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भारत आने के लिए तैयार पुतिन: Kremlin

अपने परम मित्र व्लादिमीर पुतिन का स्वागत करने के लिए तैयार हैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी. क्रेमलिन ने दावा किया है व्लादिमीर पुतिन जल्द ही भारत के दौरे पर आएंगे. रूसी राष्ट्रपति पुतिन के भारत दौरे की तारीखों को फाइनल किया जाना है. 

क्रेमलिन के प्रेस सचिव दिमित्री पेसकोव ने कहा है कि “रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन जल्द ही भारत आएंगे. हम तारीखों पर काम कर रहे हैं.”

जल्द भारत आएंगे रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन?
माना जा रहा है कि इस साल के अंत तक व्लादिमीर पुतिन भारत दौरे पर आ सकते हैं. तारीखों की घोषणा जल्द की जाएगी. पुतिन का भारत दौरा ऐसे वक्त में होगा जब खुद प्रधानमंत्री मोदी, रूस और यूक्रेन के बीच मध्यस्थता की भूमिका में हैं. पीएम मोदी पिछले कुछ महीने में पुतिन से दो बार मुलाकात कर चुके हैं, तो यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की से भी युद्धविराम और शांति को लेकर बात कर चुके हैं. रूस के राष्ट्रपति पुतिन खुद ही कह चुके हैं कि वो “युद्ध रोकने के लिए भारत, चीन और ब्राजील के संपर्क में हैं.” (रूस-यूक्रेन युद्ध के 1000 दिन: मौत तबाही और पलायन)

तीन साल बाद भारत आएंगे व्लादिमीर पुतिन
रूस और भारत के बीच घनिष्ठ संबंध किसी से छिपे नहीं है. पिछले 10 सालों में नरेंद्र मोदी के पीएम बनने के बाद से पुतिन के साथ दोस्ती और गहरी हो गई है. यहां तक की चीन और भारत के बीच तनाव कम करने के पीछे भी कहीं ना कहीं पुतिन ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. हालांकि, मंगलवार को पेसकोव ने साफ तौर से कहा कि रूस, भारत और चीन के संबंधों में नहीं आना चाहता है. 

यही उम्मीद पीएम मोदी से की जा रही है कि वो रूस-यूक्रेन के बीच युद्ध रुकवाने का काम करेंगे. 6 दिसंबर 2021 को पुतिन भारत की यात्रा पर आए थे. उस वक्त पुतिन ने भारत-रूस के बीच 21वीं शिखर वार्ता में हिस्सा लिया था. लेकिन ये बेहद ही छोटा दौरा था जब पुतिन महज छह घंटे के लिए राजधानी दिल्ली में रुके थे. फरवरी 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद से पुतिन की यह पहली भारत यात्रा होगी. (Air-Strike से यूक्रेन बेदम, बाइडेन ने जेलेंस्की को दी खुली छूट)

बहुत कम देशों में जाते हैं व्लादिमीर पुतिन
ये बात भी सच है कि पुतिन बहुत कम दूसरे देशों की यात्रा करते हैं, पर अब पुतिन ने य़ात्रा के लिए भारत को चुना है. अगर पुतिन की यात्रा पर गौर किया जाए तो पुतिन ने पिछले कुछ सालों में सिर्फ चीन, नॉर्थ कोरिया, वियतनाम और मंगोलिया की यात्रा की है. 

ज्यादातर देशों से पुतिन अब दूरी बनाकर रखते हैं. इसकी एक वजह ये भी है कि यूक्रेन में कथित युद्ध अपराधों के लिए पुतिन को अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (आईसीसी) की ओर से गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है. जिसमें अगर वो किसी आईसीसी देश जाते हैं, को उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है. हालांकि, हाल ही में मंगोलिया के दौरे पर जाने के वक्त, उलानबातर ने पुतिन की मित्रता को आईसीसी के वारंट से ज्यादा अहमियत दी थी.

पीएम मोदी और पुतिन में इतनी गहरी दोस्ती है कि हाल ही में ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान पुतिन ने ये कहा था कि उनकी बात समझने के लिए मोदी को किसी ट्रांसलेटर की जरूरत नहीं है. (बिना ट्रांसलेटर के Russian समझते हैं मोदी: पुतिन)

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