रूस के तेल रिफाइनरी और ऑयल डिपो पर हुई ड्रोन अटैक से भड़के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन की राजधानी कीव पर जबरदस्त हमलों को हरी झंडी दे दी है. पुतिन की हामी मिलते ही रूस ने पिछले 24 घंटों से पूरा कीव दहला डाला है. पिछले चार साल में कीव पर हुए सबसे बड़े अटैक में 10 लोगों की जान चली गई है और 30 से ज्यादा लोग घायल हो गए हैं. रूसी हमलों के बाद बहुमंजिला इमारत ताश के पत्तों की तरह ढह गई और मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका है.
रूसी हमलों से घबराए यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की को अपनी आयरलैंड की यात्रा को बीच में छोड़ना पड़ा है. एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जेलेंस्की ने खुद इस बात की जानकारी मीडिया को दी. जेलेंस्की ने कीव के रहने वाले नागरिकों को सुरक्षित जगहों पर छिपने की सलाह दी है. साथ ही एयर-रेड अलर्ट पर ध्यान रखने की अपील की है ताकि रूसी हमलों से नागरिको की सुरक्षा की जा सके.
रूस ने कीव पर हाइपरसोनिक मिसाइलों से किया हमला
रूस ने कीव पर हमले के लिए स्ट्रेटेजिक बॉम्बर (एयरक्राफ्ट) और हाइपरसोनिक मिसाइलों से ताबड़तोड़ हमले किए हैं. अकेले कीव में 28 अलग-अलग जगहों पर रूस ने एयरस्ट्राइक की है. इन हमलों में राजधानी कीव के दो फाइव स्टार होटल भी शामिल हैं.
रूस के कीव पर हमले के वीडियो भी सामने आए हैं. इन हमलों में मिसाइलों की बरसात साफ देखी जा सकती है. इसके अलावा कई किलोमीटर दूर तक आग की लपटें देखी जा सकती हैं. बहुमंजिला इमारतों में आग लगी है. कीव के एक लग्जरी फाइव स्टार होटल की छत और ऊपरी मंजिलों पर आग की लपटें देखी जा सकती हैं.
रूसी रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, “कीव के एनर्जी सेक्टर और सैन्य ठिकानों पर हमले किए गए हैं. यूक्रेनी सेना के कमांडर्स ने इन होटल में अपना ठिकाना बना रखा था. ऐसे में होटल को निशाना बनाया गया है.”
रूस पर लगातार ड्रोन हमला कर रहा था यूक्रेन
दरअसल, पिछले कुछ हफ्तों से यूक्रेन ने एक के बाद एक रूस की कई तेल रिफाइनरी, ऑयल टर्मिनल और मिलिट्री इंडस्ट्रियल कॉम्पलेक्स पर ड्रोन अटैक कर जबरदस्त क्षति पहुंचाई है. इतना ही नहीं पेरिस में हुए एक डिफेंस एक्स्पो में भी यूक्रेन ने इन हमलों का वीडियो चला कर रूस का चिढ़ाया था.
यूक्रेन के हमलों का बदला लेनें के लिए पुतिन ने कीव पर मिसाइल अटैक करने को मंजूरी दे दी. बुधवार को पुतिन ने सिक्योरिटी काउंसिल की मीटिंग की थी. इस मीटिंग में पुतिन सहित कई आला अधिकारी, लाल फोल्डर वाली फाइल के साथ बैठे दिखे थे. हालांकि, रूस ने मीटिंग की जानकारी सार्वजनिक नहीं की थी, लेकिन ये माना जाता है कि लाल फाइल का इशारा स्ट्रेटेजिक हथियारों से हमलों की तरफ होता है.
पुतिन की मीटिंग के बाद कीव और यूक्रेन के दूसरे इलाकों में हमले शुरु हुए. ओडेशा प्रांत में भी रूस ने यूक्रेन की एक ड्रोन बनाने वाली फैसिलिटी पर अटैक किया. इस हमले का ड्रोन वीडियो भी रूसी रक्षा मंत्रालय ने जारी किया है.
इसके अलावा रूसी सेना ने वॉर जोन में यूक्रेन के स्टार लिंक टर्मिनल्स को ड्रोन हमलों से उड़ाना शुरु कर दिया है. इन स्टार लिंक टर्मिनल का इस्तेमाल, यूक्रेनी सेना रूस पर ड्रोन अटैक करने के लिए कर रही थी.
पुतिन पूरे यूरोप के खिलाफ हैं: जेलेंस्की
हमलों के बाद आयरलैंड का दौरा छोड़ कर लौटे जेलेंस्की ने अपने एक्स अकाउंट पर लिखा, कि “रूसी राष्ट्रपति पुतिन युद्ध खत्म नहीं करना नहीं चाहते. हमने सभी आधिकारिक और नॉन-ऑफिशियल चैनल्स के जरिए पुतिन को संदेश भिजवाया है युद्ध रोकने के लिए, लेकिन रूस के हमले बढ़ने जारी हैं.पुतिन पूरे यूरोप के खिलाफ है.”
पिछले चार साल से ज्यादा हो चुके हैं, लेकिन रूस-यूक्रेन युद्ध रूकने का नाम नहीं ले रहा है.रूस ने यूक्रेन के डोनबास प्रांत का करीब 90 प्रतिशत कब्जा कर लिया है. पिछले हफ्ते जेलेंस्की ने बेलारूस के राष्ट्रपति लुकाशेंको के जरिए पुतिन को युद्ध को डोनबास प्रांत तक सीमित करने का प्रस्ताव दिया था. लेकिन पुतिन ने ये प्रस्ताव मानने से इनकार कर दिया था. पुतिन के मुताबिक, डोनबास के साथ-साथ रूसी सेना यूक्रेन के सुमी और खारकीव प्रांत में भी लगातार आगे बढ़ रही है.
हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि ईरान जंग के बाद यूक्रेन की तरफ (शांति वार्ता) के लिए रूख किया जाएगा. लेकिन ईरान डील में व्यस्त होने के कारण अमेरिका भी रूस-यूक्रेन जंग में अपनी नाक घुसाने से बच रहा है. क्योंकि ट्रंप भी जानते हैं ये युद्ध रोकना आसान नहीं.

