जोधपुर में चल रही तरंग-शक्ति एक्सरसाइज में पहली बार स्वदेशी फाइटर जेट एलसीए-तेजस ने अमेरिका के स्टील्थ लड़ाकू विमान एफ-35 के साथ भरी उड़ान. वायुसेना ने जारी किया वीडियो. एक्सरसाइज के जरिए भारतीय वायुसेना अपने लड़ाकू विमानों की क्षमताओं इस पांचवीं श्रेणी के फाइटर जेट के साथ परख रही है. क्योंकि चीन के पास दो-दो स्टील्थ फाइटर जेट हैं और पाकिस्तान को भी चीन से जल्द ऐसे पांचवीं श्रेणी के एयरक्राफ्ट मिलने जा रहे हैं.
शनिवार को राजधानी दिल्ली में सालाना प्रेस कॉन्फ्रेंस में मीडिया के सवाल पर वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने चीन और पाकिस्तान के स्टील्थ फाइटर जेट को लेकर अपनी चिंता जताई थी. साथ ही वायुसेना प्रमुख ने घटती स्क्वाड्रन पर भी अपनी चिंता जताई थी. क्योंकि एलसीए-तेजस के उन्नत वर्जन एलसीए-मार्क-1ए की डिलीवरी अभी तक नहीं हो पाई है.
इसके अलावा, फ्रांस की मदद से मेक इन इंडिया के रफाल लड़ाकू विमानों के भारत में निर्माण के लिए एमआरएफए (मीडियम रोल फाइटर एयरक्राफ्ट) प्रोजेक्ट अभी शुरु नहीं हो पाया है.
चीन के पास 02-02 स्टील्थ एयरक्राफ्ट, पाकिस्तान को भी करेगा सप्लाई
चीनी वायुसेना के बेड़े में अब 02-02 फिफ्थ जेनरेशन फाइटर जेट हैं. एक जे-20 है जो चीन ने कुछ साल पहले तैयार किया था और अब अपग्रेड करने के बाद भारत से सटी वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के करीब एयरबेस पर भारी संख्या में तैनात किए हैं. इसके अलावा 2024 में चीन ने दूसरा स्टील्थ फाइटर जेट जे-30 बनाकर तैयार किया है.
जे-30 फाइटर जेट को लेकर चीन और पाकिस्तान में एक गुपचुप सौदा हुआ है. सौदे के तहत अगले कुछ महीनों में पाकिस्तान को चीन से 40 जे-30 स्टील्थ लड़ाकू विमान मिलने जा रहे हैं. एयर चीफ मार्शल के मुताबिक, भारतीय वायुसेना इस बात से अवगत है कि पाकिस्तान को चीन से पांचवीं श्रेणी के लड़ाकू विमान मिलने जा रहे हैं.
वायुसेना प्रमुख के मुताबिक, महज उन्नत तकनीक से कोई भी वायुसेना श्रेष्ठ नहीं बनती है. इस टेक्नोलॉजी को बाकी सैन्य साजों सामान से इंटीग्रेट करना आवश्यक है. एयर चीफ के मुताबिक, जब तक ये गैप नहीं भरा जाता, पाकिस्तान पर भारतीय वायुसेना की बढ़त बनी रहेगी.
एमका में देरी, वायुसेना प्रमुख ने बाहर से खरीदने का दिया इशारा
एयर चीफ के मुताबिक, स्वदेशी स्टील्थ फाइटर जेट एमका (एडवांस मीडिया कॉम्बैट एयरक्राफ्ट) को बनने में अभी थोड़ा वक्त लग सकता है. ऐसे में भारतीय वायुसेना के लिए चीन और पाकिस्तान, दोनों के पास फिफ्थ जेनरेशन एयरक्राफ्ट, थोड़ा चिंता जरूर पैदा करता है. एयर चीफ ने साफ तौर से कहा कि भारत को किसी विदेशी स्टील्थ फाइटर जेट से लेने पर विचार करना चाहिए.
ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान के चीनी माल का निकल गया था दम
एयर चीफ मार्शल ने हालांकि ये भी कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी पाकिस्तान के जंगी बेड़े में चीनी सैन्य साजो सामान थे, फिर भी पाकिस्तानी वायुसेना को जबरदस्त नुकसान उठाना पड़ा था. वायुसेना प्रमुख के मुताबिक, महज उन्नत तकनीक से कोई भी वायुसेना श्रेष्ठ नहीं बनती है. इस टेक्नोलॉजी को बाकी सैन्य साजों सामान से इंटीग्रेट करना आवश्यक है. एयर चीफ के मुताबिक, जब तक ये गैप नहीं भरा जाता, पाकिस्तान पर भारतीय वायुसेना की बढ़त बनी रहेगी.


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