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इंडोनेशिया में मेक इन इंडिया, MKU लगाएगी प्लांट

देश में हथियारों के रिकॉर्ड उत्पादन के बीच कानपुर की जानी मानी डिफेंस कंपनी एमकेयू ने विदेश में फहरा दिया है मेक इन इंडिया का झंडा. एमकेयू ने इंडोनेशिया में उन्नत इलेक्ट्रो-ऑप्टिक्स (नाइट विजन और थर्मल इमेजर उपकरण) बनाने के लिए एक इंडोनेशियाई कंपनी ने बड़ा करार किया है.

कंपनी ने एक बयान जारी कर बताया कि इंडोनेशिया की प्रमुख निजी रक्षा कंपनी पीटी रिपब्लिककॉर्प के साथ एक रणनीतिक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं.

यह साझेदारी भारत और इंडोनेशिया के बीच बढ़ते रक्षा और औद्योगिक सहयोग का एक प्रमुख उदाहरण है. एमकेयू और इंडोनेशिया की कंपनी के बीच ये समझौता पेरिस के नॉर्ड विलेपिंटे डिफेंस एक्सपो के दौरान हुआ है. ये समझौता इंडोनेशिया के घरेलू सामग्री आवश्यकता (टीकेडीएन) ढांचे के अनुरूप है. 

आपको बता दें कि भारत और इंडोनेशिया रक्षा क्षेत्र में अहम पार्टनर हैं. हाल ही में इंडोनेशिया ने भारत के साथ सुपरसोनिक ब्रह्मोस मिसाइल खरीदने का भी समझौता किया है. अब एमकेयू कंपनी के साथ इंडोनेशिया के साथ ये समझौता रक्षा उद्योग सहयोग में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है.

इंडोपैसिफिक क्षेत्र में बढ़ी रणनीतिक साझेदारी, भारतीय कंपनी संग इंडोनेशिया का रक्षा समझौता

भारत की प्रमुख डिफेंस कंपनी एमकेयू लिमिटेड और इंडोनेशिया की सबसे बड़ी प्राइवेट डिफेंस होल्डिंग कंपनी पीटी रिपब्लिक कोर्पोरा इंडोनेशिया ने इंडोनेशिया में इलेक्ट्रो-ऑप्टिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं को संयुक्त रूप से विकसित करने और स्थानीय स्तर पर स्थापित करने के लिए एक समझौता किया है.

एमओयू के तहत, कंपनी का ‘नेट्रो ऑप्ट्रोनिक्स’ डिवीजन, इंडोनेशियाई कंपनी के के साथ मिलकर एडवांस्ड इलेक्ट्रो-ऑप्टिक सिस्टम के लिए स्थानीय उत्पादन और इंटीग्रेशन फ्रेमवर्क स्थापित करेगा, जिसमें सैनिकों और प्लेटफॉर्म दोनों के लिए नाइट विजन, थर्मल इमेजिंग, मल्टी-सेंसर फ्यूजन प्लेटफॉर्म और सिचुएशनल अवेयरनेस शामिल हैं. इस व्यवस्था में टेक्नोलॉजी ट्रांसफर, संयुक्त निर्माण, स्थानीय सर्टिफिकेशन और एमकेयू के ऑप्ट्रोनिक्स पोर्टफोलियो को इंडोनेशिया के रक्षा इकोसिस्टम में शामिल करने की योजना है.

आपको बता दें कि कि साल 2013 में स्थापित और इंडोनेशिया की सबसे बड़ी निजी स्वामित्व वाली रक्षा औद्योगिक होल्डिंग के रूप में पहचानी जाने वाली रिपब्लिककॉर्प इस साझेदारी में मैन्युफैक्चरिंग सुविधाओं और रेगुलेटरी विशेषज्ञता का एक व्यापक नेटवर्क लेकर आई है. कंपनी ने हाल ही में मानवरहित हवाई सिस्टम, गाइडेड मिसाइल और नौसैनिक प्लेटफॉर्म के क्षेत्र में वैश्विक रक्षा कंपनियों के साथ महत्वपूर्ण स्थानीयकरण समझौतों को औपचारिक रूप दिया है और अब वह एडवांस्ड ऑप्ट्रोनिक्स के लिए भी इसी स्थानीयकरण-आधारित दृष्टिकोण को अपना रही है, जिससे इंडोनेशिया की डिफेंस इंडस्ट्री को नया आयाम मिला है.

भारत-इंडोनेशिया के बीच बढ़ रही डिफेंस पार्टनरशिप

भारत और इंडोनेशिया के बीच तेजी से रक्षा साझेदारी बढ़ रही है. पिछले साल (2025) नवंबर में भारत और इंडोनेशिया के बीच तीसरी रक्षा मंत्रियों के बीच द्विपक्षीय वार्ता का आयोजन किया गया था. इस बातचीत के बाद दोनों देशों ने द्विपक्षीय संबंध मजबूत करते हुए दोनों देश टेक्नोलॉजी ट्रांसफर, रिसर्च एंड डेवलेपमेंट, सर्टिफिकेशन तालमेल और सप्लाई-चेन इंटीग्रेशन को शामिल करते हुए एक जॉइंट डिफेंस इंडस्ट्री कोऑपरेशन कमेटी बनाने पर सहमत हुए थे.

भारत-इंडोनेशिया के बीच इस पार्टनरशिप के चलते ही इंडोनेशिया ने भारत से ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज़ मिसाइल सिस्टम खरीदने के समझौता किया है. उस वक्त रक्षा मंत्री राजनाथ ने भारत के दौरे पर आए इंडोनेशिया के रक्षा मंत्री  को ब्रह्मोस मिसाइल की ‘रेप्लिका’ उपहार स्वरूप दी थी. इंडोनेशिया के साथ ब्रह्मोस मिसाइल का ये सौदा करीब 450 मिलियन डॉलर (करीब 3877 करोड़) का है.

आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को बढ़ा रही है हमारी कंपनीकरण गुप्ता

एमकेयू और इंडोनेशियाई कंपनी के साथ हुआ समझौता आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया जैसे लक्ष्यों को आगे बढ़ा रहा है. अगर भारत के रक्षा निर्यात के आंकड़ों पर गौर किया जाए तो वित्तीय वर्ष 2025-26 में ₹38,424 करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है — जो पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 62.66% से अधिक है और देश तेजी से साल 2029 तक ₹50,000 करोड़ के वार्षिक रक्षा निर्यात के अपने लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है. इस रिकॉर्ड में ₹17,353 करोड़ का योगदान देने वाली निजी क्षेत्र की कंपनियां भारत के विकास और सफलता में अहम भूमिका निभा रही हैं.

एमकेयू के इंटरनेशनल सेल्स के वाइस प्रेसिडेंट करण गुप्ता ने कहा: “रिपब्लिककॉर्प के साथ यह समझौता एमकेयू के इंटरनेशनल विस्तार में एक अहम कदम है और इंडो-पैसिफिक के लिए एक भरोसेमंद, लंबे समय के डिफेंस पार्टनर के तौर पर भारत की क्षमता का सीधा प्रमाण है. टीकेडीएन-अनुपालन वाले संयुक्त उत्पादन के जरिए इंडोनेशिया में अपने इलेक्ट्रो-ऑप्टिक्स पोर्टफोलियो को स्थानीय करना, इंडोनेशिया की डिफेंस संप्रभुता और दो महान समुद्री देशों के बीच साझेदारी को गहरा करने की दिशा में एक रणनीतिक प्रतिबद्धता है.”

एमकेयू कंपनी के मुताबिक, “लगातार इनोवेशन, वर्ल्ड-क्लास मैन्युफैक्चरिंग और बढ़ती इंटरनेशनल मौजूदगी के ज़रिए,  हमारी कंपनी दुनिया भर में एडवांस्ड डिफेंस सॉल्यूशन के भरोसेमंद सप्लायर के तौर पर भारत की स्थिति को मज़बूत कर रहा है.”

आपको बता दें कि एमकेयू लिमिटेड एक ग्लोबल डिफेंस टेक्नोलॉजी कंपनी है, जिसका मिशन स्मार्ट, भविष्य के लिए तैयार डिफेंस सॉल्यूशन के ज़रिए ड्यूटी पर तैनात हमारे जांबाजों को सशक्त बनाना है. भारत में हेडक्वार्टर और भारत,  यूएई और जर्मनी में यूरोपियन सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस के साथ मैन्युफैक्चरिंग और ऑपरेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर वाली एकेयू पर 100 से ज़्यादा देशों की 230 से ज़्यादा आर्म्ड फोर्सेज़ भरोसा करती हैं.

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