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सऊदी अरब को गोला-बारूद निर्यात करेगा भारत

 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मेक फॉर द वर्ल्ड’ के सपने को साकार करते हुए भारत मित्र-देश सऊदी अरब को गोला-बारूद एक्सपोर्ट करने जा रहा है. सऊदी अरब के दौरे पर गए रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट की मौजूदगी में भारत की एम्युनिशन इंडिया लिमिटेड (एमआईएल) ने सऊदी अरब के साथ ‘आर्टिलरी एम्युनिशन’ निर्यात करने का करार किया है. इस सौदे की कुल कीमत करीब 225 मिलियन डॉलर है. 

रक्षा राज्यमंत्री अजय भट्ट इनदिनों सऊदी अरब में आयोजित वर्ल्ड डिफेंस शो (4-8 फरवरी) में शिरकत कर रहे हैं. इसी दौरान उनकी उपस्थिति में एमआईएल ने ये सौदा (करीब 1870 करोड़) किया है. एमआईएल इस डिफेंस शो में हिस्सा ले रही हैं. 

रक्षा उपक्रम एमआईएल का हेडक्वार्टर पुणे में है और इसके अंतर्गत करीब एक दर्जन फैक्ट्रियां कार्यरत हैं जो देश की सशस्त्र सेनाओं के लिए स्मॉल आर्म्स एम्युनेशन से लेकर टैंक, तोप, मोर्टार और रॉकेट के गोलों का निर्माण करती हैं. पहले ये उपक्रम ऑर्डनेंस फैक्ट्री बोर्ड (ओएफबी) के अंतर्गत काम करते थे. लेकिन वर्ष 2021 में रक्षा क्षेत्र में सुधार और हथियारों के निर्यात के लिए मोदी सरकार ने ओएफबी का कॉरपोरेटडाइजेशन कर दिया था. उसी कड़ी में एमआईएल ने सऊदी अरब के साथ गोला-बारूद निर्यात करने का सौदा किया है. खुद रक्षा राज्यमंत्री और एमआईएल ने एक्स अकाउंट पर तस्वीरों के साथ इस करार की घोषणा की.

सऊदी अरब के साथ रक्षा सौदा ऐसे समय हुआ है जब दोनों देशों की सेनाएं इनदिनों राजस्थान की महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में पहला साझा युद्धाभ्यास कर रही हैं. पाकिस्तान सीमा के करीब दोनों देशों की सेनाएं संयुक्त राष्ट्र (यूएन) चार्टर के तहत मिलिट्री एक्सरसाइज कर रही हैं. (पाकिस्तानी सीमा पर भारत-सऊदी अरब का युद्धाभ्यास)

रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, सऊदी अरब के दौरे के दौरान रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट ने अपने समकक्ष प्रिंस खालिद बिन सलमान बिन अब्दुलअजीज अल सऊद से भी बैठक की और रक्षा सहयोग बढ़ाने पर बातचीत की. 

इस साल (2023-24) के दौरान भारत ने करीब 16 हजार करोड़ के हथियार और दूसरे रक्षा उपकरणों का निर्यात किया है. रक्षा मंत्रालय ने अगले साल (2024-25) तक इसे 35 हजार करोड़ करने का लक्ष्य रखा है. पीएम मोदी के आत्मनिर्भर अभियान के तहत भारत रक्षा क्षेत्र आयात को कम कर मेक इन इंडिया के तहत स्वदेशी हथियारों का निर्माण तो कर ही रहा है साथ ही मित्र-देशों को निर्यात भी कर रहा है. इसी कड़ी में फिलीपींस को ब्रह्मोस मिसाइल और आर्मेनिया को पिनाका रॉकेट सिस्टम और रडार प्रणाली का एक्सपोर्ट किया गया है. अफ्रीकी और दक्षिण अमेरिकी देश भी भारत के हथियार और स्वदेशी लड़ाकू विमान और हेलीकॉप्टर खरीदने में दिलचस्पी दिखाई है. इसके अलावा भारत स्वदेशी तोप को भी निर्यात करने की तैयारी कर रहा है. 

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