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IAF चीफ ने भरी तेजस में उड़ान, जापानी वायुसेना प्रमुख ने भी जताया भरोसा

रिटायरमेंट से पहले एलसीए-तेजस में उड़ान भरकर वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए पी सिंह ने एक बार फिर स्वदेशी लड़ाकू विमान में भरोसा जताया है. मौका था राजस्थान के जोधपुर में जापान की एयर फोर्स के साथ चल रही वीर-गार्जियन एयर एक्सरसाइज का. इस दौरान, जापान के वायुसेना प्रमुख ने भी तेजस में उड़ान भरी. 

खास बात है कि वायुसेना प्रमुख एपी सिंह ने तेजस में सोलो यानी अकेले उड़ान भरी, जबकि जापान के एयर फोर्स चीफ, जनरल ताकेहीरो मोरीता ने को-पायलट के तौर पर फ्लाइंग की. उड़ान भरने के बाद एयर चीफ मार्शल ने कहा कि “आज की फ्लाइट इस बात का पुख्ता प्रमाण है कि जनरल मोरीता भी हमारे स्वदेशी प्लेटफॉर्म (तेजस) में विश्वास और भरोसा रखते हैं.”

तेजस के बाद वायुसेना को एलसीए मार्क-2 और एमका का इंतजार

वायुसेना प्रमुख ने कहा कि “मैं इस बात का भरोसा देता हूं कि भारत का डिफेंस एविएशन सेक्टर, रिसर्च एंड डेवलपमेंट और प्रोडक्शन, दोनों में बेहद तेजी से बढ़ रहा है.” एपी सिंह ने कहा कि “ग्लोबल सप्लाई चेन की रुकावट के बावजूद, भारत का मिलिट्री एविएशन सेक्टर, तेजस मार्क-2 और फिफ्थ जेनरेशन एमका (एडवांस मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट) के जरिए अधिक ऊंचाई छूने जा रहा है.”

इसी हफ्ते वायुसेना को मिले एलसीए तेजस के 02 ट्रेनर एयरक्राफ्ट

भारतीय वायुसेना ने दो दिन पहले, लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (एलसीए) तेजस के दो (02) ट्रेनर एयरक्राफ्ट को एयर फोर्स में शामिल किया था. इसके साथ, एलसीए तेजस का पहला करार पूरा हो गया है, जो वर्ष 2010 में किया गया था. इस करार के तहत, स्वदेशी एविएशन कंपनी (सरकारी रक्षा उपक्रम) हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड यानी एचएएल ने भारतीय वायुसेना को कुल 40 तेजस लड़ाकू विमान बनाकर सौंपे हैं. 

रिटायरमेंट से पहले एयर चीफ मार्शल ने तेजस में जताया विश्वास

अगले महीने यानी 30 अक्तूबर को एयर चीफ मार्शल एपी सिंह अपने पद से रिटायर हो रहे हैं. ऐसे में रिटायरमेंट से पहले, वायुसेना प्रमुख ने स्वदेशी लड़ाकू विमान को उड़ाकर मिसाल कायम की है. दुनिया में कम वायुसेना प्रमुख हैं, जो किसी फाइटर जेट में सोलो फ्लाइंग करते हैं. 

इसके अलावा, तेजस के कुल 180 एडवांस वर्जन, एलसीए मार्क-1ए के लिए भी रक्षा मंत्रालय ने एचएएल से करार किया है.  लेकिन अमेरिका की जीई कंपनी से मार्क-1ए के लिए एविएशन इंजन की सप्लाई देरी से चल रही है, जिसके कारण एलसीए प्रोजेक्ट की रफ्तार भी धीमी पड़ गई है. 

वर्ष 2021 में रक्षा मंत्रालय ने एचएएल से 83 एलसीए मार्क-1ए लड़ाकू विमानों का सौदा किया था. इस सौदे की कुल कीमत 48 हजार करोड़ थी. इनमें से 10 मार्क 1ए ट्रेनर एयरक्राफ्ट हैं. एचएएल का दावा था कि 2027-28 तक वायुसेना को सभी मार्क 1ए एयरक्राफ्ट मिल जाएंगे.

सितंबर 2025 में रक्षा मंत्रालय ने एचएएल के साथ वायुसेना के लिए 97 अतिरिक्त मार्क-1ए लड़ाकू विमानों का करार किया था. ऐसे में इन 97 लड़ाकू विमानों के लिए एचएएल ने जीई कंपनी से दो महीने बाद यानी नवंबर 2025 में 113 एफ-404 (जीई-आईएन20) इंजन का एग्रीमेंट किया था. इस सौदे की कुल कीमत करीब एक अरब डॉलर यानी 8800 करोड़ थी. 

ग्लोबल सप्लाई चेन बाधित होने तो चलते एलसीए प्रोजेक्ट पड़ा धीमा

पहले रूस-यूक्रेन और फिर इजरायल-हमास  युद्ध के चलते ग्लोबल सप्लाई चेन बाधित होने और फिर भारत-अमेरिका संबंधों में आई खटास के चलते, इंजन की सप्लाई में देरी चल रही है. खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू के मामले और ऑपरेशन सिंदूर के बाद भी अमेरिका से संबंध पटरी से उतर गए थे.

अगस्त के महीने में जीई कंपनी ने हालांकि, तीन (03) एफ-404 आईएन02 इंजन की सप्लाई फिर से शुरु कर दी है. ऐसे में माना जा सकता है कि इंजन की सप्लाई अब दुरुस्त हो सकती है. इसके अलावा, हाल में रक्षा मंत्रालय ने तीन प्राईवेट कंपनियों (टाटा, एलएंडटी और भारत फोर्ज) को एमका फाइटर जेट बनाने के लिए चुना है.  

मार्क-1ए के बाद एचएएल को वायुसेना के लिए टूइन (02) इंजन वाला मीडियम वेट एयरक्राफ्ट, मार्क-2 भी बनाना है. इस मार्क-2 का जिक्र, रविवार को एयर चीफ मार्शल ने जोधपुर में किया था. जोधपुर में इनदिनों जापान के साथ साझा युद्धाभ्यास, वीर गार्जियन (एयर) चल रही है. उसकी समीक्षा करने के लिए जापानी एयर फोर्स चीफ भी जोधपुर पहुंचे थे. 

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