इजरायल-हमास युद्ध के बीच अरब सागर में समुद्री-दस्यु के खिलाफ भारतीय नौसेना एक बड़े ऑपरेशन में जुट गई है. यूरोपीय देश माल्टा के एक मालवाहक जहाज को सोमालियाई लुटेरों ने हाईजैक कर लिया है. भारतीय नौसेना का एक युद्धपोत और टोही विमान हाईजैक हुए जहाज के खिलाफ जल्द बड़ा एक्शन लेने जा रही है.
भारतीय नौसेना के प्रवक्ता कमांडर विवेक मधवाल के मुताबिक, “14 दिसंबर को मालटा का एमवी रियून जहाज को अदन की खाड़ी में हाईजैक होने की खबर मिली थी. इस जहाज ने सबसे पहले यूकेएमटीओ (यूनाइटेड किंगडम मरीन ट्रेड ऑपरेशन) को ‘मेयडे’ मैसेज (डिस्ट्रेस-अलर्ट) जारी किया था. हिंद महासागर क्षेत्र की सुरक्षा के फर्स्ट-रेस्पॉन्डर के तौर पर भारतीय नौसेना ने इस कॉल को गंभीरता से लेते हुए ऑपरेशन शुरु कर दिया.”
नौसेना के मुताबिक, हाईजैक जहाज की तलाश के लिए सबसे एक मेरीटाइम सर्विलांस एयरक्राफ्ट को भेजा गया. 15 दिसंबर की सुबह को टोही विमान ने जहाज की तस्वीरें नौसेना को भेजी, जिसके बाद अरब सागर में एंटी-पायरेसी पेट्रोल में तैनात एक भारतीय युद्धपोत को वहां भेजा गया. क्योंकि समुद्री-लुटेरे इस जहाज को सोमालिया ले जा रहे हैं ऐसे में टोही विमान इस जहाज पर लगातार नजर बनाए हुए हैं.
16 दिसंबर की सुबह भारतीय नौसेना का युद्धपोत बंधक बनाए गए जहाज के बेहद करीब पहुंच चुका है. हालांकि, इंडियन नेवी की तरफ से समुद्री-लुटेरों के खिलाफ कैसी कार्रवाई की जाएगी इसके बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है लेकिन माना जा रहा है कि मरीन-कमांडो कोई बड़ा ऑपरेशन कर सकते हैं. सबसे पहले सोमालियाई लुटेरों को सरेंडर करने का विकल्प दिया जाएगा. अगर हाईजैकर्स ने नौसेना का आदेश नहीं माना तो एक बड़ी कार्रवाई की पूरी संभावना है.
कमांडर मधवाल के मुताबिक, भारतीय नौसेना इस क्षेत्र में फर्स्ट-रेस्पॉन्डर के तहत सभी व्यापारिक जहाज की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है. साथ ही इंटरनेशनल पार्टनर्स और मित्र-देशों के मदद के लिए हमेशा तैयार रहती है.
दरअसल, जब से इजरायल-हमास युद्ध शुरु हुआ है तभी से यमन के हूती विद्रोहियों ने कई व्यापारिक जहाज को निशाना बनाया है या फिर अगवा कर लिया है. यही वजह है कि भारतीय नौसेना अरब सागर में पूरी तरह चौकन्ना है.


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