ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने अमेरिका और इजरायल के कारण पिता अयातुल्ला खामेनेई के जनाजे से दूरी बना ली है. 28 फरवरी से नहीं दिखे मोजतबा खामेनेई, अपने पिता के अंतिम संस्कार में सुरक्षा कारणों के चलते शामिल नहीं होंगे. ये जानकारी ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि अयातुल्ला हाकिम इलाही ने दी है.
कहा जाता है कि 28 फरवरी को जब अयातुल्ला खामेनेई के घर पर अमेरिका ने एयरस्ट्राइक की थी तो मोजतबा भी वहां मौजूद थे, लेकिन जिस वक्त बम गिराए गए, उससे चंद मिनट पहले मोजतबा घर के आंगन में थे. अमेरिका और इजरायली खुफिया एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक मोजतबा खामेनेई बेहद गंभीर हालत में हैं, या कोमा में हो सकते हैं. वहीं ईरान का दावा है कि मोजतबा सुरक्षित हैं और ठीक अवस्था में हैं.
मोजतबा खामेनेई ईरानी जनता के साथ-साथ पूरी दुनिया के लिए पहेली बने हुए हैं. लोगों को उम्मीद थी कि 4 महीने बाद अयातुल्ला खामेनेई के अंतिम संस्कार के लिए हो रहे कार्यक्रमों में जहां वैश्विक नेता पहुंच रहे हैं, वहां मोजतबा पहली बार दिख सकते हैं. लेकिन अनहोनी का आशंका के चलते मोजतबा अपने पिता के जनाजे को अंतिम विदाई नहीं देंगे.
अयातुल्ला के कार्यक्रमों में नहीं पहुंचेंगे मोजतबा खामेनेई
ईरानी सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई के प्रतिनिधि अयातुल्लाह हकीम इलाही के हवाले से कहा गया है कि सुरक्षा कारणों के चलते ये फैसला लिया गया है कि मोजतबा अपने पिता अयातुल्ला के कार्यक्रमों में हिस्सा नहीं लेंगे. दरअसल ईरानी सुरक्षा एजेंसियों को इजराइली हमले का डर है इसलिए उन्होंने मोजतबा को अंतिम संस्कार समारोह से दूर रहने की सलाह दी है. हालांकि, इस मामले में अभी तक कोई और आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है.
हकीम इलाही का कहना है कि “यह फैसला सुरक्षा दृष्टि से लिया गया है. क्योंकि अमेरिका के साथ शांति समझौता हो गया हो, लेकिन दोनों पक्षों के बीच में अविश्वास हैं और इजरायल के साथ भी तनाव बना हुआ है.”
इलाही ने कहा कि “सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई के अलावा इस कार्यक्रम में पूरे ईरान और दुनिया से लोग शामिल हो रहे हैं. जिसके लिए ईरान में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं.”
इजरायल के टारगेट पर हैं मोजतबा खामेनेई, रक्षा मंत्री का ऐलान
इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने कहा था कि “ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई निशाने पर हैं. इसी सप्ताह काट्ज ने कहा था कि “ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा सहित जो भी नेता इजरायल को खत्म करने की योजना बनाएगा, वह उनका सीधा टारगेट होगा. ईरान के उत्तराधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा और उनका खात्मा इजरायल का लक्ष्य है.”
इस बयान पर ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने भी पलटवार किया. अराघची ने कहा, ईरान अपने नेतृत्व पर किसी भी खतरे का जोरदार जवाब देगा.
माना जा रहा है कि इजरायल की धमकी के कारण ही मोजतबा खामेनेई को सामने नहीं लाया जा रहा है, क्योंकि उन्हें ऐसे सीक्रेट जगह पर रखा गया है, जहां ईरानी राष्ट्रपति तक मोजतबा से नहीं मिल सकते. वहीं मोजतबा को सार्वजनिक तौर पर सामने न लाने का एक कारण ये भी हो सकता है कि सच में मोजतबा गंभीर तौर पर घायल हैं और चलने में नाकाम हैं. वे कोमा में भी हो सकते हैं. ऐसे में अगर दुनिया के सामने मोजतबा को ऐसी हालत में लाया जाएगा तो ईरान का मनोबल गिरेगा और अमेरिका-इजरायल को और हमलों का मौका मिल जाएगा.

