देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने साफ कर दिया है कि पांचवीं श्रेणी के स्टील्थ लड़ाकू विमानों के लिए भारत अपने स्वदेशी एमका प्रोजेक्ट पर निर्भर रहेगा. यानी अमेरिका के एफ-35 और रूस के सु-57 पर निर्भरता बेहद कम रहेगी. हाल में वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने स्वदेशी स्टील्थ फाइटर जेट एमका के बनने तक किसी स्टॉप-गैप अरेंजमेंट के जरिए बाहर से खरीदने का इशारा किया था.
शनिवार को राजस्थान के जोधपुर एयरबेस पर तरंग-शक्ति एक्सरसाइज की समीक्षा करने पहुंचे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने साफ तौर से कहा कि भारत अपने स्वदेशी एयरक्राफ्ट, एविएशन इंजन और सैन्य प्रणालियों के विकास पर जोर दे रहा है.
राजनाथ सिंह के मुताबिक, “आधुनिक राजतंत्र की सच्चाई को भारत समझ गया है. सच्चाई ये कि संकट की घड़ी में कोई भी देश लंबे युद्ध तब तक नहीं लड़ पाएगा अगर उसके पास खुद के हथियार और मिलिट्री टेक्नोलॉजी की क्षमता नहीं है. इसलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेक इन इंडिया और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने का मूल-मंत्र दिया है.”
जोधपुर में तरंग-शक्ति एक्सरसाइज का सफल आयोजन
भारतीय वायुसेना द्वारा आयोजित तरंग-शक्ति एक्सरसाइज (28 अक्टूबर-12 नवम्बर) इनदिनों अपने आखिरी चरण में है. भारतीय वायुसेना के अलावा अमेरिका, फ्रांस, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया और यूएई सहित सात देशों की एयरफोर्स के एयरक्राफ्ट, एशिया की इस सबसे बड़ी एयर एक्सरसाइज में हिस्सा ले रहे हैं. इसके अलावा 30 से ज्यादा देशों के एयर ऑफिसर ऑब्जर्वर के तौर पर हिस्सा ले रहे हैं.
एफ-35 पर वायुसेना प्रमुख की चुटकी
अमेरिका का स्टील्थ फाइटर जेट एफ-35 भी तरंग-शक्ति एक्सरसाइज में हिस्सा लेने के लिए जोधपुर पहुंचा है. पहली बार कोई पांचवीं श्रेणी का लड़ाकू विमान भारत के किसी एयर एक्सरसाइज में शिरकत कर रहा है.
एक्सरसाइज के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने कहा कि अमेरिका के स्टील्थ फाइटर जेट एफ-35 के लिए अमेरिका से कोई आधिकारिक ऑफर नहीं मिला है. एयर चीफ के मुताबिक, रूस के पांचवीं श्रेणी के फाइटर जेट सु-57 के लिए जरूर ऑफर मिला है, जिसकी समीक्षा की जा रही है.
एयर चीफ ने चुटकी लेते हुए कहा कि अमेरिकी सैनिक, किसी भी दूसरे देश के वायुसैनिकों को जोधपुर में आए एफ-35 फाइटर जेट के करीब नहीं फटकने दे रहे हैं. इस दौरान, अमेरिका पैसिफिक (एयर फोर्स) कमांडर सहित तरंग-शक्ति में हिस्सा ले रही सभी वायुसेनाओं के टॉप अधिकारी मौजूद थे. इस पर अमेरिका कमांडर ने सफाई दी कि स्टील्थ फाइटर जेट की सुरक्षा और उसके एवियोनिक्स की संवेदनशीलता को देखते हुए कुछ प्रोटॉकॉल तैयार किए गए हैं.
स्टील्थ फाइटर जेट के मुकाबले भारत ने अपने रफाल और सुखोई की ताकत को परखा
एक्सरसाइज में भारतीय वायुसेना ने अपने फॉर (04) और 4.5 जेनरेशन फाइटर जेट की क्षमताएं, अमेरिका के एफ-35 के मुकाबले परखी. क्योंकि भारत के पड़ोसी (दुश्मन) देश चीन ने भी दो-दो स्टील्थ फाइटर जेट बनाकर तैयार कर लिए हैं. चीन ने पाकिस्तान को भी अपना एक स्टील्थ फाइटर जेट सप्लाई करने का करार किया है. ऐसे में भारतीय वायुसेना के लिए तरंग-शक्ति एक्सरसाइज में स्टील्थ फाइटर जेट (एफ-35) से दोस्ताना मुकाबला बेहद अहम हो जाता है.
राजनाथ ने नंबर के बजाए इन बातों को बताया किसी भी फ्यूचर मिलिट्री पावर के लिए जरूरी
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने तरंग-शक्ति एक्सरसाइज में शामिल हुई सभी देशों की वायुसेना को संबोधित करते हुए कहा कि फ्यूचर मिलिट्री पावर इस बात पर निर्भर नहीं करेगी कि आपके पास कितने प्लेटफॉर्म (एयरक्राफ्ट) हैं. बल्कि इस बार निर्भर करेगा कि आपकी वायुसेना की स्पीड, प्रसियन, इंफॉर्मेशन और इंटीग्रेशन कितना है.


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