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इजरायल का ईरान पर हवाई हमला, बदला पूरा ?

जैसा पूरी दुनिया को आशंका थी, इजरायल ने 1 अक्टूबर को हुई मिसाइल अटैक का ईरान से बदला लेने का दावा किया है. शुक्रवार देर रात इजरायल के करीब 100 फाइटर जेट ने डेढ़ हजार किलोमीटर दूर ईरान की राजधानी तेहरान के बाहरी इलाकों में सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया. ईरान ने हालांकि, हमले के बाद कहा कि आईआरजीसी हेडक्वार्टर को नुकसान नहीं पहुंचा है.

इजरायली डिफेंस फोर्सेज (आईडीएफ) के मुताबिक, रात करीब 2 बजे एफ-15 और एफ-35 स्टेल्थ फाइटर जेट ने टोही विमानों और रिफ्यूलर्स की मदद से ईरान के पांच शहरों में एयर-स्ट्राइक की. इन हमलों के बाद ईरान के अलग-अलग सैन्य ठिकानों से आग की ऊंची-ऊंची लपटें निकलने की खबरें आई.

इजरायल का दावा है कि हमले में ईरान के कुख्यात पैरा-मिलिट्री फोर्स, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) के मुख्यालय पर भी निशाना बनाया गया. साथ ही ईरान के ड्रोन और मिसाइल बनाने वाली फैक्ट्रियों पर भी हमला किया गया. इन हमलों में ईरान को कितना बड़ा नुकसान हुआ है, ठीक ठीक पता लगाना मुश्किल है. क्योंकि ईरान ने कहा है कि राजधानी तेहरान में जिंदगी आम दिनों की तरह सामान्य है. साथ ही आईआरजीसी मुख्यालय को भी नुकसान नहीं पहुंचा है. (https://x.com/IDF/status/1850016881924526179)

तेहरान में हमास के पॉलिटिकल चीफ हानिये और लेबनान की राजधानी बेरूत में आतंकी संगठन हिजबुल्लाह के कमांडर हसन नसरल्लाह की मौत के बाद इसी महीने की 1 तारीख को ईरान ने इजरायल पर बड़ा मिसाइल अटैक किया था. ईरान ने 180 मिसाइलों से इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद सहित कई अहम सैन्य ठिकानों पर हमला किया था. इन हमलों में ईरान ने हाइपरसोनिक और बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल किया था.

ईरान की मिसाइल तेल अवीव के बाहरी इलाके में स्थित मोसाद के हेडक्वार्टर के करीब जाकर गिरी थी. ऐसे में मोसाद को कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ था.

ईरान के हमले के बाद ही इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बदला लेने का ऐलान किया था. जवाबी कार्रवाई में इजरायल ने ईरान के परमाणु संयंत्र और ऑयल रिफाइनरी पर हमले का प्लान तैयार किया था. लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने इजरायल को न्यूक्लियर फैसिलिटी पर अटैक ने करने की सलाह दी थी.

बाइडेन ने कहा था कि इजरायल को ईरान के हमले के अनुपात में ही अटैक को अंजाम देना चाहिए. यही वजह है कि शुक्रवार देर रात के हमले में इजरायल ने ईरान के परमाणु संयंत्र या फिर तेल के ठिकानों को निशाना नहीं बनाया है. (https://x.com/PressTV/status/1850059041675899125)

इजरायल ने सुबह छह बजे अपने सभी 100 लड़ाकू विमानों के वापस अपने बेस लौटने की जानकारी दी. ऐसे में ये माना जा रहा है कि हमले के दौरान ईरान के एयर-डिफेंस सिस्टम फाइटर जेट को डिटेक्ट करने में नाकाम रहे. ये इसलिए भी है क्योंकि इजरायल ने दावा किया है कि हमले के दौरान ईरान के रडार सिस्टम को भी नुकसान पहुंचाया गया है. साथ ही सीरिया में भी ईरान समर्थित आतंकियों के ठिकानों पर इजरायल ने अटैक किया.

इजरायल ने हमले से पहले अमेरिका को पूरी जानकारी दे दी थी. हालांकि, इसी हफ्ते खबर आई थी कि अमेरिकी रक्षा विभाग के मुख्यालय, पेंटागन से इजरायल का वॉर-प्लान लीक हो गया था. यही वजह है कि इजरायल को ईरान से बदला लेने में थोड़ा वक्त लग गया.

अब पूरी दुनिया की निगाहें ईरान की तरफ लग रही है कि क्या शुक्रवार के हमले का कोई जवाब दिया जाएगा. कही ऐसा तो नहीं, ईरान अपनी पुरानी रणनीति के तहत अपने प्रोक्सी आतंकी संगठन हमास, हिजबुल्लाह और हूती विद्रोहियों के जरिए ही इजरायल को युद्ध में उलझा कर रखा जाएगा. (इजरायल की स्ट्राइक में पत्रकारों पर आफत, बौखलाया Al Jazeera)

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