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मोदी ने दिया पिनाका का ऑफर,मैक्रों ने एयरपोर्ट पर दी विदाई

फ्रांस की यात्रा पर गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को स्वदेशी पिनाका रॉकेट सिस्टम ऑफर की है. वहीं, फ्रांस ने भारत को (तीन) अतिरिक्त स्कॉर्पीन पनडुब्बियों के साथ ही एविएशन इंजन देने को लेकर चर्चा की.

मोदी के दौरे (10-12 फरवरी) के समापन पर दोनों देशों ने एक साझा बयान जारी कर सुरक्षा और संप्रभुता के लिए साझेदारी पर सहमति जताई. हालांकि, साझा बयान में भारतीय नौसेना के लिए राफेल के मरीन वर्जन को लेकर कोई जिक्र नहीं किया गया है.

राफेल (एम) पर नहीं हुई वार्ता

टीएफए  मीडिया ने प्रधानमंत्री मोदी के पेरिस दौरे से एक हफ्ते पहले ही बता दिया कि राफेल (एम) पर खास चर्चा की उम्मीद नहीं है. क्योंकि अभी सौदे की कीमत को लेकर दोनों देशों में वार्ता चल रही है.

स्वदेशी एयरक्राफ्ट कैरियर आईएनएस विक्रांत के लिए भारत, राफेल फाइटर जेट के 26 मरीन वर्जन खरीदना चाहता है.

साझा बयान में रणनीतिक साझेदारी के हिस्से के रूप में फ्रांस और भारत के बीच गहरे और दीर्घकालिक रक्षा सहयोग को याद करते हुए, राष्ट्रपति मैक्रों और प्रधानमंत्री मोदी ने 2024 में सहमत महत्वाकांक्षी रक्षा औद्योगिक रोडमैप के अनुरूप वायु और समुद्री परिसंपत्तियों के सहयोग को जारी रखने का स्वागत किया. (https://x.com/narendramodi/status/1889672275957293423)

स्कॉर्पीन क्लास पनडुब्बियों के लिए एपीआई तकनीक

दोनों नेताओं ने भारत में स्कॉर्पीन पनडुब्बियों के निर्माण में सहयोग में प्रगति की सराहना की. इसमें स्वदेशीकरण और विशेष रूप से डीआरडीओ द्वारा विकसित एयर इंडिपेंडेंट प्रोपल्शन (एआईपी) को पी75-स्कॉर्पीन पनडुब्बियों में एकीकृत करने और भविष्य की पी75-एएस पनडुब्बियों में एकीकृत लड़ाकू प्रणाली (आईसीएस) के संभावित एकीकरण के संबंध में किए गए विश्लेषण भी शामिल हैं.

दोनों नेताओं ने 15 जनवरी 2025 को पी75 स्कॉर्पीन-क्लास परियोजना की छठी और अंतिम पनडुब्बी, आईएनएस वाघशीर के भारतीय नौसेना के जंगी बेड़े में शामिल होने का स्वागत किया.

स्कॉर्पीन क्लास पनडुब्बियों, भारत ने फ्रांस की मदद से निर्माण की हैं. अब इस क्लास की तीन अतिरिक्त पनडुब्बियों के बनाने पर चर्चा आखिरी चरण में चल रही है.

फ्रांस ने किया है एमका जेट के लिए एविएशन इंजन का ऑफर

मोदी और मैक्रो ने मिसाइल, हेलीकॉप्टर इंजन और जेट इंजन को लेकर चल रही चर्चाओं का स्वागत किया

अमेरिका से एलसीए प्रोजेक्ट के लिए एविएशन इंजन की सप्लाई में देरी के बाद भारत अब फ्रांस और इंग्लैंड जैसे देशों से चर्चा कर रहा है. फ्रांस की साफरान कंपनी ने स्वदेशी स्टील्थ फाइटर जेट, एडवांस मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (एमका) के लिए इंजन देने की पेशकश की है.

फ्रांस को इसलिए चाहिए भारत का पिनाका रॉकेट

प्रधानमंत्री मोदी ने फ्रांसीसी सेना को पिनाका मल्टी बैरल लॉन्च रॉकेट (एमबीएलआर) सिस्टम पर करीब से गौर करने के लिए आमंत्रित किया और इस बात पर ज़ोर दिया कि फ्रांस द्वारा इस प्रणाली का अधिग्रहण भारत-फ्रांस रक्षा संबंधों में एक और मील का पत्थर होगा.

पिछले साल फ्रांसीसी सेना प्रमुख जब भारत के दौरे पर आए थे, तो खास तौर से राजस्थान के महाजन फील्ड फायरिंग रेंज गए थे. यहां पर फ्रांसीसी सेना प्रमुख ने पिनाका एमबीएलआर की लाइव फायरिंग की थी.

दरअसल, रूस-यूक्रेन जंग में आर्टिलरी और रॉकेट के जबरदस्त इस्तेमाल से यूरोप में पारंपरिक हथियारों की जबरदस्त मांग शुरू हो गई है. भारत का पिनाका रॉकेट सिस्टम, इस तरह के युद्ध के लिए एक बेहद ही सटीक हथियार साबित है. (फ्रांस खरीदेगा भारत का पिनाका रॉकेट सिस्टम, वजह है ये)

यूरोड्रोन प्रोजेक्ट से जुड़ा भारत

इसके अलावा, राष्ट्रपति मैक्रों ने ऑर्गेनाइजेशन फॉर ज्वाइंट आर्मामेंट कोऑपरेशन (ओसीसीएआर) के यूरोड्रोन (मीडियम ऑल्टिट्यूड लॉन्ग रेंज) प्रोजेक्ट में भारत को पर्यवेक्षक के रूप में शामिल करने के निर्णय का स्वागत किया, जो रक्षा उपकरण कार्यक्रमों में दोनों देशों की साझेदारी की बढ़ती ताकत में एक और कदम है.

इंडो-पैसिफिक में मेरीटाइम सुरक्षा

दोनों नेताओं ने समुद्री अभ्यासों और समुद्री गश्ती विमानों द्वारा संयुक्त गश्त सहित सभी क्षेत्रों में सैन्य अभ्यासों के नियमित संचालन की सराहना की। उन्होंने जनवरी 2025 में फ्रांसीसी कैरियर स्ट्राइक ग्रुप चार्ल्स डी गॉल की हाल की भारत यात्रा, उसके बाद फ्रांसीसी बहुराष्ट्रीय अभ्यास ला पेरोस में भारतीय नौसेना की भागीदारी और मार्च 2025 में वरुण अभ्यास के भविष्य के आयोजन का भी उल्लेख किया.

प्रोटोकॉल तोड़कर विदाई देने एयरपोर्ट पहुंचे मैक्रों

दौरे के समाप्ति पर फ्रांसीसी राष्ट्रपति मैक्रों, प्रोटोकॉल तोड़कर एयरपोर्ट पर पीएम मोदी को विदा करने आए. दोनों नेताओं के बीच तीन दिवसीय दौरे के दौरान जबरदस्त आत्मीयता और मित्रता पूर्ण संबंध दिखाई पड़े.

मार्सिले मे भारतीय दूतावास, भारत के लिए बेहद अहम है जगह

प्रधानमंत्री मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों के साथ मार्सिले में भारत के नए महावाणिज्य दूतावास का उद्घाटन किया है. मार्सिले, फ्रांस का बड़ा शहर और बंदरगाह के कारण एक अहम व्यापारिक शहर है. भूमध्य सागर के तट पर मार्सिले, भारत और फ्रांस के लिए व्यापार के दृष्टिकोण से बेहद अहम हो जाता है.

इंडिया-मिडिल ईस्ट- यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर परियोजना की घोषणा जी-20 शिखर सम्मेलन 2023 के दौरान नई दिल्ली में की गई थी. ये परियोजना भारत के पश्चिमी तट को यूरोप से पश्चिम एशिया के माध्यम से जोड़ने के लिए है. (https://x.com/narendramodi/status/1889446510280188286)

अगला एआई समिट भारत में होगा

पीएम मोदी इनदिनों (10-12 फरवरी) फ्रांस की आधिकारिक यात्रा पर हैं. मंगलवार को मोदी ने पेरिस में आयोजित एआई समिट में हिस्सा लिया था. पेरिस में इस बात की भी घोषणा की गई कि अगला एआई समिट भारत में आयोजित किया जाएगा.

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) के सचिव एस. कृष्णन के मुताबिक, “भारत अगले एआई शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा. भारत के लिए मेजबानी करने का यह सही समय है, जैसा कि प्रधानमंत्री ने पेशकश की थी और प्रस्ताव स्वीकार कर लिया गया कि अगले एआई शिखर सम्मेलन की मेजबानी इस साल के अंत में भारत में की जाएगी.”

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