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पेरिस ओलंपिक की सुरक्षा इंडियन K-9 के हवाले

पेरिस ओलंपिक की सुरक्षा के लिए पहली बार भारत की बेहद खास ‘के-9’ टीम की मदद ली गई है. ये के-9 टीम है इंडो-तिब्बत बॉर्डर पुलिस (आईटीबीपी) की डॉग- स्क्वायड. पीएम की सिक्योरिटी से लेकर गणतंत्र दिवस जैसे खास आयोजन में तैनात की जाने वाली के-9 स्निफर टीम टीम पहली बार विदेश में किसी बड़े आयोजन की सुरक्षा में तैनात की गई है.

पेरिस (फ्रांस) में तैनात भारतीय राजदूत जावेद अशरफ ने खुद इस बात की जानकारी दी है. अशरफ के मुताबिक, दस सदस्य के-9 टीम पूरे एक महीने के लिए पेरिस में होने जा रहे ओलंपिक की सुरक्षा में मदद करने के तैनात रहेगी. के-9 टीम के साथ आईटीबीपी और दूसरे पैरा-मिलिट्री फोर्स (सीआरपीएफ, एनएसजी और असम-राइफल्स) के हैंडलर्स भी साथ रहेंगे.

पेरिस में 26 जुलाई से ओलंपिक शुरु होने जा रहा है. 11 अगस्त तक होने वाले इस महा-आयोजन के दौरान भारी सुरक्षा-व्यवस्था की गई है. आतंकी हमलों और कानून-व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए भारी सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं. ऐसे में भारत के साथ ‘सुरक्षा सहयोग’ के मद्देनजर फ्रांस ने के-9 टीम को खास पेरिस आमंत्रित किया है.  

ओलंपिक के अलावा आईटीबीपी की के-9 टीम ने फ्रांस के ‘नेशनल-डे’ (14 जुलाई) की सुरक्षा में भी अपना योगदान दिया. हर साल 14 जुलाई को पेरिस की सड़कों पर एक भव्य परेड का आयोजन किया जाता है. पिछले साल इस परेड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य अतिथि के तौर पर उपस्थित रहे थे.

आईटीबीपी की कैनाइन (के-9) टीम, बम और गोला-बारूद से लेकर ड्रग्स तक सूंघ सकती है. इस टीम में बेल्जियम मेलिनोइस से लेकर लैब्राडॉग और देसी नस्ल के डॉग भी हैं. पीएम सुरक्षा में तैनात स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (एसपीजी) और नेशनल सिक्योरिटी गार्ड्स (एनएसजी), के-9 स्क्वायड को वीवीआईपी सुरक्षा के लिए इस्तेमाल करती है. साथ ही नक्सल प्रभावित इलाकों में आईईडी का पता लगाने में भी के-9 का इस्तेमाल किया जाता है.

भारतीय सेना भी एलओसी सहित काउंटर-टेररिज्म ऑपरेशन में डॉग स्क्वायड का इस्तेमाल करती है. आईटीबीपी के डॉग स्क्वायड की ट्रेनिंग चंडीगढ़ के करीब भानु में होती है तो भारतीय सेना के स्निफर टीम की मेरठ स्थित आरवीसी (री-माउंटेड एंड वेटनरी कोर) में. 

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