By Nalini Tewari
फ्लाईदुबई की दुबई से तेलअवीव वाली फ्लाइट को क्रैश कराने की कोशिश की खौफनाक साजिश के पीछे किसका हाथ था. इस बात का खुलासा बिना किसी सबूत के अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने किया है.
ट्रंप ने दावा किया है कि इजरायल में और 9/11 जैसी साजिश रचने के पीछे ईरान था. ट्रंप का कहना है कि जल्द ही जांच पूरी हो जाएगी, और कड़ी-दर कड़ी जुड़ जाएगी.
वहीं यूएई में हिरासत में लिए गए फ्लाइट का ओमानी को-पायलट हमम अल-हम्मामी लगातार नया खुलासा कर रहा है. हम्मामी ने बताया है कि वो जुलाई से ही यात्रियों से भरे विमान को इजरायल की ही इमारत से टकराने जैसी साजिश को अंजाम देने की फिराक में था. क्योंकि वो इजरायल से गाजा का बदला लेना चाहता था.
प्लेन साजिश में ईरान का हाथ: ट्रंप
व्हाइट हाउस में मीडिया से बातचीत करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा है कि फ्लाईदुबई घटना के पीछे ईरान था. ट्रंप से पूछा गया कि क्या उन्हें लगता है कि इस हमले के पीछे ईरान का हाथ है?
इस पर ट्रंप ने कहा, “हां, मैं व्यक्तिगत रूप से ऐसा मानता हूं कि फ्लाईदुबई कांड में ईरान का हाथ है.
यह मामला 30 सितंबर को फ्लाईदुबई की फ्लाइट एफज़ी1073 में सामने आया था. दुबई से तेल अवीव जा रही इस फ्लाइट में ओमानी को-पायलट हमाम अल-हम्मामी ने कॉकपिट के अंदर भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला कर दिया था. उसने कैप्टन पर कुल्हाड़ी से हमला किया और कथित तौर पर विमान को नीचे गिराने की कोशिश की थी लेकिन स्मित मच्छार के धैर्य और साहसिक कदम के कारण यात्रियों की मदद से ओमानी को पायलट को पकड़ लिया गया वहीं फ्लाइट को क्रैश करने और 170 से ज्यादा यात्रियों की जान बचाई जा सकी थी.
जांच में अबतक क्या पता चला है
हम्मामी को यूएई में हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. जांच एजेंसियों के मुताबिक ओमानी पायलट हम्मामी की कथित योजना विमान को इजरायल के बेन गुरियन एयरपोर्ट की तरफ ले जाने की थी.
पूछताछ में आरोपी हम्मामी ने बताया कि कैप्टन मच्छार को काबू करने के बाद वह सामान्य तरीके से फ्लाइट चलाता, जरूरी लैंडिंग क्लियरेंस हासिल करता और फिर विमान को तेल अवीव की इमारत या फिर एयरपोर्ट की किसी सुविधा या वहां खड़े विमान से टकरा देता.
हम्माम ने जांच में कबूल किया है कि वो गाजा का बदला लेना चाहता था. और चाहता था कि गाजा के लोग या इस्लामिक कट्टरपंथी उसे शहीद समझें.
आपको बता दें कि पिछले साल, कट्टरपंथी विचारधारा को लेकर चिंताओं के कारण हम्मामी को ओमान की एक राष्ट्रीय एयरलाइन के प्रशिक्षण कार्यक्रम से हटा दिया गया था, लेकिन बाद में उसे एयरलाइन में ही दूसरा पद सौंप दिया गया.
इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी अपने बयान में कहा कि को-पायलट उसके निजी रिकॉर्ड से मिली जानकारी के अनुसार, “हमें पता चला है कि उसे कट्टरपंथी इस्लामी विचारधारा सिखाई गई थी. उसने पकड़े जाने के बाद कहा था ‘मुझे मार डालो,’ जिससे आत्महत्या करने का इरादा ज़ाहिर होता है.”


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