By Nalini Tewari
मिडिल ईस्ट में ईरान के साथ सैन्य तनाव के बीच ब्रिटेन के खुफिया अलर्ट के बाद से अमेरिका में खौफ पसर गया है. जिसके बाद अमेरिका ने ब्रिटेन के आरएएफ फेयरफोर्ड एयरबेस से अपने सभी बॉम्बर विमान वापस बुला लिए हैं. ब्रिटेन के इस एयरबेस का इस्तेमाल अमेरिकी सेना ने ईरान पर हमले के लिए किया था. लेकिन हाल ही में जब इस एयरबेस पर एक बड़ी आतंकी साजिश का खुलासा हुआ तो फिर अमेरिका अपने घातक बॉम्बर्स को बचाने की जुगत में जुट गया.
पेंटागन के मुताबिक, अमेरिकी बॉम्बर्स को वापस अमेरिका में उनके सैन्य ठिकानों पर भेज दिया गया है, जहां से निकालकर ब्रिटेन के एयरबेस पर तैनात किया गया था.
हाल ही में ब्रिटेन के एयरबेस पर एक आतंकी साजिश का खुलासा हुआ था, जिसमें निशाने पर अमेरिकी विमान थे. खुफिया जानकारी के बाद लंदन के रहने वाले 20-25 साल के पांच ब्रिटिश नागरिकों को गिरफ़्तार किया गया था, जिन्हें बाद में जमानत पर रिहा कर दिया गया. जिसपर अमेरिका ने नाराजगी जाहिर की है.
यूरोप में कहीं और तैनाती की जगह अमेरिका वापस बुलाए गए बॉम्बर
आरएएफ फेयरफोर्ड अमेरिकी ग्लोबल स्ट्राइक कमांड का एक बेहद महत्वपूर्ण रणनीतिक ठिकाना है. इसका इस्तेमाल लंबी दूरी के हमलों और ईरान के खिलाफ अभियानों में शामिल अमेरिकी बी-1 बॉम्बर विमानों की तैनाती के लिए किया जाता रहा है.
ब्रिटेन में संभावित आतंकी हमले की साजिश की जांच के बीच अमेरिकी विमानों को वापस बुलाया गया है. रविवार को बेस से कई बी-1 बॉम्बर को उड़ान भरते देखा गया. यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के खिलाफ युद्ध के लिए विकल्पों पर विचार कर रहे हैं लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच बॉम्बर्स को किसी अन्य यूरोपीय बेस पर भेजने के बजाय सीधे अमेरिका बुलाना बहुत असामान्य कदम है.
दरअसल पिछले सप्ताह एक बड़ी ईरानी साजिश का पर्दाफाश किया गया था. एयरबेस की सुरक्षा में सेंध की ईरानी साजिश के सिलसिले में ब्रिटिश पुलिस ने 27 सितंबर को संवेदनशील फेयरफोर्ड के पास आतंकवाद और विस्फोटकों के साथ 23 से 25 वर्ष की आयु के पांच ब्रिटिश नागरिकों को गिरफ्तार किया था. जिसमें लंदन से ईरान-ब्रिटेन की दोहरी नागरिकता वाला शख्स भी था.
ब्रिटेन के अधिकारियों का आरोप है कि ईरान से जुड़े संगठन ब्रिटेन और दूसरे देशों में आगजनी और हमले कर रहे हैं. इनमें कई हमले यहूदी समुदाय को निशाना बनाकर किए गए. इनका मकसद लोगों में डर फैलाना था.
जमानत पर रिहा आरोपी, अमेरिका भड़का
ब्रिटेन पुलिस ने अमेरिका और यहूदियों के खिलाफ साजिश रचने वाले जिन लोगों को गिरफ्तार किया था, उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया है. जिसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नाराजगी जाहिर की है. ट्रंप ने कहा, “मैं ऐसे लोगों को नहीं छोड़ता, मैं ऐसा नहीं करता.”
वहीं, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने आरोपियों को जमानत पर रिहा करने पर बड़ा आरोप लगाया है. रुबियो ने कहा, कि “इसमें किसी ‘विदेशी ताकत’ का हाथ था.”
लंदन में ईरान के दूतावास ने कहा है कि “हम तेहरान के शामिल होने की अटकलों को साफ तौर पर खारिज करते हैं और कड़ी निंदा करतें हैं.”
हालांकि ईरान पहले कह चुका है कि उसके इलाके पर हमले के लिए इस्तेमाल होने वाला कोई भी सैन्य ठिकाना उसके लिए वैध निशाना है.

