पूरी दुनिया में पाकिस्तान की थू-थू हो रही है. यूएनएससी में भी पाकिस्तान अपना नापाक नैरेटिव सेट करने में नकार रहा है. इस बीच अमेरिका से मिली है भारत को बदला लेने की हरी झंडी. अमेरिकी संसद के स्पीकर माइक जॉनसन ने कैपिटल हॉल में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा है कि “भारत को हर हाल में आतंकवाद के खिलाफ खड़ा होना होगा. अमेरिका, आतंकियों के खिलाफ भारत को हर संसाधन मुहैया कराएगा.”
भारत ने साफ कर दिया है कि पाकिस्तान से बदला लेने के लिए दिन और समय आर्मी चुनेगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आर्मी को खुली छूट दी है. वहीं पाकिस्तान से किसी भी तरह से संभावित सैन्य खतरे को देखते हुए सिविल मॉकड्रिल के जरिए नागरिकों को भी तैयार करना शुरु कर दिया गया है.
अमेरिका, भारत के लिए जो कर सकता है वो करेगा: माइक जॉनसन
अमेरिकी संसद के स्पीकर ने पहलगाम नरसंहार पर बात करते हुए भारत का साथ देने की घोषणा की है. माइक जॉनसन ने कहा, “हम भारत के साथ, हम अपने सहयोगी के साथ खड़े हैं. हम भारत का साथ देने का हर मुमकिन प्रयास करेंगे. ट्रंप प्रशासन आतंकवाद से निपटने के लिए भारत को हर संसाधन मुहैया कराएगा. अमेरिका हर वो कोशिश करेगा, जो वो कर सकता है. मुझे लगता है कि रिश्ते ऐसे ही प्रगाढ़ होते हैं. ट्रंप प्रशासन स्पष्ट रूप से इसकी अहमियत को समझता है और आतंकवाद के खतरे को भी समझता है.”
भारत-अमेरिका के संंबंध प्रगाढ़ हैं, आतंक के खिलाफ हम भारत के साथ मजबूती से खड़े हैं: माइक जॉनसन
माइक जॉनसन ने कहा, “भारत में जो कुछ हुआ है, उसके प्रति हमारी पूरी संवेदना उनके साथ है. हम हमारे सहयोगियों के साथ खड़े होना चाहते हैं. मुझे लगता है कि भारत कई मायनों में हमारा महत्वपूर्ण साझेदार देश है. दोनों देशों के बीच जल्द ही ट्रेड को लेकर बातचीत सफल होगी. अगर खतरा बढ़ता है तो आप देखेंगे कि ट्रंप प्रशासन संसाधन के साथ हर मुमकिन मदद करेगा. अगर आतंकवाद बढ़ता है तो ट्रंप प्रशासन इससे निपटने में मदद करने के लिए अधिक ऊर्जा, संसाधन और समय लगाएगा.”
जॉनसन ने भारत और अमेरिका के बीच की ट्रेड डील पर भी बात की और उम्मीद जताई कि “दोनों देशों के बीच जल्द ही बातचीत सफल होगी.”
भारत के साथ जुटा अमेरिकी खुफिया तंत्र, भारत के साथ संपर्क में डोनाल्ड ट्रंप, मार्को रुबियो
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने पिछले दिनों भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर से फोन पर बात की थी. रुबियो ने कहा था कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में अमेरिका, भारत के साथ खड़ा है. पीएम मोदी को हमारा पूरा समर्थन है. वहीं 22 अप्रैल को हमले वाले दिन ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुद पीएम मोदी से फोन पर लंबी बात की थी और भारत के साथ खड़े रहने की घोषणा की थी.
इस्लामिक आतंकियों को पकड़ने में करेंगे मदद: तुलसी गबार्ड
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, विदेश मंत्री मार्को रुबियो के बाद ट्रंप प्रशासन में राष्ट्रीय खुफिया निदेशक तुलसी गबार्ड ने भारत के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहने का ऐलान किया था. तुलसी गबार्ड ने कहा, “इस भयावह इस्लामी आतंकी हमले के बाद हम भारत के साथ एकजुट हैं, जिसमें पहलगाम में 26 हिंदुओं को निशाना बनाकर मार डाला गया. मेरी प्रार्थनाएं और गहरी संवेदनाएं उन लोगों के साथ हैं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया. हम आपके साथ हैं और इस जघन्य हमले के लिए जिम्मेदार लोगों को दबोचने में आपका समर्थन करेंगे.”


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