भारतीय नौसेना के युद्धपोत INS त्रिकंड ने अदन की खाड़ी में एमवी गोल्डन आर्सेनल पर समुद्री (सोमालियाई) डकैतों को खदेड़ कर कार्गो जहाज का बचाया
अदन की खाड़ी में तैनात भारतीय नौसेना के स्टील्थ फ्रिगेट भारतीय नौसेना पोत त्रिकंड ने सेंट विंसेंट और ग्रेनेडाइंस के ध्वज वाले बल्क कैरियर एमवी गोल्डन आर्सेनल पर समुद्री डकैती के प्रयास का त्वरित जवाब दिया है.
यमन के अदन से गुजरते समय कार्गो जहाज ने जिबूती से लगभग 300 नॉटिकल मील पूर्व-उत्तरपूर्व में समुद्री डकैती के प्रयास की सूचना दी. इस घटना की सूचना इंफॉर्मेशन फ्यूजन सेंटर – इंडियन ओशन रीजन (IFC-IOR) के समन्वय से दी गई, जिसके बाद क्षेत्र में तैनात INS त्रिकंड को व्यापारी जहाज को रोकने का निर्देश दिया गया
21 चालक दल के सदस्यों, जिनमें एक भारतीय नागरिक भी शामिल है, को ले जा रहे इस जहाज ने बताया कि ब्रिज के ऊपरी ढांचे और उससे सटे डिब्बों को नुकसान पहुंचा है. चालक दल ने जहाज के सिटाडेल (सुरक्षित रूम) में शरण ली थी और सभी सुरक्षित बताए गए.
02 जुलाई 26 की सुबह, INS त्रिकंड की एक मरीन कमांडो की बोर्डिंग टीम एमवी गोल्डन आर्सेनल पर जहाज की जांच और स्थिति का आकलन करने के लिए सवार हुई। गहन तलाशी के बाद जहाज पर कोई संदिग्ध व्यक्ति नहीं मिला. इसके बाद चालक दल सुरक्षित रूप से सिटाडेल से बाहर आया और भारतीय नौसेना के कर्मियों के साथ जहाज की स्थिति का आकलन शुरू किया.
अभियान को और मजबूत करने के लिए, क्षेत्र में हवाई निगरानी और टोही के लिए भारतीय नौसेना का P-8I मैरीटाइम पेट्रोल एयरक्राफ्ट तैनात किया गया, जिससे समुद्री क्षेत्र की जानकारी बढ़ी और समुद्री डकैती विरोधी प्रतिक्रिया को सहायता मिली.
जहाज को सुरक्षित कर लेने और तात्कालिक खतरा टल जाने के बाद, INS त्रिकंड का समुद्री डकैती विरोधी अभियान समाप्त हुआ. एमवी गोल्डन आर्सेनल ने तब से अपनी आगे की यात्रा फिर से शुरू कर दी है.

