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ट्रंप को पुतिन पर सॉलिड भरोसा, जेलेंस्की का दावा खारिज

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की के उस दावे को खारिज कर दिया है कि रूस ने खाड़ी देशों में यूएस मिलिट्री बेस की सैटेलाइट इमेज, ईरान को मुहैया कराई हैं. ट्रंप ने साफ तौर से कहा कि अगर ऐसा हुआ भी है तो रूस के उच्च स्तर (राष्ट्रपति पुतिन इत्यादि) को इस बात की जानकारी नहीं होगी, निचले स्तर पर ऐसा किसी ने किया होगा. 

ट्रंप ने एक सवाल के जवाब में ये भी कहा कि अगर रूस ने ईरान को सैटेलाइट इमेज मुहैया कराई भी है तो उसका कोई खास असर यूएस मिलिट्री बेस पर नहीं हुआ है. खास बात है कि ट्रंप का ये बयान ऐसे समय में सामने आया जब जेलेंस्की का अमेरिकी दौरा शुरु हुआ है. 

जेलेंस्की ने रूस-यूक्रेन युद्ध और अमेरिका-ईरान जंग को मिलाने की गहरी साजिश रची थी. इस कड़ी में जेलेंस्की के निर्देश पर यूक्रेनी सेना ने कैस्पियन सागर में एक ईरानी जहाज पर जबरदस्त हमला कर दिया था. जेलेंस्की का आरोप था कि ये जहाज, रूस और ईरान के बीच मिलिट्री कार्गो की सप्लाई कर रहा था. ईरान के जहाज पर अटैक के बाद जेलेंस्की ने रूस पर ईरान को अमेरिकी सैन्य ठिकानों की सैटेलाइट इंटेलिजेंस साझा करने के भी गंभीर आरोप जड़ दिए. 

जेलेंस्की ने इस बात का आरोप लगाया था कि मौजूदा मिडिल-ईस्ट जंग में ईरान ने खाड़ी देशों में यूएस मिलिट्री बेस पर जो सटीक हमले किए हैं, उसमें रूस का बड़ा हाथ रहा है. जेलेंस्की के मुताबिक, रूस ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों की सैटेलाइट इमेज ईरान को मुहैया कराई हैं. जेलेंस्की का आरोप था कि 19 और 20 जुलाई को रूस की सैटेलाइट बहरीन, जॉर्डन और कुवैत में यूएस मिलिट्री बेस की जासूसी कर रही थी. इससे ईरान की स्ट्राइक और रूसी सैटेलाइट इमेज के बीच में साफ तौर से गठजोड़ है. क्योंकि रशियन सैटेलाइट, ईरानी हमलों के पहले और बाद में इन देशों के ऊपर घूम रही थी. रूसी सैटेलाइट ने ईरानी हमलों के बाद, यूएस मिलिट्री बेस में हुए नुकसान की तस्वीरें भी कैद की हैं. 

यूक्रेनी राष्ट्रपति ने लिखा कि मैं अपने देश की इंटेलिजेंस एजेंसियों को निर्देश दे रहा हूं कि हमारे पास ईरान को मदद करने वाली रूसी सबूतों को अपने पार्टनर के साथ साझा करे. ये पार्टनर और कोई नहीं बल्कि अमेरिका है. जेलेंस्की के मुताबिक, पूरे जुलाई के महीने में यूक्रेन ने रशियन सैटेलाइट्स पर नजर रखी है, जो खाड़ी देशों में यूएस मिलिट्री बेस की सर्विलांस कर रही हैं. जेलेंस्की ने लिखा कि हमें इस बात से मुंह नहीं फेरना चाहिए कि दुष्ट देश यानी रूस, परिस्थितियों को अधिक खराब कर रहा है और उसे दूर तक फैलाने की कोशिश करता है. ऐसे में रूस को रोकना होगा. 

यूक्रेनी राष्ट्रपति ने भले युद्ध रोकने का आह्वान किया है, लेकिन कैस्पियन सागर में ईरानी जहाज पर हमले से तेहरान के पलटवार की पूरी संभावना है. ऐसे में रूस-यूक्रेन जंग की आग अब अमेरिका-ईरान युद्ध तक पहुंच गई है. जेलेंस्की ने यूएस मिलिट्री बेस पर रूसी सैटेलाइट की जासूसी का खुलासा कर, रूस-यूक्रेन जंग में अमेरिका को शामिल करने की साजिश रचने की कोशिश की थी. क्योंकि, पिछले साढ़े चार साल में रूस ने ताबड़तोड़ हमले कर यूक्रेन की कमर तोड़ दी है. लेकिन ट

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सत्ता में आने के बाद से यूएस ने यूक्रेन को सैन्य मदद बेहद कम कर दी है. यूक्रेन की राजधानी कीव पर रूस के अटैक के बाद जेलेंस्की ने अमेरिका से पैट्रियाट मिसाइल की मांग की है. उधर, पुतिन ने यूक्रेन को पूरी तरह खत्म करने की चेतावनी दे दी है. रशियन नेवी डे (26 जुलाई) के मौके पर रूसी नेवल ऑफिसर्स को संबोधित करते हुए पुतिन ने साफ तौर से कहा कि यूक्रेन के पश्चिमी इलाकों को तत्कालीन सोवियत संघ (यूएसएसआर) के राष्ट्रपति स्टालिन ने पौलेंड और रोमानिया जैसे देशों से जीतकर सौंपा था. ऐसा इसलिए किया गया था, क्योंकि यूक्रेन उस वक्त सोवियत संघ का हिस्सा था. लेकिन यूक्रेन ने रशिया के खिलाफ खड़े होने की गलती कर दी है. 

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