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ईरान की लेडी ब्रिगेड तैयार, अमेरिकी सैनिकों के पकड़ने पर इनाम

ईरान ने अमेरिकी सैनिक को मारने या पकड़कर सौंपने वाले व्यक्ति को इनाम देने का एलान किया है. ये पुरस्कार ईरानी सेना प्रमुख की ओर से रखा गया है. ईरानी सेना प्रमुख अमीर हातिमी ने कहा है कि अगर अमेरिकी सैनिकों को पकड़ने या मारने का काम कोई ईरानी महिला करती है तो इनाम दोगुना होकर मिलेगा.

ईरान और अमेरिका के बीच होर्मुज को लेकर घमासान मचा हुआ है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हरी झंडी दिखाते ही ईरान में अमेरिकी सेना का ग्राउंड एक्शन शुरु हो जाएगा. इसी ग्राउंड एक्शन से मुकाबला करने के लिए ईरान ने अपने नागरिकों को तैयार करना शुरु कर दिया है.

इससे पहले ईरानी सैनिकों को अमेरिकी सैनिकों का हाथ काट लेने का निर्देश दिया गा था. ईरानी सेना प्रमुख ने अपने सैनिकों से कहा था कि अगर अमेरिकी सैनिक ईरान की धरती पर कदम रखे तो ऐसा हश्र किया जाए कि अमेरिका कांप उठे.

ईरान के सेना प्रमुख ने रखा अमेरिकी सैनिकों पर इनाम

अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य संघर्ष के बीच ईरान ने अमेरिकी सैनिकों को पकड़ने या फिर मारने का फरमान जारी किया है. आर्मी चीफ के मुताबिक अगर कोई अमेरिकी सैनिकों को पकड़ता या मारता है तो ईरानी पुरुषों को करीब 28 लाख रु से अधिक मिलेंगे.

जनरल अमीर हातिमी ने कहा है कि अगर यह काम कोई ईरानी महिला करती है तो इनाम दोगुना होकर करीब 57.2 लाख रुपये होगा.

हातिमी ने कहा कि इस योजना को बड़ी संख्या में मिले अनुरोधों और लोगों की ओर से मिल रहे समर्थन के बाद तैयार किया गया है. हालांकि जनरल हातिमी ने इनाम की घोषणा करते हुए कार्रवाई की कोई जगह या समय नहीं बताया.

अमेरिका और ईरान के बीच 28 फरवरी से ही सैन्य तनाव है. अमेरिका और इजरायल ने एयरस्ट्राइक करके ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई को मार दिया था. कई सैन्य अधिकारी और यहां तक की एनएसए अली लारीजानी की मौत के बाद भी ईरान झुका नहीं, लगातार अमेरिका के नाक में दम किए हुए है. ईरान ने हॉर्मुज में व्यावसायिक जहाजों की आवाजाही पर भी प्रभावी रूप से रोक लगा दी है तो वहीं अमेरिका दावा कर रहा है कि होर्मुज पर उसका कब्जा है.

अमेरिका से कोई बातचीत नहीं, सोमवार को खत्म डील

अमेरिका और ईरान के बीच लड़ाई खत्म कराने के लिए 17 जून को साइन हुआ एमओयू सोमवार को खत्म हो रहा है. ईरान की ओर से बातचीत के कोई संकेत नहीं दिए गए हैं. अमेरिका और ईरान दोनों एक दूसरे पर समझौते के उल्लंघन का आरोप लगा रहे हैं.

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने पिछले सप्ताह कहा कि “अमेरिका के साथ बातचीत दोबारा शुरू करने पर अभी कोई फैसला नहीं हुआ है.”

अराघची ने बताया कि “ईरान ओमान के साथ स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में नए जहाज मार्गों को लेकर अलग समझौते पर काम कर रहा है.”

आपको बता दें कि ट्रंप और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान के बीच 17 जून को समझौता हुआ था. इस मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग के तहत अमेरिका-ईरान ने सैन्य कार्रवाई को तत्काल और स्थायी रूप से खत्म करने की बात कही थी. समझौते में अधिकतम 60 दिनों के भीतर एक अंतिम समझौता करने पर जोर दिया गया था.

अमेरिका को 30 दिनों में होर्मुज में अपनी नौसैनिक नाकाबंदी खत्म करनी थी और अंतिम समझौते के बाद ईरान के आसपास से अपनी सेना हटानी थी. वॉशिंगटन को ईरान के पुनर्निर्माण के लिए कम से कम 300 अरब डॉलर के पैकेज पर काम करने, प्रतिबंध हटाने और ईरानी तेल निर्यात के लिए छूट देनी थी. तो ईरान को होर्मुज से समुद्री बारूदी सुरंगें हटानी थीं और 60 दिनों तक जहाजों को बिना शुल्क जाने देने को कहा गया था. इस समझौते पर ईरानी न्यूक्लियर पावर को लेकर भी शर्तें थीं.

कुल मिलाकर ये समझौता फेल रहा है. माना जा रहा है कि अगर दोनों पक्षों में फिर बातचीत नहीं हुई तो मिडिल ईस्ट में भयंकर तबाही मचेगी.

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