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कनाडा में पन्नू का साथी गिरफ्तार, डोवल की मीटिंग का असर

By Nalini Tewari

भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोवल और कनाडाई समकक्ष नथाली ड्रोइन के बीच मुलाकात के तीन दिनों के भीतर ही कनाडा में हुई है बड़ी कार्रवाई. भारत के मोस्टवांटेड खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू के दाहिना हाथ माने जाने वाले संदिग्ध इंदरजीत सिंह गोसल को कनाडा में गिरफ्तार किया गया है. 

भारत ने गोसल को खालिस्तानी आतंकी घोषित कर रखा है. गोसल को ब्रैम्पटन से ओटावा जाते वक्त गिरफ्तार किया गया है. इंदरजीत सिंह गोसल की गिरफ्तारी बिना लाइसेंस हथियार रखने के मामले में हुई है.

पन्नू का करीबी, निज्जर का उत्तराधिकारी गिरफ्तार

36 साल का इंदरजीत गोसल, ‘सिख फॉर जस्टिस’ नाम के आतंकी संगठन के प्रमुख गुरपतवंत सिंह पन्नू का करीबी है. 

इंदरजीत सिंह गोसल को ओटावा से गिरफ्तार किया गया है. इंदरजीत पर  हथियारों को रखने से लेकर कई तरह के गंभीर आरोप हैं. गोसल पिछले साल जून 2023 में हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद से एसएफजे कनाडा में प्रमुख आयोजक बन गया था. आतंकी गोसल, कनाडा में “खालिस्तान रेफरेंडम” का प्रमुख आयोजक था. 

इंदरजीत लंबे समय तक खालिस्तानी आतंकी पन्नू का पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर भी रह चुका है और एसएफजे के अभियानों को कनाडा में अंजाम देता था. सीधे तरीके से कहा जाए तो भारत विरोधी अभियानों को बढ़ा रहा था.

कनाडा में खालिस्तानी आतंकी गोसल बना एजेंसियों का सिर दर्द

हाल के दिनों में इंदरजीत सिंह गोसल की गतिविधियां लगातार बढ़ रही थीं. इंदरजीत कनाडा में भारत विरोधी एजेंडे को आगे बढ़ा रहा था. सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक गोसल हथियारों और फंडिंग के नेटवर्क में सक्रिय भूमिका निभा रहा था. 

बताया जाता है कि भारतीय एजेंसियों ने ओटावा को गोसल के बारे में विस्तृत दस्तावेज उपलब्ध कराए हैं, जिनमें वित्तीय लेन-देन और पन्नू से उसके सीधे संबंध के सबूत शामिल हैं.

19 सितंबर को डोवल की कनाडाई एनएसए से हुई मुलाकात, 22 सितंबर को गिरफ्तारी

पिछले सप्ताह नई दिल्ली में एनएसए अजीत डोवल की कनाडा की एनएसए ड्रोइन के बीच मुलाकात हुई थी. आतंकी इंदरजीत गोसल की गिरफ्तारी को उसी बैठक के असर के तौर पर देखा जा रहा है. क्योंकि दोनों एनएसए की बातचीत में आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई, खुफिया जानकारी साझा करने और संगठित अपराध से निपटने जैसे मुद्दों पर एकजुट होने पर प्रतिबद्धता जताई गई थी.

एक साल में दूसरी बार हुआ गोसल गिरफ्तार

गोसल को पिछले साल भी गिरफ्तार किया गया था. नवंबर 2024 में भी उसे ग्रेटर टोरंटो के एक हिंदू मंदिर पर हुए हिंसक हमले में गिरफ्तार किया गया था. गोसल ने हिंदू-कनाडाई श्रद्धालुओं पर हमला किया था, हालांकि बाद में उसे कई शर्तों के आधार पर रिहा कर दिया गया था.

जून 2023 में ब्रिटिश कोलंबिया के सरे में एसएफजे के नेता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद, इंदरजीत गोसल खालिस्तानी आंदोलन में प्रमुख भूमिका में है. निज्जर की हत्या के बाद भारत-कनाडा के बीच तल्खी आ गई थी. दरअसल उस वक्त के पीएम जस्टिन ट्रूडो, खालिस्तानी आतंकियों और भारत विरोधी लोगों के चहेते थे. लेकिन सत्ता बदली तो नए पीएम मार्क कार्नी सरकार ने खुद माना है कि कनाडा में खालिस्तानी आतंकी न सिर्फ पल बढ़ रहे, बल्कि वित्त पोषित भी है.

इस साल जून के बाद पीएम मोदी-मार्क कार्नी के बीच हुई मुलाकात के बाद भारत-कनाडा के रिश्ते सुधर रहे हैं. और कार्नी सरकार के एक्शन से लग रहा है कि वो खालिस्तानी आतंकियों को बख्शने के मूड में नहीं दिख रही. 

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