भारत के दौरे पर आए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने पाकिस्तान में फल-फूल रहे आतंकवाद पर चिंता जताई है. और पाकिस्तान को झटका देते हुए भारत की आपत्तियों को सही बताया है. मार्को रुबियो ने माना है कि पाकिस्तान से आर्म्ड आतंकवाद भारत में भेजा जा रहा है और आम लोगों को निशाना बनाया जाता है.
तो वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत को हेलहोल वाली आपत्तिजनक टिप्पणी से रुबियो किनारा करते नजर आए. अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारत को नरक का दरवाजा कहे जाने वाले बयान को टालते हुए कहा, मुझे नहीं पता कि इसका मैं क्या जवाब दूं, लेकिन मैं इसे बहुत गंभीरता से लूंगा. दुनिया में हर जगह कुछ बेवकूफ लोग हो सकते हैं. मुझे यकीन है कि कुछ लोगों ने ऐसी टिप्पणियां जरूर की होंगी.
पिछले महीने अप्रैल में अमेरिकी रेडियो होस्ट माइकल सैवेज ने एक इमिग्रेशन पर एक विवादित पोस्ट किया था, जिसमें भारत-चीन को हेलहोल (नरक का दरवाजा) बताया गया था. विवाद तब बढ़ गया जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने माइकल सैवेज के इस विवादित पोस्ट को रीपोस्ट कर दिया. जिसके बाद भारतीय विदेश मंत्रालय ने कड़ी आपत्ति जताते भारत के लिए किए गए पोस्ट को तथ्यहीन, अनुचित और अशोभनीय करार दिया था.
दुनिया में बहुत से बेवकूफ लोग हैं: मार्को रुबियो
अमेरिका में भारतीयों के खिलाफ कथित नस्लीय टिप्पणियों को लेकर सवाल पूछे जाने पर नई दिल्ली से मार्को रुबियो ने बड़ा बयान दिया है. रुबियो ने अमेरिका का बचाव करते हुए कहा कि हर देश में बेवकूफ लोग होते हैं.
भारत को हेलहोल बोले जाने के सवाल पर अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियों ने कहा, “मुझे नहीं पता कि इसका मैं क्या जवाब दूं, मुझे यकीन है कि कुछ लोगों ने ऑनलाइन और बाकी जगहों पर ऐसी टिप्पणियां की होंगी, क्योंकि दुनिया के हर देश में बेवकूफ लोग होते हैं. मुझे यकीन है कि यहां भी बेवकूफ लोग हैं और अमेरिका में भी बेवकूफ लोग हैं, जो हर समय बेवकूफी भरी बातें करते रहते हैं.”
भारत को अमेरिका-ईरान के बीच पाकिस्तानी मध्यस्थता पर आपत्ति नहीं: मार्को रुबियो
मार्को रुबियो ने पाकिस्तान से ऑपरेट होने वाले आतंकी संगठनों पर चिंता जताई है. लेकिन कहा कि भारत को ईरान के साथ पाकिस्तान की मध्यस्थता में कोई दिक्कत नहीं. मार्को रुबियो ने कहा, भारत हमेशा इस बात की ओर इशारा करता है कि पाकिस्तानी क्षेत्र से सशस्त्र आतंकवादी समूह सक्रिय हैं जो भारत को निशाना बनाते हैं. वे हमेशा इसको लेकर चिंतित रहते हैं. लेकिन ईरान की स्थिति में मध्यस्थ और सुविधाकर्ता के रूप में उनकी जो भूमिका रही, उसका जिक्र कभी नहीं आया. मुझे नहीं लगता कि भारत इस पर शिकायत करेगा.
दरअसल रुबियो से पूछा गया था, क्या भारत ने अमेरिका-ईरान संघर्ष में पाकिस्तान की मध्यस्थ भूमिका को लेकर कोई आपत्ति व्यक्त की है?
इस सवाल पर जवाब देते हुए रुबियो बोले, भारत ने पाकिस्तान की मध्यस्थता को लेकर कोई मुद्दा नहीं उठाया है और न ही कोई चिंता जाहिर की है. लेकिन भारत हमेशा इस बात पर जोर देता है कि पाकिस्तानी क्षेत्र से सशस्त्र आतंकवादी समूह सक्रिय हैं जो भारत को निशाना बनाते हैं और यह जाहिर भी है. अमेरिका हमेशा से आतंकवाद के खिलाफ रहा है और आगे भी रहेगा.
एनएसए अजीत डोवल और मार्को रुबियो की बैठक
एस जयशंकर की बैठक से इतर एनएसए अजीत डोवल ने भी मार्को रुबियो के साथ बैठक की है. ये बैठक इसलिए अहम है, क्योंकि एनएसए ने आतंकवाद के मुद्दे पर रुबियो से बात की है. एनएसए डोवल ने बताया कि पाकिस्तान में मौजूद आतंकी नेटवर्क लगातार एक्टिव हैं. इसकी वजह से अफगानिस्तान और दक्षिण एशिया के पूरे क्षेत्र में स्थिरता बनी हुई है.
डोवल ने बातचीत के दौरान आतंकवाद के मुद्दे पर भारत का रुख साफ किया. और कहा, कि भारत की आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति है. ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए डोवल ने साफ कहा है कि भारत सख्त एक्शन लेगा और सीधे कार्रवाई करेगा.

