चाल चली कि पूरी दुनिया में जग-हंसाई हो रही है. पाकिस्तानी सेना एक ऐसे शख्स को सामने लेकर आई है जो हासिम मूसा का हमशक्ल लगता है और पाकिस्तान की स्पेशल फोर्स एसएसजी का एक पूर्व कमांडो है.
पाकिस्तानी सेना ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर कश्मीर में मारे गए लश्कर आतंकी हासिम मूसा की कहानी को फर्जी बताया. पाकिस्तानी सेना की मीडिया विंग, इंटर सर्विस पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) के महानिदेशक, लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने सम्मेलन में हासिम मूसा के हमशक्ल को पेश किया और दावा किया कि ये पाकिस्तानी सेना की एसएसजी का कमांडो मोहम्मद आसिफ है, जिसे भारतीय सेना ने जम्मू कश्मीर एनकाउंटर में मारे गए आतंकी के तौर पर पेश किया है.
कश्मीर के बडगाम में मारा गया था पाकिस्तानी एसएसजी कमांडो, जो बन गया था लश्कर का आतंकी
बुधवार को भारतीय सेना की श्रीनगर स्थित चिनार कोर ने दावा किया था कि सेंट्रल कश्मीर के बडगाम में मारा गया आतंकी, लश्कर ए तैयबा का कमांडर और पाकिस्तानी नागरिक आसिफ मोहम्मद था. भारत का दावा है कि मारा गया आतंकी आसिफ कोई और नहीं बल्कि पाकिस्तानी सेना की स्पेशल फोर्स, एसएसजी (स्पेशल सर्विस ग्रुप) का कमांडर था. करीब तीन साल पहले आसिफ ने पाकिस्तान के सबसे बड़े आतंकी संगठन, लश्कर ए तैयबा के अपने साथियों के साथ नियंत्रण रेखा (एलओसी) से घुसपैठ कर जम्मू कश्मीर पहुंचा था.
चिनार कोर के मुताबिक, जम्मू कश्मीर पहुंचने पर आसिफ ने अपनी पहचान बदलकर अपना नाम हासिम मूसा रख लिया था. क्योंकि वो पाकिस्तानी सेना में काम कर चुका था, इसलिए लश्कर में उसे ‘फौजी’ के नाम से भी जाना जाता था.
हासिम मूसा के साथी पहले हो चुके थे ढेर
भारत के गृह मंत्रालय के मुताबिक, पिछले वर्ष पहलगाम नरसंहार को अंजाम देने में हासिम भी शामिल था. हासिम ने अपने साथियों के साथ कश्मीर पहुंचकर एक तस्वीर जारी की थी कुछ दिनों बाद भारतीय सेना ने हासिम के बाकी तीन साथी जुनैद भट्ट, सलमान और यासिर को अलग-अलग मुठभेड़ में मार गिराया था.
सुरक्षा बल लंबे समय से मूसा के पीछे थे, हाल ही में उसे खत्म करने के लिए सभी संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर एक खास योजना बनाई गई. भारतीय सुरक्षा बलों द्वारा मूसा को मार गिराया जाना जम्मू और कश्मीर केंद्र-शासित प्रदेश में लश्कर के नेटवर्क के लिए एक बहुत बड़ा झटका है.
हासिम मूसा के खात्मे के लिए सुरक्षाबलों ने चलाया था ऑपरेशन शेरुवाली
मूसा को खत्म करने के लिए सेना ने सीआरपीएफ और जम्मू कश्मीर के साथ इसी साल मई के महीने में ‘ऑपरेशन शेरूवाली’ लॉन्च किया था. तभी से सुरक्षाबल मूसा के पीछे थी लेकिन कई बार हाथ से निकल गया था.
2023 के बाद से जम्मू कश्मीर में किए बड़े आतंकी हमले, डीकेजी की घटना में था शामिल
वर्ष 2023 में घुसपैठ के तुरंत बाद मूसा और उसके साथियों ने पुंछ-राजौरी क्षेत्र में डीकेजी इलाके में सेना के एक काफिले पर हुए हमले के बाद दो भारतीय सैनिकों के शवों के साथ बर्बरतापूर्ण कार्रवाई की थी. इसके अलावा, हालन हमला (अगस्त 2023), कंडी हमला (मई 2023), शाहसीतार हमला (मई 2024), शिव खोरी हमला (जून 2024), गगनगीर हमला (अक्टूबर 2024) और बूटापथरी हमले (अक्टूबर 2024) में भी मूसा और उसके साथी शामिल थे.

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