लेबनान में इजरायल और हिजबुल्लाह की जंग के बीच भारतीय सेना ने बैटलफील्ड में तिरंगा लहराया है. मौका था 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह का. इजरायल और लेबनान के बॉर्डर पर तैनात यूएन पीस कीपिंग फोर्स (सयुक्त राष्ट्र शांति सेना) में इस वक्त भारतीय सेना की एक राजपूत बटालियन तैनात है. ऐसे में बटालियन ने जंग के मैदान में ही स्वतंत्रता दिवस मनाया और शान से राष्ट्रीय ध्वज (तिरंगा) भी फहराया.
भारत के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, भारतीय सेना की 4 राजपूत (यूनिट) इस वक्त यूएन फोर्स का हिस्सा है. इस फोर्स को यूनाइटेड नेंशस अंतरिम फोर्स इन लेबनान (यूएनआईएफएल) के नाम से जाना जाता है.
यूएन के 1701 प्रस्ताव के तहत इजरायल और हिज्बुल्लाह के बीच वर्ष 2006 में (लेबनान युद्ध) के दौरान युद्धविराम स्थापित किया गया था. प्रस्ताव के तहत इजरायल और लेबनान की सीमा पर एक ब्लू लाइन खींची गई है जहां यूएन पीसकीपिंग फोर्स तैनात है.
दक्षिणी लेबनान में इजरायली फोर्सेज और हिजबुल्लाह के बीच घमासान
यूएनआईएफएल में अलग-अलग देशों की सेनाओं की टुकड़ियां इजरायल-लेबनान सीमा पर तैनात रहती हैं. यूएन फोर्स के तैनात रहने के चलते ही इजरायल-लेबनान सीमा को ब्लू-लाइन के नाम से भी जाना जाता है. लेकिन 2024 में लेबनान में ईरान समर्थित हिजबुल्लाह के खिलाफ जंग छेड़ने पर इजरायली डिफेंस फोर्सेज (आईडीएफ) ने ब्लू लाइन पार कर दी थी. तभी से आईडीएफ और हिजबुल्लाह के बीच जबरदस्त घमासान चल रहा है. ईरान जंग शुरु होने के बाद (28 फरवरी) से आईडीएफ ने हिजबुल्लाह के खिलाफ ऑपरेशन बेहद तेज कर दिए हैं.
इजरायली प्रधानमंत्री बेनजामिन नेतन्याहू ने ऐलान किया है कि हिजबुल्लाह के खात्मे के बाद दक्षिणी लेबनान में 35 किलोमीटर अंदर तक एक बफर जोन बनाया जाएगा. ऐसे में यूएनआईएफआईएल के ठिकाने और सैनिक भी आईडीएफ और हिजब्बुलाह के बीच चल रही जंग की चपेट में आए हैं. इस सबके बावजूद यूएनआईएफआईएल मजबूती से ग्राउंड पर डटा है.
जंग के बीच में भारतीय सेना की राजपूत बटालियन ने स्वतंत्रता दिवस समारोह का आयोजन किया. इस आयोजन में यूएनआईएफआईएल के फोर्स कमांडर सहित लेबनान में भारतीय राजदूत और भारत में लेबनान के राजदूत में शामिल हुए. समारोह के दौरान, भारतीय सैनिकों ने रंगारंग कार्यक्रम का आयोजन किया और अपनी सैन्य क्षमताओं का प्रदर्शन किया. (https://www.instagram.com/reel/DcK4fOmxNrT/?igsh=MTJ3NHhsdHM3djlrbQ==)

