कैप्टन स्मित माच्छर के साथ फ्लाई-दुबई की फ्लाइट को हाईजैक होने और साथी यात्रियों की जान बचाने के लिए इजरायल की सरकार ने अपने चार (04) यात्रियों को सबसे बड़ा सिविल पुरस्कार देने की घोषणा की है. गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने भी स्मित को अपने राज्य (गुजरात) का गौरव अवार्ड देने का ऐलान किया है.
दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाई-दुबई की उड़ान में
कैप्टन स्मित के अलावा फ्लाई-दुबई में कुछ छह लोग ऐसे थे, जिन्होंने प्लेन को कंट्रोल किया और ओमानी पायलट को काबू में किया. इनमें चार इजरायली यात्री थे और 02 ऐसे पायलट थे, जो ऑफ-ड्यूटी थे. ऑफ-ड्यूटी पायलट की पहचान आनी बाकी है.
जिन 04 इजरायली यात्रियों को इजरायल की सरकार ने सबसे बड़ा सिविल पुरस्कार देने की घोषणा की है, वे इस प्रकार हैं:
1. यानिव हायुन
पेशे से प्लंबर, यानिव का कहना है कि ओटीटी सीरीज ‘मेडे’ (एयर क्रैश इन्वेस्टीगेशन) देखकर उसने प्लेन का लीवर ऊपर की तरफ किया ताकि विमान को जमीन पर गिरने से बचाया जा सके. यानिव से खुद इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात की और पूरी घटनाक्रम बयां किया.
जानकारी के मुताबिक, स्मित ने जब कॉकपिट का लॉक खोला तो यानिव ही सबसे पहले कॉकपिट में दाखिल हुआ था. कॉकपिट का लॉक खुलने के बाद यानिव ने देखा कि स्मित प्लेन के फ्लोर पर खून से लथपथ है. कॉकपिट में दाखिल होने के बाद यानिव ने पाया कि कॉकपिट की सीट पर कोई मौजूद नहीं था. यानिव के मुताबिक, ओमानी (आरोपी) पायलट कॉकपिट में खड़ा हुआ था और वहां लगे सिस्टम्स को तोड़ रहा था ताकि कोई प्लेन को ना उड़ा पाए और सीधा नीचे जाकर गिर जाए. इस दौरान प्लेन आड़ा तिरछा हो रहा था और नीचे की तरफ जा रहा था. यानिव के मुताबिक, उसने सबसे पहले कॉकपिट के लीवर को खिंच दिया जिससे प्लेन एक बार फिर ऊपर की तरफ जाने लगा.
2. तज्विक मेनेस
तज्विक की पत्नी ने सबसे पहले कॉकपिट में हुई लड़ाई के बारे में अपने पति (तज्विक) को जानकारी दी थी. तज्बिक की पत्नी अपने बेटी को कॉकपिट के ठीक बाहर वाले वॉशरूम में लेकर गई थी. तज्विक की पत्नी जब बाहर निकली तो उसने कॉकपिट में उठापठक की आवाज सुनी. पत्नी ने तुरंत तज्बिक को जानकारी दी. तज्बिक जैसे ही कॉकपिट में जाने के लिए
आगे बढ़ा, कॉकपिट का दरवाजा खोला और स्मित फ्लोर पर आकर गिर गया. यानिव तब तक कॉकपिट में पहुंच चुका था. यानिव और तज्विक ने तुरंत ओमानी पायलट को काबू में किया. इस दौरान, ओमानी पायलट भी घायल हुआ और यानिव की टी-शर्ट पर खून लग गया.
3. आसफ राजुआन
आसफ भी कॉकपिट में सबसे पहले पहुंचने वालों में था. उसने ही बताया कि प्लेन में 02 ऑफ ड्यूटी पायलट थे, जिन्होंने तबूक एयरपोर्ट पर प्लेन की सुरक्षित लैंडिंग कराई थी.
4. डॉक्टर सोता मुसायेव
पेशे से डेंटिस्ट, डॉक्टर सोता ने स्मित को शुरुआती उपचार दिया जिसके कारण समय रहते जान बच पाई. ओमानी पायलट ने स्मित पर कॉकपिट में रखी कुल्हाड़ी से कई वार किए थे और स्मित के शरीर पर हुए घाव से भारी खून बह रहा था. बाद में स्मित और ओमानी (आरोपी) पायलट को तबूक के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था. अब खबर है कि दोनों को सऊदी अरब से यूएई भेज दिया गया है.


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