अमेरिका-ईरान की जंग का असर जर्मनी के बर्लिन में दिखा है. ईरान के निर्वासित क्राउन प्रिंस रेजा पहलवी पर बर्लिन में लाल रंग का तरल पदार्थ फेंका गया है. ये लिक्विड उस वक्त फेंका गया जब रेजा पहलवी जर्मनी के बर्लिन में एक इमारत से बाहर निकल रहे थे.
इस अटैक से पहले पहलवी ने मीडिया से बात की थी और अमेरिका-ईरान के सीजफायर की आलोचना की थी. बर्लिन पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है.
रेजा पहलवी 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद से ही अपने देश से बाहर निर्वासन में रह रहे हैं. युद्ध से पहले ईरान में हुए आक्रामक प्रदर्शन का सूत्रधार रेजा पहलवी को बताया जाता है. रेजा पहलवी ईरान से दूर रहकर भी कट्टरपंथी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोले रहते हैं.
बर्लिन में रेजा पर तरल पदार्थ फेंकने का आरोपी गिरफ्तार
ईरान के पूर्व शहजादे (क्राउन प्रिंस) रेजा पहलवी पर किसी ने लाल रंग का तरल पदार्थ फेंक दिया. यह घटना तब हुई जब वह बर्लिन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस खत्म करने के बाद इमारत से बाहर निकल रहे थे. प्रेस कॉन्फ्रेंस से बाहर निकलते ही एक ईरानी प्रदर्शनकारी ने उन पर लाल तरल पदार्थ फेंक दिया. पुलिस ने फौरन एक्शन लेते हुए आरोपी को हिरासत में ले लिया है. यह घटना जर्मनी की संघीय प्रेस कॉन्फ्रेंस इमारत के बाहर हुई है.
65 वर्षीय पहलवी ईरान के पूर्व शाह के बेटे हैं. युद्ध से पहले ईरान में हुए उग्र प्रदर्शन के दौरान पहलवी ने खुद को ईरान के भविष्य में एक अहम भूमिका निभाने वाले व्यक्ति बताया था. और कोशिश की थी, कि कट्टरपंथी खामेनेई सरकार को हटाकर वो भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं. लेकिन प्रदर्शन शांत होने के बाद पहलवी का नाम ठंडे बस्ते में चला गया.
ईरान की कट्टरपंथी सरकार से बात करना बेकार: रेजा पहलवी
इस हमले से पहले रेजा पहलवी ने अमेरिका-ईरान के सीजफायर को गलत बताया. रेजा पहलवी ने कहा, “ईरान के मौजूदा नेताओं के साथ बातचीत या समझौते की उम्मीद करना बिल्कुल गलत है. लोग यह सोच रहे हैं कि ईरान के नेता अचानक व्यवहारिक हो जाएंगे, लेकिन ऐसा कुछ भी होने वाला नहीं है.”
ईरान के साथ बातचीत को पहलवी ने ‘तुष्टिकरण’ बताया और कहा कि “कोई भी समझौता या बातचीत इस समस्या का समाधान नहीं कर सकती है.”
पहलवी ने कहा, “मैं यह नहीं कह रहा कि कूटनीति को मौका नहीं दिया जाना चाहिए, लेकिन मेरा मानना है कि कूटनीति को अब तक काफी मौके दिए जा चुके हैं.”
रेजा पहलवी ने ईरान पर किए गए अमेरिका और इजरायल के सैन्य एक्शन को एकदम सही बताया है.
यूरोप से समर्थन मांग रहे रेजा पहलवी, लगातार कर रहे दौरा
रेजा पहलवी बर्लिन से पहले वह स्वीडन और इटली का दौरा भी कर चुके हैं. रेजा लगातार यूरोपीय सरकारों से यह मांग कर रहे हैं कि वे ईरानी राजदूतों को बाहर निकालें और ईरान के अंदर बिना सेंसर वाले इंटरनेट की सुविधा दें.
हालांकि, पहलवी को बर्लिन यात्रा के दौरान किसी भी सरकारी प्रतिनिधि से मिलने के लिए आमंत्रित नहीं किया गया था.
बर्लिन में पहलवी ने यूरोपीय देशों से अपील करते हुए कहा कि, “वो लोकतंत्र के लिए संघर्ष कर रहे ईरानी लोगों का समर्थन करने के लिए और अधिक प्रयास करें. दावा किया कि पिछले 2 हफ्तों में ईरानी अधिकारियों की ओर से 19 राजनीतिक कैदियों को मौत की सजा दी गई है. 20 अन्य लोगों को भी मौत की सजा सुनाई गई है. क्या आजाद दुनिया ईरानी लोगों के लिए कुछ करेगी, या फिर इस नरसंहार को चुपचाप देखती रहेगी.”

