पिछले एक महीने से गाज़ा पट्टी में चल रहे ऑपरेशन के बाद इजरायल ने दावा किया कि हमास की 130 टनल को तबाह कर दिया गया है. इजरायल डिफेंस फोर्सेज (आईडीएफ) ने हमास की सुरंगों को बारूद से उड़ान का एक वीडियो भी जारी किया है. लेकिन आतंकी संगठन हमास के खिलाफ ऑपरेशन में आईडीएफ के 33 सैनिकों ने भी अपने प्राणों की आहुति दी है.
आईडीएफ की कॉम्बेट इंजीनियरिंग यूनिट ने हमास की जिन सुरंगों को तबाह किया है उनमें पानी और ऑक्सीजन स्टोर करके रखा गया था. ऐसे में अनुमान लगाया जा सकता है कि हमास के आतंकी इन टनल में लंबे समय तक छिपे रहने की साजिश रच रहे थे. लेकिन पहले आईडीएफ की एरियल-स्ट्राइक और फिर ग्राउंड ऑपरेशन ने हमास के पाताल-लोक को बड़ी संख्या में ध्वस्त कर दिया है.
माना जाता है कि वर्ष 2007 से अबतक हमास ने पूरे गाज़ा पट्टी इलाके में करीब 500 किलोमीटर लंबी टनल का निर्माण किया है. इन सुरंगों को हमास अपने सैन्य ठिकानों के तौर पर इस्तेमाल करता है. इसके अलावा इन टनल के जरिए इजरायल में घुसपैठ करने और हमला करने के बाद भागने के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है. यही वजह है कि आईडीएफ का उद्देश्य गाज़ा-मैट्रो को पूरी तरह तबाह करना है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, आईडीएफ कम से कम 65 प्रतिशत टनल तक को तबाह करना चाहती है ताकि हमास की रीढ़ को तोड़ दिया जाए. आईडीएफ ने इन टनल में एंट्री और एग्जिट रोकने के लिए खास स्पॉन्ज-बम का इस्तेमाल भी किया है.
आईडीएफ के मुताबिक, ऑपरेशन के दौरान पाया गया कि हमास की ये टनल रिफ्यूजी कैंप, मस्जिद, स्कूल और यूएन (संयुक्त राष्ट्र) के रीजनल हेड-क्वार्टर तक में निकलती हैं. आईडीएफ ने एक वीडियो जारी करते हुए दिखाने की कोशिश की है आतंकियों के खिलाफ एक एरियल-स्ट्राइक को इसलिए रोकना पड़ा क्योंकि वहां बच्चे और सिविलियन दिखाई पड़ रहे थे.
इस बीच अमेरिका की सलाह पर इजरायल हर दिन चार घंटों के लिए अपने ऑपरेशन को विराम देने पर तैयार हो गया है. इस युद्ध-विराम के दौरान सैकड़ो की तादाद में फिलिस्तीनी नागरिक उत्तरी गाज़ा से दक्षिण गाज़ा और राफा-बॉर्डर की तरफ जाते हुए दिखाए पड़ रहे हैं. इन लोगों की हाथ में सफेद झंडे भी हैं ताकि आईडीएफ उन पर हमला न कर दे. आईडीएफ द्वारा जारी वीडियो में यूएन का काफिला भी उत्तरी गाज़ा की तरफ जाता हुआ दिखाई पड़ रहा है. इन काफिलों में यूएन के अधिकारियों की गाड़ी सहित खाने-पीने और जरूरी सामान के कंटेनर भी शामिल हैं.
इस बीच आईडीएफ ने बताया कि पिछले एक महीने के ऑपरेशन के दौरान कम से कम 33 इजरायली सैनिक वीरगति को प्राप्त हुए हैं. आईडीएफ के ये जवान हमास आतंकियों से लड़ते हुए मारे गए हैं. 7 अक्टूबर को हमास के हमले में भी आईडीएफ के 250 से ज्यादा जवान मारे गए थे.
पिछले एक महीने में हमास के खिलाफ युद्ध में इजरायल के 10 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. मारे गए फिलिस्तीनियों में बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं. उत्तरी गाज़ा में रिहायशी इमारतों को भी जबरदस्त नुकसान हुआ है. आईडीएफ का दावा है कि पिछले एक महीने में हमास के एक दर्जन से भी ज्यादा टॉप कमांडर्स को मार गिराया गया है.


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